Mukhyamantri Suposhan Nutri Kit Yojana: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट योजना को लेकर भजनलाल सरकार पर सवाल उठाए हैं। गहलोत का आरोप है कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र भरतपुर में ही बड़ी संख्या में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को अब तक योजना के तहत पोषण किट नहीं मिल सकी है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
गहलोत ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भरतपुर में 2,200 महिलाओं के लिए न्यूट्री किट की मांग भेजी गई थी, लेकिन जनवरी 2026 में पहली खेप में केवल 844 किट पहुंचीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब भी 1,411 पंजीकृत गर्भवती महिलाएं किट से वंचित हैं और इनमें करीब 70 प्रतिशत एनीमिया से प्रभावित हैं। ये आंकड़े गहलोत की ओर से साझा किए गए हैं; इनकी अलग से किसी सार्वजनिक सरकारी जिला रिपोर्ट में पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
Mukhyamantri Suposhan Nutri Kit Yojana पर गहलोत ने क्या कहा?
अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त पोषण देने के लिए यह योजना घोषित की थी, लेकिन उनके मुताबिक भरतपुर में योजना का पूरा लाभ महिलाओं तक नहीं पहुंच रहा है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किट की आपूर्ति के लिए लगातार रिमाइंडर भेज रहे हैं, इसके बावजूद आवश्यक संख्या में किट नहीं पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री से जुड़े जिले में ऐसी स्थिति है तो राज्य के दूसरे हिस्सों में योजना की स्थिति पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने इस स्थिति को मां और नवजात के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
यह गहलोत का राजनीतिक आरोप है। 4 अक्टूबर तक इस विशेष भरतपुर संबंधी आरोप पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया खोज परिणामों में सामने नहीं आई।
Suposhan Nutri Kit Yojana: बजट में क्या था योजना का लक्ष्य?
राजस्थान सरकार के आधिकारिक 2025-26 बजट प्रेस नोट में मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट योजना की घोषणा दर्ज है।
सरकार ने कहा था कि गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना लागू की जाएगी और करीब 2 लाख 35 हजार गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ दिया जाएगा।
योजना का फोकस गर्भावस्था के अंतिम महीनों में महिलाओं को अतिरिक्त पोषण देना है। राज्य की आर्थिक समीक्षा में भी 2.35 लाख गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण किट उपलब्ध कराने का लक्ष्य दर्ज है।
इसलिए इसे केवल भरतपुर की योजना के रूप में नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए घोषित राज्यव्यापी कार्यक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए।
Suposhan Nutri Kit Yojana: न्यूट्री किट में क्या मिलता है?
योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण से भरपूर छह तरह की खाद्य सामग्री देने की व्यवस्था बताई गई है।
उपलब्ध योजना विवरण के मुताबिक एक किट में करीब एक किलो देसी घी, 500 ग्राम खजूर, 500 ग्राम भुनी मूंगफली, 500 ग्राम भुना चना, 500 ग्राम गुड़ और 100 ग्राम मखाना शामिल है। कुल मात्रा लगभग 3.1 किलो होती है।
इन खाद्य पदार्थों का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के आहार में अतिरिक्त ऊर्जा, प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्व जोड़ना है।
Suposhan Nutri Kit Yojana: पांचवें से नौवें महीने के बीच लाभ
योजना की रूपरेखा के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के पांचवें से नौवें महीने के बीच पोषण सहायता उपलब्ध कराई जानी है।
सरकार ने योजना के लिए 2.35 लाख किट की खरीद को लेकर लगभग 25 करोड़ रुपए मूल्य की खरीद प्रक्रिया भी शुरू की थी। राजस्थान ICDS की सितंबर 2025 की निविदा में 2,35,000 न्यूट्री किट खरीदने का उल्लेख मिलता है।
इससे स्पष्ट है कि योजना का प्रारंभिक लक्ष्य बड़े स्तर पर लाभार्थियों तक पहुंचने का था।
844 किट और 1,411 महिलाओं का दावा क्यों अहम?
गहलोत की ओर से रखे गए आंकड़े सही साबित होते हैं तो भरतपुर में मांग और वास्तविक आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।
उनके मुताबिक 2,200 लाभार्थियों के लिए मांग के मुकाबले पहली खेप में केवल 844 किट आईं। इसके बाद भी 1,411 पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को किट नहीं मिलने का दावा किया गया है।
हालांकि इन दोनों आंकड़ों की तुलना करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि लाभार्थियों की संख्या समय के साथ पंजीकरण, गर्भावस्था की अवधि और पात्रता के कारण बदल सकती है। इसलिए जिला प्रशासन या महिला एवं बाल विकास विभाग का विस्तृत डेटा सामने आने पर ही वास्तविक shortfall पूरी तरह स्पष्ट होगा।
Suposhan Nutri Kit Yojana: एनीमिया के आंकड़े पर भी उठाया सवाल
अशोक गहलोत ने दावा किया कि न्यूट्री किट से वंचित 1,411 पंजीकृत महिलाओं में करीब 70 प्रतिशत एनीमिक हैं।
एनीमिया गर्भावस्था के दौरान महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दा है, इसलिए यदि जिला स्तर का यह आंकड़ा आधिकारिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड से पुष्ट होता है तो किट वितरण में देरी का सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है।
फिलहाल 70 प्रतिशत वाला आंकड़ा गहलोत के बयान से सामने आया है और इसकी स्वतंत्र सार्वजनिक सरकारी पुष्टि नहीं मिली है।
Suposhan Nutri Kit Yojana: सरकार ने पोषण योजनाओं पर क्या कहा है?
राज्य सरकार का कहना है कि मातृ एवं शिशु पोषण के क्षेत्र में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना और अन्य महिला-बाल विकास कार्यक्रमों के तहत लाभार्थियों और DBT का जिक्र किया था। सरकार ने राजस्थान के पोषण कार्यक्रमों के राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का भी उल्लेख किया था।
हालांकि ये राज्यव्यापी उपलब्धियां भरतपुर में सुपोषण न्यूट्री-किट की उपलब्धता पर गहलोत की ओर से उठाए गए विशेष सवाल का सीधा जवाब नहीं हैं।
Suposhan Nutri Kit Yojana: अब सरकार के जवाब पर नजर
Mukhyamantri Suposhan Nutri Kit Yojana को लेकर अब मुख्य सवाल यह है कि भरतपुर में वास्तव में कितनी महिलाएं पात्र हैं, अब तक कितनी किट मिलीं और कितनी महिलाओं तक वितरण हो चुका है।
गहलोत ने 844 किट की पहली खेप, 1,411 लंबित लाभार्थियों और 70 प्रतिशत एनीमिया के आंकड़े पेश कर सरकार से जवाब मांगा है। दूसरी ओर आधिकारिक बजट दस्तावेज पुष्टि करते हैं कि योजना का राज्यव्यापी लक्ष्य करीब 2.35 लाख गर्भवती महिलाओं तक अतिरिक्त पोषण पहुंचाना था।
अब संबंधित विभाग की भरतपुर-वार वितरण रिपोर्ट या सरकार का औपचारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर ही यह साफ होगा कि योजना की घोषणा और जमीनी वितरण के बीच कितना अंतर है।
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