Karauli Crime: राजस्थान के करौली जिले में पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गढ़मोरा गांव में 78 वर्षीय मनोहर मीणा की मौत हो गई। मृतक की पुत्रवधू ने पुलिस को दी रिपोर्ट में उनके सगे छोटे भाई शिवराम मीणा और परिवार के अन्य सदस्यों पर ट्रैक्टर से टक्कर मारने और इसके बाद लाठियों व अन्य हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया है।
घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप है कि विवाद और धमकियों की शिकायत पहले भी पुलिस को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते परिवार ने पोस्टमार्टम कराने और शव लेने से इनकार कर दिया तथा पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना दिया।
इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने-आप उसकी दोषसिद्धि नहीं है।
Karauli Crime: खेत पर काम कर रहे थे मनोहर मीणा
मृतक की पुत्रवधू रेशमा देवी की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक परिवार का चाचा ससुर शिवराम मीणा के साथ करीब दस साल से पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर विवाद चल रहा था।
आरोप है कि पिछले करीब एक महीने से परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इस संबंध में गढ़मोरा थाने में पहले भी शिकायतें देने का दावा किया गया है।
रेशमा देवी का कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी परिवार की ओर से पुलिस थाने में शिकायत दी गई थी।
Karauli Crime: छोटे भाई पर ट्रैक्टर से टक्कर मारने का आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे मनोहर मीणा खेत पर काम कर रहे थे।
इसी दौरान उनके छोटे भाई शिवराम मीणा वहां पहुंचे और कथित तौर पर ट्रैक्टर से मनोहर को टक्कर मार दी।
पुत्रवधू का आरोप है कि इसके बाद शिवराम के साथ उनकी पत्नी धनबाई, पुत्र दीपेंद्र, पुत्रवधू संतोष और अन्य लोगों ने लाठी तथा धारदार हथियारों से मनोहर पर हमला किया।
परिवार का दावा है कि हमले में गंभीर चोट लगने से मनोहर की मौके पर ही मौत हो गई।
ये आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। घटना का वास्तविक क्रम पुलिस जांच, पोस्टमार्टम और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगा।
Karauli Crime: बचाने पहुंचे परिवार पर भी हमले का आरोप
रेशमा देवी के मुताबिक शोर सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की और वहां से चले गए।
इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
गढ़मोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मनोहर मीणा को गुढ़ाचंद्रजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
वहां चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया।
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार
Karauli Crime मामले में युवक नहीं बल्कि 78 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार का गुस्सा पुलिस पर भी फूट पड़ा।
शाम को मृतक के दोनों बेटे अस्पताल पहुंचे। परिवार के अनुसार बड़ा बेटा नमोनारायण मीणा दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा संजय मीणा भरतपुर में पटवारी है।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे।
परिवार ने आरोप लगाया कि भूमि विवाद और धमकियों को लेकर पहले से शिकायतें देने के बावजूद पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
इसी आधार पर परिजनों ने पहले शव लेने और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
Karauli Crime: पुलिस स्टाफ पर कार्रवाई की मांग
परिवार और ग्रामीणों ने गढ़मोरा थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने की मांग रखी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि पहले दी गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई हुई होती तो संभवतः विवाद इस स्तर तक नहीं पहुंचता।
हालांकि पुलिस की ओर से पूर्व शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी और क्या किसी तरह की preventive action ली गई थी, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
इसी कारण पुलिस की कथित लापरवाही को इस समय स्थापित तथ्य के बजाय परिवार का आरोप ही माना जाना चाहिए।
Karauli Crime: देर रात तक चलता रहा समझाइश का दौर
घटना के बाद स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल कुमार, टोडाभीम पुलिस उपाधीक्षक भंवरलाल बुनकर और आसपास के पुलिस थानों का जाप्ता अस्पताल क्षेत्र में मौजूद रहा।
गढ़मोरा के अलावा नादौती, बालघाट और टोडाभीम क्षेत्र से भी पुलिसकर्मियों को बुलाया गया।
अधिकारियों ने परिजनों से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बातचीत की।
Karauli Crime: पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
टोडाभीम पुलिस उपाधीक्षक भंवरलाल बुनकर के मुताबिक मृतक की पुत्रवधू की ओर से दी गई रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जाएगी।
जांच में भूमि विवाद की पृष्ठभूमि, पहले दी गई शिकायतें, घटना के समय मौजूद लोगों के बयान, मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।
Karauli Crime: करीब 10 साल पुराना बताया जा रहा भूमि विवाद
इस मामले की पृष्ठभूमि में परिवार के भीतर लंबे समय से चला आ रहा कृषि भूमि विवाद बताया जा रहा है।
FIR के अनुसार दोनों सगे भाइयों के परिवारों के बीच लगभग दस वर्षों से जमीन को लेकर विवाद था।
अगर पूर्व में दी गई शिकायतों का रिकॉर्ड मिलता है तो वह जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि विवाद पहले किस स्तर तक पहुंच चुका था और पुलिस के संज्ञान में क्या जानकारी थी।
Karauli Crime: पुलिस जांच से स्पष्ट होगी पूरी कहानी
Karauli Crime के इस मामले में फिलहाल सबसे गंभीर आरोप मृतक के सगे छोटे भाई और उसके परिवार पर लगाए गए हैं।
परिवार का आरोप है कि पहले ट्रैक्टर से टक्कर मारी गई और फिर हमला किया गया। इसके साथ ही परिवार पुलिस पर पूर्व शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है।
लेकिन हत्या की परिस्थितियां, प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका और पुलिस की ओर से पूर्व शिकायतों पर की गई कार्रवाई का वास्तविक विवरण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिवार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस की भूमिका की भी जांच की मांग कर रहा है।
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