Rajasthan Congress: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही कांग्रेस संगठन ने हालिया नगरीय निकाय चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले नेताओं-पार्षदों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय कमेटी को अलग-अलग जिलों से 100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। शुक्रवार को कमेटी की बैठक में इन शिकायतों और अब तक की जांच पर चर्चा होनी है।
शिकायतों में कथित क्रॉस वोटिंग, पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने, महापौर-उपमहापौर चुनाव में पार्टी लाइन से अलग मतदान करने और कुछ जगह अधिकृत या समर्थित प्रत्याशियों के नाम वापस लेने जैसे मामले शामिल हैं।
कांग्रेस अब पंचायत चुनाव के दौरान इन मामलों में कार्रवाई कर संगठन में अनुशासन का संदेश देना चाहती है।
Rajasthan Congress को मिलीं 100 से ज्यादा शिकायतें
Rajasthan Congress, सी.पी. जोशी की अध्यक्षता वाली कमेटी के पास भीलवाड़ा, पाली, धौलपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा सहित कई नगर निकायों से शिकायतें पहुंची हैं।
पत्रिका की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इनकी संख्या 100 से अधिक है। गंभीर मामलों में शिकायत करने वाले नेताओं और जिन नेताओं या पार्षदों पर आरोप हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जा रहा है।
हालांकि दूसरी रिपोर्टों में दायरा इससे भी बड़ा बताया गया है। Indian Express ने पार्टी सूत्रों के हवाले से लिखा कि 400 से अधिक कांग्रेस पार्षदों की भूमिका जांच के घेरे में हो सकती है, क्योंकि कई निकायों में कांग्रेस सिंबल पर चुनाव जीतने के बाद BJP समर्थित उम्मीदवारों को वोट देने की आशंका जताई गई है।
यहां 100+ का आंकड़ा मिली शिकायतों से जुड़ा है, जबकि 400+ संख्या संभावित जांच दायरे में आए पार्षदों की बताई गई है। दोनों को एक ही आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
Rajasthan Congress: CP Joshi की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बनाई है।
कमेटी में राम सिंह कस्वां, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, प्रमोद जैन भाया, शकुंतला रावत, हकीम अली, गणेश घोगरा और रघुवीर सिंह राठौड़ शामिल हैं।
कमेटी को सात दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को यह अवधि पूरी हो रही है।
भीलवाड़ा, पाली और भरतपुर सहित कई जगहों से आई शिकायतों की शुरुआती जांच पूरी होने की जानकारी भी सामने आई है।
Rajasthan Congress: निकाय चुनाव में कांग्रेस क्यों कर रही है जांच?
हालिया नगर निकाय चुनाव में कई जगह कांग्रेस को पार्टी के भीतर बगावत और क्रॉस वोटिंग जैसी शिकायतों का सामना करना पड़ा।
भीलवाड़ा में पार्टी उम्मीदवारों को समय पर चुनाव चिन्ह नहीं मिलने का विवाद भी सामने आया था। इसके अलावा महापौर और उपमहापौर चुनावों में कांग्रेस पार्षदों के कथित तौर पर पार्टी लाइन से अलग मतदान करने की शिकायतें प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचीं।
मामला कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचा और पार्टी ने प्रदेश इकाई से अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह तय किया जाएगा कि किन मामलों में केवल चेतावनी, कारण बताओ नोटिस, निलंबन या दूसरी संगठनात्मक कार्रवाई की जरूरत है।
किसी शिकायत का मिलना अपने-आप संबंधित नेता या पार्षद की अनुशासनहीनता साबित नहीं करता। अंतिम फैसला जांच और संबंधित व्यक्ति के पक्ष को सुनने के बाद होगा।

Rajasthan Congress: विश्वेंद्र सिंह के नोटिस की अवधि भी पूरी
Rajasthan Congress में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह से जुड़ा विवाद भी इसी दौरान जारी है।
प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने 3 अक्टूबर को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा था। नोटिस में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भरतपुर-डीग के जिलाध्यक्षों के खिलाफ सार्वजनिक बयान सहित कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
9 अक्टूबर को सात दिन की अवधि पूरी हो रही है।
हालांकि जवाब को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। पत्रिका ने शुक्रवार सुबह रिपोर्ट किया कि कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है। दूसरी तरफ विश्वेंद्र सिंह ने एक दिन पहले कहा कि वह अपनी Facebook पोस्ट के जरिए नोटिस का जवाब दे चुके हैं।
अब अनुशासन समिति को तय करना होगा कि उनकी सोशल मीडिया प्रतिक्रिया को औपचारिक जवाब माना जाता है या आगे कोई कार्रवाई की जाती है।
Rajasthan Congress: पंचायत चुनाव के लिए 20 नेताओं की Campaign Committee
निकाय चुनाव की शिकायतों पर कार्रवाई की तैयारी के साथ कांग्रेस ने पंचायत चुनाव के लिए अपनी चुनावी टीम भी तैयार कर ली है।
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से 20 सदस्यीय Campaign Committee बनाई गई है। इसमें प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और AICC महासचिव सचिन पायलट को प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है।
कमेटी में सी.पी. जोशी, जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, नीरज डांगी, रामकेश मीणा, रफीक खान, उदयलाल आंजना, प्रमोद जैन भाया, शाले मोहम्मद, प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत, ममता भूपेश, गणेश घोगरा, हरसहाय यादव, एम.डी. चोपदार और सी.बी. यादव भी शामिल हैं।
कांग्रेस ने पंचायत चुनाव की रणनीति को लेकर वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी की है, जिसमें एकजुट होकर चुनाव लड़ने और गांव स्तर तक प्रचार अभियान पहुंचाने पर चर्चा हुई।
Rajasthan Congress: पंचायत चुनाव का कार्यक्रम हो चुका है घोषित
राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव चार चरणों में कराने का कार्यक्रम घोषित किया है और नामांकन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। अंतिम चुनावी प्रक्रिया के बाद 25 नवंबर तक परिणाम और संबंधित प्रमुख पदों की तस्वीर साफ होने का कार्यक्रम है।
ऐसे में कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ निकाय चुनाव के दौरान सामने आई कथित बगावत पर संगठनात्मक कार्रवाई करना और दूसरी तरफ पंचायत चुनाव में नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना।
Rajasthan Congress के लिए अनुशासन और चुनाव दोनों चुनौती
निकाय चुनाव के बाद Rajasthan Congress में क्रॉस वोटिंग, टिकट वितरण, स्थानीय नेताओं की नाराजगी और विश्वेंद्र सिंह प्रकरण जैसे कई संगठनात्मक विवाद सामने आए हैं।
इसी बीच पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पार्टी नेतृत्व का प्रयास है कि निकाय चुनाव से जुड़े विवादों पर जल्द फैसला कर पंचायत चुनाव में असंतोष को आगे बढ़ने से रोका जाए।
अब सबसे ज्यादा नजर सी.पी. जोशी कमेटी की रिपोर्ट और विश्वेंद्र सिंह मामले में अनुशासन समिति के अगले कदम पर रहेगी। इन दोनों फैसलों से यह संकेत भी मिलेगा कि पंचायत चुनाव के बीच कांग्रेस पार्टी लाइन से अलग जाने वाले नेताओं को लेकर कितनी सख्ती अपनाती है।
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