जयपुर। Rajasthan Panchayat Election से पहले राजस्थान की राजनीति में दलबदल का घटनाक्रम तेज हो गया है। करौली, दौसा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया।
पंचायत चुनाव से पहले हुई इस राजनीतिक गतिविधि को कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NDTV राजस्थान की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, कोटपूतली और दौसा क्षेत्र के कई नेता कांग्रेस में शामिल हुए। हालांकि, इस घटनाक्रम से चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी।
Rajasthan Panchayat Election से पहले जयपुर में ज्वाइनिंग
जयपुर में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में गोविंद सिंह डोटासरा ने नए नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराया। इस दौरान दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर और रामस्वरूप कसाना सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस में शामिल होने वालों में कोटपूतली क्षेत्र के भाजपा देहात मंडल के पूर्व अध्यक्ष इंजीनियर सुभाष घोघर और वरिष्ठ नेता कमल स्वामी के नाम शामिल हैं। इनके साथ ओमचंद धानका, प्रवीण आर्य, दिलीप यादव, पुष्कर शर्मा, राकेश पाल सिंह और धर्मवीर सिंह शेखावत ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली।
इसके अलावा कृष्ण छावड़ी, रविंद्र सिंह राठौड़, मुकेश सिरसवा, मनोज शर्मा, मुकेश कुमावत, सुभाष कुमावत, सुखवीर यादव, श्रीकिशोर यादव और मीनाक्षी घोघर सहित कई अन्य नाम भी शामिल होने वालों की सूची में बताए गए हैं। स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
Rajasthan Panchayat Election: गोविंद सिंह डोटासरा ने किया स्वागत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें संगठन के साथ मिलकर काम करने का संदेश दिया। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि पंचायत चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों के पार्टी से जुड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, नए सदस्यों के शामिल होने को सीधे तौर पर भाजपा के संगठनात्मक नुकसान या कांग्रेस की चुनावी बढ़त का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसका वास्तविक असर उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय समीकरणों और मतदान के दौरान सामने आएगा।
Rajasthan Panchayat Election: कोटपूतली-बहरोड़ और दौसा पर कांग्रेस का फोकस
इस घटनाक्रम में कोटपूतली-बहरोड़ और दौसा क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां खास तौर पर चर्चा में हैं। पंचायत चुनाव में स्थानीय नेताओं, सामाजिक समीकरणों और गांवों में कार्यकर्ताओं की सक्रियता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में दोनों क्षेत्रों से नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए संगठन विस्तार का अवसर है।
कांग्रेस की ओर से दावा किया जा रहा है कि भाजपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ना सत्तारूढ़ दल के प्रति असंतोष को दर्शाता है। यह दावा कांग्रेस का राजनीतिक आकलन है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए स्थानीय संगठन की स्थिति और चुनावी प्रदर्शन को देखना होगा।
Rajasthan Panchayat Election: पंचायत चुनाव के लिए दोनों दलों की तैयारी तेज
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग की संशोधित समय-सारणी के अनुसार, पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। चुनाव कार्यक्रम के तहत पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है।
ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों के चयन और स्थानीय स्तर पर प्रचार की तैयारियों में जुटे हैं। कांग्रेस में हुई नई ज्वाइनिंग पार्टी की चुनावी रणनीति का एक हिस्सा हो सकती है, जबकि भाजपा के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना और स्थानीय समीकरणों को साधना महत्वपूर्ण रहेगा।
Rajasthan Panchayat Election, फिलहाल, कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं की संख्या से ज्यादा अहम यह होगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी के लिए कितना सक्रिय योगदान देते हैं। पंचायत चुनाव में इसका असर मतदान और नतीजों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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