Jaipur Khasa Kothi Elevated Road को लेकर जयपुर में यातायात सुधार की मांग उठने लगी है। खासाकोठी पुलिया और आसपास के रास्तों पर लगने वाले जाम से परेशान लोगों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में स्थायी बदलाव की जरूरत है। इसके लिए खासाकोठी पुलिया को हटाकर कलक्ट्रेट सर्कल से गवर्नमेंट हॉस्टल तक एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव दिया जा रहा है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 के प्रस्तावित कॉरिडोर को देखते हुए यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों की राय है कि मेट्रो और सड़क यातायात की योजनाओं को अलग-अलग बनाने के बजाय एकीकृत रूप से तैयार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों के कारण यातायात बाधित होने और लागत बढ़ने की आशंका कम की जा सके।
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road की मांग क्यों उठी?
खासाकोठी पुलिया जयपुर के व्यस्त यातायात क्षेत्रों में शामिल है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मौजूदा पुलिया यातायात का दबाव कम करने में पर्याप्त साबित नहीं हो रही है।
इसी वजह से पुलिया को तोड़कर वैकल्पिक एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव सामने आया है। प्रस्ताव के अनुसार, कलक्ट्रेट सर्कल से गवर्नमेंट हॉस्टल तक सड़क का ऐसा विकल्प तैयार किया जाए, जिससे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके।
हालांकि, एलिवेटेड रोड बनाने या मौजूदा पुलिया को हटाने को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित विभागों के तकनीकी सर्वे और स्वीकृत योजना पर निर्भर करेगा।
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road: मेट्रो फेज-2 और एलिवेटेड रोड का तालमेल जरूरी
जयपुर मेट्रो फेज-2 के प्रस्तावित रूट को ध्यान में रखते हुए खासाकोठी क्षेत्र की यातायात योजना पर समय रहते विचार करने की जरूरत बताई जा रही है। यदि भविष्य में मेट्रो और एलिवेटेड रोड दोनों परियोजनाएं इसी क्षेत्र को प्रभावित करती हैं, तो उनके अलाइनमेंट, ऊंचाई और निर्माण की तकनीकी जरूरतों का आकलन पहले करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों परियोजनाओं की अलग-अलग योजना बनाने से आगे चलकर निर्माण संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए मेट्रो ट्रैक, सड़क की उपलब्ध चौड़ाई और वाहनों के संभावित दबाव को ध्यान में रखकर संयुक्त योजना तैयार करना उपयोगी होगा।
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road: देरी से बढ़ सकती है परियोजना की लागत
सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक चंद्रशेखर पाराशर के अनुसार, खासाकोठी जैसे व्यस्त जंक्शन पर मेट्रो और फ्लाईओवर की योजनाओं को एकीकृत यातायात व्यवस्था के तहत देखना चाहिए।
उनका कहना है कि मेट्रो शुरू होने के बाद आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव किस तरह बदलेगा, इसका आकलन जरूरी है। समय रहते योजना तैयार होने से निर्माण की जटिलताओं और संभावित अतिरिक्त खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road: क्या मेट्रो के नीचे से गुजर सकेगा फ्लाईओवर?
अभियांत्रिकी शाखा से जुड़े राजकुमार शर्मा के अनुसार, मेट्रो ट्रैक के नीचे से फ्लाईओवर निकालना या दोनों परियोजनाओं के लिए साझा पिलर बनाना तकनीकी डिजाइन और संरचनात्मक सुरक्षा के आकलन पर निर्भर करेगा।
मेट्रो का अंतिम अलाइनमेंट, मौजूदा संरचनाओं की स्थिति और सड़क की उपलब्ध जगह का अध्ययन करने के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि साझा ढांचा बनाना संभव है या अलग व्यवस्था की जरूरत होगी।
इसलिए दोनों परियोजनाओं से जुड़ी एजेंसियों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमआई रोड से कलक्ट्रेट सर्कल तक भी समाधान की मांग
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road, स्थानीय निवासी खासाकोठी पुलिया के अलावा एमआई रोड से कलक्ट्रेट सर्कल की ओर यातायात सुधारने की भी मांग कर रहे हैं।
- राधामोहन चतुर्वेदी, बनीपार्क: उनका सुझाव है कि मौजूदा फ्लाईओवर को हटाने के साथ एमआई रोड की ओर भी एलिवेटेड रोड का विकल्प तैयार किया जाए।
- दीपक सरावगी, बनीपार्क: उनका मानना है कि एमआई रोड की ओर फ्लाईओवर बनने से कलक्ट्रेट सर्कल, कबीर मार्ग और बनीपार्क के आसपास जाम कम करने में मदद मिल सकती है।
ये स्थानीय निवासियों के सुझाव हैं। इन्हें अभी स्वीकृत सरकारी परियोजना या अंतिम निर्माण योजना नहीं माना जा सकता।
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road: जयपुर के ट्रैफिक के लिए आगे क्या?
Jaipur Khasa Kothi Elevated Road की मांग ने एक बार फिर जयपुर में सड़क और मेट्रो परियोजनाओं के बेहतर समन्वय का सवाल उठाया है। यदि मेट्रो फेज-2 के साथ इस क्षेत्र की सड़क व्यवस्था पर भी तकनीकी अध्ययन किया जाता है, तो भविष्य की जरूरतों के अनुसार यातायात योजना तैयार की जा सकती है।
फिलहाल एलिवेटेड रोड निर्माण, पुलिया हटाने और दोनों परियोजनाओं को जोड़ने के संबंध में किसी अंतिम स्वीकृति की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग यातायात दबाव का आकलन करके इस सुझाव पर क्या निर्णय लेते हैं।
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