Amit Shah Alwar Visit
Amit Shah Alwar Visit: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 16 अगस्त 2026 के अलवर दौरे से ठीक पहले राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने अलवर में कानून-व्यवस्था, युवाओं के रोजगार, औद्योगिक विकास और हाल के दिल्ली छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी है। जितेंद्र सिंह ने अपने पूर्व गृह मंत्रालय के अनुभव का हवाला देते हुए अमित शाह से इन मुद्दों पर सार्वजनिक जवाब मांगा है।
जितेंद्र सिंह फिलहाल कांग्रेस के AICC महासचिव और असम प्रभारी हैं। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें AICC General Secretary के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वह पहले अलवर से सांसद रहने के साथ केंद्र की UPA सरकार में गृह राज्य मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

अमित शाह के दौरे के दिन ही कांग्रेस नेता के इस राजनीतिक हमले ने अलवर में पहले से तेज सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है।
Amit Shah Alwar Visit से पहले जितेंद्र सिंह का हमला
Amit Shah Alwar Visit को लेकर भंवर जितेंद्र सिंह ने एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के अलवर आने का स्वागत किया, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समस्याओं पर जवाब देने की मांग की।
उनका कहना है कि अलवर की जनता केवल बड़े मंच और घोषणाएं नहीं, बल्कि जिले की मौजूदा समस्याओं पर भी जवाब चाहती है। उन्होंने विशेष रूप से अपराध, कानून-व्यवस्था और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए।
जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अलवर में हत्या, डकैती और दूसरे अपराधों की घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था पर जवाब मांगा।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अलवर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर ये आरोप कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
‘मैं खुद गृह राज्य मंत्री रहा हूं…’
जितेंद्र सिंह ने अपने पुराने प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और इसलिए गृह मंत्रालय से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता को समझते हैं।
Amit Shah Alwar Visit इसी संदर्भ में उन्होंने जुलाई में दिल्ली में हुए छात्र-युवा आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह से सवाल किए।
20 जुलाई 2026 को दिल्ली में छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। विपक्ष ने इसके बाद गृह मंत्रालय और अमित शाह की जवाबदेही का मुद्दा संसद में भी उठाया।
कुछ रिपोर्टों और प्रदर्शनकारियों ने pellet guns इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया था।
दिल्ली छात्र आंदोलन को लेकर शाह से पूछा सवाल
Amit Shah Alwar Visit से पहले जितेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि दिल्ली में युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के खिलाफ आंसू गैस और कथित pellet guns का इस्तेमाल हुआ और इस मामले में गृह मंत्री को देश के सामने जवाब देना चाहिए।
Amit Shah Alwar Visit उन्होंने संसद के मानसून सत्र में अमित शाह की अनुपस्थिति को भी मुद्दा बनाया और सवाल किया कि गृह मंत्री लंबे समय तक सदन से दूर क्यों रहे।
इस विवाद पर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक टकराव देखने को मिला था। रिपोर्टों के मुताबिक विपक्ष लगातार दिल्ली की पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से बयान की मांग कर रहा था। बाद में अमित शाह ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही थी।
इसलिए “20 दिनों तक संसद से दूर रहने” की बात को जितेंद्र सिंह के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, जबकि शाह की अनुपस्थिति स्वयं उस मानसून सत्र में बड़ा राजनीतिक मुद्दा जरूर बनी थी।
अलवर में अपराध पर भी सरकार को घेरा
जितेंद्र सिंह ने Amit Shah Alwar Visit के दौरान स्थानीय कानून-व्यवस्था पर भी चर्चा किए जाने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अलवर जिले में हत्या और लूट जैसी घटनाओं ने लोगों में असुरक्षा बढ़ाई है। कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पूछा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस तौर पर क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जब देश के गृह मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री एक ही मंच पर मौजूद होंगे तो अलवर की जनता उनसे अपने जिले से जुड़े सवालों के जवाब की भी उम्मीद करेगी।
युवाओं के रोजगार और पलायन का उठाया मुद्दा
Amit Shah Alwar Visit कांग्रेस नेता ने अपने बयान में रोजगार को भी बड़ा मुद्दा बनाया।
उन्होंने दावा किया कि अलवर में औद्योगिक और service sector का विकास उस स्तर पर नहीं हुआ जिसकी जिले में संभावनाएं थीं। इसके चलते स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों और राज्यों का रुख करना पड़ता है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि Amit Shah Alwar Visit के दौरान रोजगार से संबंधित केवल नियुक्ति पत्र बांटना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय की रोजगार नीति और स्थानीय उद्योगों में अवसर बढ़ाने पर भी बात होनी चाहिए।
अमित शाह अलवर में देंगे बड़ी विकास सौगात
Amit Shah Alwar Visit दूसरी ओर अमित शाह के अलवर कार्यक्रम में विकास, रोजगार और सहकारिता से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम तय हैं।
केंद्र सरकार के Press Information Bureau के मुताबिक अमित शाह अलवर में ₹6,262 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें राजस्थान के 17 जिलों की परियोजनाएं शामिल हैं।
अमित शाह Alwar Saras Dairy Complex में नए dairy plant की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा अलग-अलग दुग्ध संघों के processing plants और cattle feed plants से जुड़े प्रोजेक्ट भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
अमित शाह के कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी Press Information Bureau पर देखी जा सकती है।
10,548 युवाओं को नियुक्ति पत्र
Amit Shah Alwar Visit रोजगार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
PIB के मुताबिक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव में 10,548 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं।
इसके अलावा किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सहायता DBT के माध्यम से भेजने का कार्यक्रम है।
अलवर में विकास योजनाओं के इस बड़े सरकारी कार्यक्रम और कांग्रेस नेता की ओर से उठाए गए बेरोजगारी के सवाल के कारण रोजगार मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
Amit Shah Alwar Visit: अलवर दौरे पर CM भजनलाल समेत कई नेता
अमित शाह के कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ राज्य सरकार के कई मंत्री और भाजपा नेता शामिल होने वाले हैं।
अलवर से मौजूदा लोकसभा सांसद भूपेंद्र यादव भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं। उनकी आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें अलवर से लोकसभा सदस्य के रूप में सूचीबद्ध करती है।
अमित शाह के दौरे से पहले अलवर में प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां कई दिनों से जारी हैं। बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल को पहले प्रस्तावित Saras Dairy परिसर से बदलकर Vijay Nagar Ground किया गया था।
Amit Shah Alwar Visit पर कांग्रेस के प्रमुख सवाल
भंवर जितेंद्र सिंह के बयान से मुख्य रूप से ये मुद्दे सामने आए हैं:
- अलवर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार क्या कदम उठा रही है?
- जिले में हत्या और लूट जैसी घटनाओं को रोकने की क्या योजना है?
- स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर कैसे बढ़ेंगे?
- औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज करने के लिए क्या नई योजना है?
- दिल्ली में 20 जुलाई के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी थी?
- गृह मंत्री की मानसून सत्र में अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष के सवालों का क्या जवाब है?
- नियुक्ति पत्रों के साथ जिले में दीर्घकालिक रोजगार नीति क्या होगी?
ये सवाल जितेंद्र सिंह की ओर से केंद्र और राजस्थान सरकार के सामने रखे गए राजनीतिक मुद्दे हैं।
एक तरफ विकास कार्यक्रम, दूसरी ओर सियासी सवाल
कुल मिलाकर Amit Shah Alwar Visit विकास योजनाओं के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी बड़ा मंच बन गया है।
एक तरफ केंद्र सरकार के मुताबिक अमित शाह अलवर में ₹6,262 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास और 10 हजार से अधिक नवनियुक्त कार्मिकों से जुड़े रोजगार उत्सव में शामिल होंगे।
Amit Shah Alwar Visit दूसरी ओर कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह ने इस दौरे से ठीक पहले कानून-व्यवस्था, स्थानीय रोजगार और दिल्ली छात्र आंदोलन जैसे मुद्दे उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। उनका कहना है कि अलवर की जनता विकास योजनाओं के साथ अपनी स्थानीय समस्याओं पर भी स्पष्ट जवाब चाहती है।
भंवर जितेंद्र सिंह की मौजूदा कांग्रेस जिम्मेदारी की जानकारी Indian National Congress की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
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