Dungarpur Municipal Election 2026: डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव के बीच आदर्श आचार संहिता को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने नगर परिषद क्षेत्र में कथित रूप से नए निर्माण और विकास कार्य जारी रहने पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से शिकायत की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकर यादव ने विधायक गणेश घोघरा के पत्र के साथ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद नगर परिषद क्षेत्र में कुछ स्थानों पर नए काम शुरू किए गए या विकास गतिविधियां जारी रखी गईं। पार्टी ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि ये काम कब शुरू हुए, किस विभाग ने स्वीकृति दी और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद इन्हें जारी रखने की अनुमति किस आधार पर दी गई।
राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता चुनाव कार्यक्रम के साथ लागू है। राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर ULB General Election 2026 से संबंधित आदेश, अधिसूचनाएं और Model Code of Conduct उपलब्ध हैं। आयोग को नगर निकाय चुनावों के संचालन और निगरानी का संवैधानिक दायित्व प्राप्त है।
Dungarpur Municipal Election 2026 में नए कामों पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे कथित नए निर्माण कार्यों का मुद्दा उठाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों को ऐसी किसी गतिविधि से बचना चाहिए जिससे किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी को चुनावी फायदा मिलने की आशंका हो।
कांग्रेस ने मांग की है कि जिला प्रशासन नगर परिषद क्षेत्र में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद शुरू किए गए सभी नए कार्यों की सूची तैयार करे। इसके साथ उनकी administrative sanction, work order और संबंधित अधिकारियों की अनुमति की भी जांच कराई जाए।
पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि कोई काम आचार संहिता लागू होने से पहले स्वीकृत था तो यह स्पष्ट किया जाए कि उसका वास्तविक कार्य कब शुरू हुआ। कांग्रेस का तर्क है कि केवल पहले की स्वीकृति दिखाकर चुनाव के बीच नया काम शुरू करना भी जांच का विषय होना चाहिए।
निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी कराने की मांग
Dungarpur Municipal Election 2026 को लेकर कांग्रेस की शिकायत में एक प्रमुख मांग कथित निर्माण और विकास कार्यों की वीडियोग्राफी कराने की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे संबंधित जगहों की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और बाद में यह तय करने में आसानी होगी कि काम आचार संहिता लागू होने से पहले चल रहा था या बाद में शुरू किया गया।
ज्ञापन में संबंधित विभागों से work orders, स्वीकृति और अन्य दस्तावेज मंगवाकर उनकी जांच कराने की मांग भी की गई है। कांग्रेस ने कहा है कि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, प्रत्याशी या अन्य व्यक्ति की भूमिका नियमों के विपरीत मिलती है तो कार्रवाई की जानी चाहिए।
Dungarpur Municipal Election 2026, राजस्थान निकाय चुनावों की आचार संहिता में सत्तारूढ़ पक्ष और सरकारी तंत्र द्वारा ऐसे नए वित्तीय या विकास संबंधी फैसलों पर प्रतिबंध का प्रावधान है जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हों। हालांकि किसी विशेष निर्माण कार्य पर नियम लागू होता है या नहीं, इसका फैसला उसके स्वीकृति आदेश, शुरुआत की तारीख और काम की प्रकृति जैसे तथ्यों को देखकर ही किया जा सकता है।

Dungarpur Municipal Election 2026: शंकर यादव ने BJP पर लगाए आरोप
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकर यादव ने शिकायत के दौरान BJP पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि डूंगरपुर नगर परिषद में पिछले करीब 35 वर्षों से BJP का प्रभाव रहा है, लेकिन इसके बावजूद शहर में अपेक्षित विकास नहीं हुआ।
यादव ने आरोप लगाया कि अब नगर परिषद चुनाव सामने होने के कारण जल्दबाजी में विकास कार्य दिखाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अगर चुनाव अवधि में सरकारी संसाधनों या नई विकास गतिविधियों का उपयोग किया जा रहा है तो प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में BJP या संबंधित नगर परिषद अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का भी आरोप
Dungarpur Municipal Election 2026 में कांग्रेस ने केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया है।
कांग्रेस का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सरकारी विभागों और अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करते हुए दिखाई नहीं देना चाहिए। चुनाव अवधि में सभी प्रत्याशियों और दलों के लिए समान नियम होने चाहिए।
पार्टी ने प्रशासन से यह जांचने की मांग की है कि नगर परिषद के संसाधनों, कर्मचारियों या दूसरे सरकारी साधनों का किसी चुनावी उद्देश्य से इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा।
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव मैनुअल के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी नगर निकाय चुनाव से जुड़े काम का समन्वय और पर्यवेक्षण करता है तथा चुनाव में तैनात सरकारी अधिकारी आयोग के नियंत्रण और सुपरिंटेंडेंस के तहत काम करते हैं।
Dungarpur Municipal Election 2026: गणेश घोघरा के पत्र के साथ सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस नेता शंकर यादव ने विधायक गणेश घोघरा की ओर से लिखे गए पत्र को भी जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के साथ लगाया है।
पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन को शिकायत की जांच कर स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। कांग्रेस चाहती है कि जिन कामों को लेकर आपत्ति उठाई गई है, उनकी जांच केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित न रहे बल्कि मौके पर जाकर सत्यापन भी कराया जाए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि जांच में कोई उल्लंघन नहीं मिलता तो प्रशासन इसकी जानकारी भी स्पष्ट रूप से सामने रखे, ताकि चुनावी माहौल में भ्रम की स्थिति न बने।
आचार संहिता का मुद्दा बना चुनावी हथियार
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में प्रचार और जनसंपर्क तेज होने के साथ ही अब आचार संहिता का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
कांग्रेस इस शिकायत के जरिए BJP को विकास और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल के सवाल पर घेर रही है। दूसरी तरफ आरोपों की वास्तविकता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अहम सवाल यह होगा कि जिन कामों को लेकर शिकायत की गई है, वे पहले से स्वीकृत और चालू परियोजनाएं हैं या चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद नए सिरे से शुरू किए गए हैं। इसी तथ्य पर तय होगा कि किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत बनती है या नहीं।
Dungarpur Municipal Election 2026 की बड़ी बातें
- कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दी है।
- शंकर यादव ने विधायक गणेश घोघरा के पत्र के साथ ज्ञापन सौंपा।
- नगर परिषद क्षेत्र में कथित नए निर्माण और विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए।
- कांग्रेस ने सभी संबंधित कार्यों की वीडियोग्राफी कराने की मांग की।
- कामों की स्वीकृति, work order और शुरुआत की तारीख की जांच की मांग है।
- कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
- BJP और संबंधित विभाग का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
- किसी वास्तविक आचार संहिता उल्लंघन का निष्कर्ष प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की जांच के बाद ही निकलेगा।
अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल Dungarpur Municipal Election 2026 में कांग्रेस की शिकायत ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। पार्टी ने प्रशासन से जल्द जांच कराने और आवश्यक होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब निगाह जिला प्रशासन पर है कि वह शिकायत में बताए गए निर्माण कार्यों की जांच कराता है या नहीं और संबंधित विभागों से क्या रिपोर्ट मांगी जाती है। BJP का आधिकारिक जवाब आने के बाद इस विवाद का दूसरा पक्ष भी स्पष्ट होगा।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव से जुड़े आधिकारिक आदेश और Model Code of Conduct के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है। डूंगरपुर और राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।
डूंगरपुर से सादिक अली की रिपोर्ट

