BRICS Summit News: भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और अंतिम दिन है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेता पहुंचे और राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इनमें कजाखस्तान, मिस्र, युगांडा और बुरुंडी समेत सात देशों के नेताओं से मुलाकात शामिल है।
समिट के दूसरे दिन का ओपन सेशन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार प्रमुख स्तंभों—रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी—पर केंद्रित रहा। बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, वैश्विक विकास को अधिक समावेशी बनाने, बदलती आर्थिक व्यवस्था और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
इससे पहले पहले दिन ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। घोषणा में व्यापार, आतंकवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक संस्थाओं में सुधार समेत कई अहम मुद्दों पर साझा रुख सामने आया।
BRICS Summit: ब्रिक्स को बनानी होगी ज्यादा संतुलित, बोले ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स प्लस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स को ज्यादा संतुलित, समावेशी और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था बनाने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मौजूदा संकटों से निपटने के साथ-साथ ऐसा सिस्टम बनाने की जरूरत है, जो भविष्य के संकटों से देशों को मजबूत तरीके से निपटने में मदद करे. आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और न्यू डेवलपमेंट बैंक को मजबूत करने की बात कही. उन्होंने कहा कि एकतरफा प्रतिबंधों से खाद्य सुरक्षा और लोगों की भलाई प्रभावित होती है.

पेजेश्कियान ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक, ऊर्जा और विकास से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमलों का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके क्षेत्रीय और वैश्विक असर हो सकते हैं. उन्होंने गाजा और लेबनान के हालात का भी जिक्र किया और ब्रिक्स से राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और बल के इस्तेमाल पर रोक के लिए ज्यादा प्रभावी भूमिका निभाने की अपील की.

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी देश आज की वैश्विक चुनौतियों का अकेले सामना नहीं कर सकता. उन्होंने ग्लोबल साउथ की क्षमताओं को साझा क्षमता में बदलने और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और ट्रांजिट कॉरिडोर को मजबूत करने की बात कही. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों को देशों को मजबूत बनाने का जरिया बताया और कहा कि ब्रिक्स को अपने सिद्धांतों को व्यावहारिक कदमों में बदलने का प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए.

दिल्ली में 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट का समापन हो गया है. दो दिन तक चले इस समिट में ब्रिक्स देशों के नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी दी.

