Jhunjhunu Nagar Parishad Election: झुंझुनूं नगर परिषद में पार्षदों के चुनाव के बाद अब सभापति की कुर्सी को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस की ओर से अब्दुल्ला अगवान ने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है, जबकि BJP ने मनु धनखड़ को मैदान में उतारा है। 60 सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस के 30, BJP के 15 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। सभापति चुनने के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा।
कांग्रेस अपने 30 निर्वाचित पार्षदों के साथ बहुमत के आंकड़े से एक कम है। रिपोर्ट के मुताबिक निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा के समर्थन का दावा भी किया गया है। यदि यह समर्थन मतदान में मिलता है तो संख्या 31 हो जाएगी। दूसरी तरफ BJP ने भी मनु धनखड़ का नामांकन दाखिल कर मुकाबले में अपनी दावेदारी बरकरार रखी है। अंतिम फैसला 21 सितंबर 2026 को पार्षदों के मतदान से होगा।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election में क्या है सीटों का गणित?
झुंझुनूं नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में कांग्रेस सबसे अधिक 30 वार्डों में जीती, जबकि BJP और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15-15 सीटें हासिल कीं।
सभापति पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 31 है।
- कांग्रेस: 30 पार्षद
- BJP: 15 पार्षद
- निर्दलीय: 15 पार्षद
- बहुमत: 31
इस अंकगणित में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण है। कांग्रेस को अपने सभी 30 पार्षदों के साथ कम से कम एक अतिरिक्त वोट चाहिए। BJP को बहुमत तक पहुंचने के लिए अपने 15 पार्षदों के अलावा 16 और पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा।
इन आंकड़ों से केवल आवश्यक समर्थन की संख्या स्पष्ट होती है; 21 सितंबर के वास्तविक मतदान से पहले किसी प्रत्याशी की जीत तय नहीं मानी जा सकती।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election: कांग्रेस से अब्दुल्ला अगवान ने भरा पर्चा
कांग्रेस ने सभापति पद के लिए अब्दुल्ला अगवान को उम्मीदवार बनाया है। अगवान स्वयं नगर परिषद के वार्ड से निर्वाचित पार्षद हैं।
Patrika की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस अपने 30 पार्षदों के साथ चुनावी प्रक्रिया में उतरी है और निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा के समर्थन का दावा किया गया है। हालांकि सभापति चुनाव में वास्तविक समर्थन मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगा।
नगर परिषद चुनाव में अब्दुल्ला अगवान की वार्ड जीत भी बड़े अंतर वाली जीतों में शामिल रही। स्थानीय चुनाव परिणामों की रिपोर्ट में उन्हें वार्ड 41 से विजेता बताया गया है।
BJP ने मनु धनखड़ को उतारा
Jhunjhunu Nagar Parishad Election में BJP ने भी सभापति पद पर अपना प्रत्याशी उतार दिया है।
पार्टी की ओर से मनु धनखड़ ने नामांकन दाखिल किया है। मनु धनखड़ वार्ड 49 से BJP के निर्वाचित पार्षद हैं।
BJP के पास नगर परिषद में 15 पार्षद हैं। इसलिए पार्टी को सभापति पद हासिल करने के लिए निर्दलीय और अन्य पार्षदों से अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता होगी।
नामांकन के बाद अब दोनों प्रमुख दलों की नजर उन निर्दलीय पार्षदों पर भी है, जिनका वोट बहुमत के आंकड़े को प्रभावित कर सकता है।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election: वीरेंद्र डारा के समर्थन का दावा
झुंझुनूं नगर परिषद की राजनीतिक तस्वीर में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है।
Patrika की 16 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस की ओर से निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। कांग्रेस के 30 पार्षदों में उनका एक वोट जुड़ने पर संख्या 31 हो सकती है।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election, लेकिन इसे अभी अंतिम मतदान का परिणाम नहीं माना जा सकता। अध्यक्ष/सभापति चुनाव में निर्वाचित पार्षद वोट डालेंगे और परिणाम मतदान के बाद घोषित होगा।

21 सितंबर को होगा सभापति का चुनाव
Jhunjhunu Nagar Parishad Election में सभापति पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा।
उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक झुंझुनूं नगर परिषद के 60 निर्वाचित पार्षद सभापति का चुनाव करेंगे। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है और इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया होगी।
झुंझुनूं नगर परिषद के अलावा जिले की 18 नगरपालिकाओं में भी अध्यक्ष पद के चुनाव इसी दिन होने हैं।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election: जिले के कई निकायों में निर्दलीयों की अहम भूमिका
झुंझुनूं जिले में नगर परिषद सहित कुल 19 शहरी निकायों के चुनाव हुए हैं।
जिले के अलग-अलग निकायों में कई जगह किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे निकायों में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अध्यक्ष पद के चुनाव में महत्वपूर्ण होगा।
रिपोर्ट के अनुसार BJP को जाखल और बिसाऊ में स्पष्ट बहुमत मिला है, जबकि कांग्रेस को नवलगढ़ और मंडावा में बहुमत मिला है। पिलानी, विद्याविहार, बगड़ और खेतड़ी जैसे निकायों में निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या उल्लेखनीय रही।
First India की निकायवार सूची में भी पिलानी में 35 में से 30, विद्याविहार में 25 में से 21 और खेतड़ी में 25 में से 13 सीटें निर्दलीयों के खाते में दर्ज हैं।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election: 555 वार्डों के आंकड़े पर रिपोर्टों में अंतर
जिले की सभी 19 निकायों की कुल सीटों को लेकर दो प्रकाशित रिपोर्टों में छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अंतर है।
Patrika की रिपोर्ट में:
- कांग्रेस – 194
- BJP – 157
- निर्दलीय – 203
बताए गए हैं। हालांकि इनका जोड़ 554 होता है।
दूसरी ओर First India ने सभी 19 निकायों की ward-wise body totals देते हुए:
- कांग्रेस – 193
- BJP – 157
- निर्दलीय – 205
बताए हैं, जिनका कुल 555 है।
इसी वजह से जिला-स्तरीय अंतिम aggregate के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों को प्राथमिक माना जाना चाहिए।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election: कई जगह पार्षदों को साथ रखने की कवायद
जिन निकायों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां अध्यक्ष चुनाव से पहले दल और स्थानीय समूह अपने समर्थक पार्षदों को साथ रखने की कोशिश कर रहे हैं।
Patrika की रिपोर्ट में पार्षदों की बाड़ाबंदी और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर रखे जाने की बात भी कही गई है।
स्थानीय निकायों के अध्यक्ष पद का चुनाव सीधे जनता नहीं बल्कि निर्वाचित पार्षद करते हैं। इसलिए संख्या बहुत कम होने पर भी एक या दो पार्षदों का समर्थन बहुमत का आंकड़ा बदल सकता है।
Jhunjhunu Nagar Parishad Election की बड़ी बातें
- झुंझुनूं नगर परिषद में कुल 60 पार्षद हैं।
- कांग्रेस ने 30 वार्ड जीते हैं।
- BJP के 15 पार्षद हैं।
- 15 निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं।
- सभापति पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 31 है।
- कांग्रेस से अब्दुल्ला अगवान ने नामांकन किया है।
- BJP से मनु धनखड़ ने पर्चा भरा है।
- कांग्रेस की ओर से निर्दलीय वीरेंद्र डारा के समर्थन का दावा किया गया है।
- यह समर्थन मतदान में मिलने पर ही अंतिम रूप से स्पष्ट होगा।
- सभापति का चुनाव 21 सितंबर 2026 को होगा।
- जिले की 18 नगरपालिकाओं में भी अध्यक्ष का चुनाव 21 सितंबर को निर्धारित है।
- जिले की कुल 555 सीटों के aggregate में प्रकाशित रिपोर्टों में मामूली अंतर है।
अब 21 सितंबर के मतदान पर नजर
Jhunjhunu Nagar Parishad Election में अब मुख्य मुकाबला सभापति पद को लेकर है। कांग्रेस 30 पार्षदों के साथ बहुमत से एक वोट कम है, जबकि BJP के पास 15 पार्षद हैं। दोनों दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं और निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अंतिम संख्या को प्रभावित कर सकता है।
सभापति कौन बनेगा, इसका फैसला 21 सितंबर को निर्वाचित पार्षदों के मतदान और मतगणना के बाद ही होगा।
राजस्थान निकाय चुनाव की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है। राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas इस्तेमाल कर सकते हैं।

