Jaipur Mayor Election: जयपुर नगर निगम की चार लंबित सीटों पर पुनर्मतदान के नतीजे आते ही अब सभी 150 वार्डों की तस्वीर साफ हो गई है। वार्ड 9, 18, 25 और 34 में हुए री-पोलिंग के बाद चारों सीटें कांग्रेस के खाते में गई हैं। इसके साथ कांग्रेस की संख्या 53 से बढ़कर 57 पार्षद हो गई है। BJP के पास 78 पार्षद हैं, जबकि 15 निर्दलीय चुनाव जीतकर आए हैं।
चारों परिणामों के बाद अब राजनीतिक फोकस सीधे मेयर चुनाव पर आ गया है। हालांकि री-पोलिंग के परिणाम से कांग्रेस की संख्या बढ़ी है, लेकिन BJP अभी भी 150 सदस्यीय निगम में 76 के बहुमत आंकड़े से दो सीट ऊपर है। मेयर पद के लिए मतदान 25 सितंबर को होना है।
Jaipur Mayor Election से पहले कांग्रेस ने जीतीं चारों सीटें
16 सितंबर को जयपुर नगर निगम के पांच मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था। ये बूथ वार्ड संख्या 9, 18, 25 और 34 में थे। 17 सितंबर को मतगणना के बाद चारों जगह कांग्रेस उम्मीदवार विजयी घोषित हुए।
नतीजे इस प्रकार रहे:
- वार्ड 9: कांग्रेस की कैलाशी ने 764 वोट से जीत दर्ज की।
- वार्ड 18: वंदिता शर्मा 181 वोट से जीतीं।
- वार्ड 25: रेखा देवी ने 397 वोट से जीत हासिल की।
- वार्ड 34: सुरेश यादव 149 मतों से विजयी रहे।
इन चारों परिणामों के बाद कांग्रेस का आंकड़ा 57 हो गया। BJP 78 सीटों पर और निर्दलीय 15 सीटों पर हैं।
Jaipur Mayor Election: अब जयपुर नगर निगम का पूरा गणित
Jaipur Mayor Election से पहले 150 सदस्यीय सदन का अंतिम पार्टीवार आंकड़ा अब यह है:
| दल | पार्षद |
|---|---|
| BJP | 78 |
| कांग्रेस | 57 |
| निर्दलीय | 15 |
| कुल | 150 |
बहुमत के लिए 76 वोट की जरूरत है। इस लिहाज से BJP के पास अपने दम पर दो वोट का संख्यात्मक बहुमत है। कांग्रेस और सभी 15 निर्दलीयों को जोड़ दिया जाए तो आंकड़ा 72 होता है।
इसलिए री-पोलिंग नतीजों के बाद BJP का बहुमत समाप्त होने की बात सही नहीं होगी। हालांकि मेयर चुनाव में वास्तविक मतदान होने तक पार्टियां अपने पार्षदों और निर्दलीयों के समर्थन को लेकर सतर्क हैं।
Jaipur Mayor Election: नया जयपुर मेयर कौन बनेगा?
फिलहाल इसका निश्चित नाम सामने नहीं आया है।
ताजा कार्यक्रम के मुताबिक जयपुर के मेयर का चुनाव 25 सितंबर को होगा। BJP के पास सदन में 78 पार्षद होने के कारण पार्टी संख्यात्मक बहुमत रखती है, लेकिन उम्मीदवार का आधिकारिक नाम सामने आने और मतदान पूरा होने से पहले किसी व्यक्ति को विजेता या नया मेयर नहीं कहा जा सकता।
BJP में उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन चल रहा है। मीडिया रिपोर्टों में सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावट, शैलेंद्र भार्गव, विमल अग्रवाल और भवानी सिंह राजावत के नाम चर्चा में बताए गए हैं। ये संभावित नाम हैं; BJP ने अभी इनमें से किसी एक को आधिकारिक मेयर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
Times of India की 17 सितंबर की रिपोर्ट में भी सुनील कोठारी और पुनीत कर्णावट के नाम पर पार्टी के भीतर चर्चा होने की बात कही गई है।
2019 का ‘विष्णु लाटा फैक्टर’ क्यों चर्चा में?
Jaipur Mayor Election में 2019 का मेयर चुनाव भी दोबारा चर्चा में है।
उस समय जयपुर नगर निगम के 90 सदस्यों में BJP के 63 पार्षद थे। इसके बावजूद पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार मनोज भारद्वाज को 44 वोट मिले, जबकि BJP से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले विष्णु लाटा ने 45 वोट हासिल कर मेयर चुनाव जीत लिया था। एक वोट अमान्य घोषित हुआ था।
उस चुनाव में कांग्रेस के 18 और 9 निर्दलीय पार्षद थे। रिपोर्टों के मुताबिक BJP के कुछ पार्षदों की क्रॉस-वोटिंग ने परिणाम बदल दिया था।
यही पुराना घटनाक्रम मौजूदा चुनाव में भी राजनीतिक चर्चाओं की वजह है, हालांकि 2019 की परिस्थिति और 2026 का मौजूदा सदन अलग हैं और पुराने नतीजे से इस बार के परिणाम का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
Jaipur Mayor Election: निर्दलीयों पर भी दोनों दलों की नजर
जयपुर नगर निगम में 15 निर्दलीय पार्षद हैं। इसलिए BJP और कांग्रेस दोनों निर्दलीयों से संवाद बनाए हुए हैं।
जयपुर BJP अध्यक्ष अमित गोयल ने दावा किया है कि 15 में से 12 निर्दलीय पहले BJP से जुड़े कार्यकर्ता थे और अब पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। यह BJP का दावा है; सभी निर्दलीयों की व्यक्तिगत स्थिति अलग से आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।
दूसरी ओर कांग्रेस की संख्या चार री-पोलिंग सीटें जीतने के बाद 57 हो गई है। पार्टी अब मेयर चुनाव से पहले अपनी रणनीति पर काम कर रही है।
Jaipur Mayor Election: कांग्रेस ने EVM को लेकर भी लगाए आरोप
चारों री-पोलिंग सीटें जीतने के बाद जयपुर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने चुनाव प्रक्रिया और EVM से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत थी, वहीं EVM में खराबी सामने आई।
BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोबारा मतदान और उसके बाद घोषित परिणाम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता दिखाते हैं। ये दोनों राजनीतिक दलों के दावे हैं; चुनाव अधिकारियों की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक री-पोलिंग तकनीकी खराबी के कारण कराई गई थी।
Jaipur Mayor Election में किन नामों की चर्चा?
मीडिया रिपोर्टों में BJP की ओर से मुख्य रूप से इन पार्षदों के नाम चर्चा में बताए गए हैं:
- सुनील कोठारी
- पुनीत कर्णावट
- शैलेंद्र भार्गव
- विमल अग्रवाल
- भवानी सिंह राजावत
इनमें से किसी नाम पर अंतिम मुहर लगने की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। उम्मीदवार चयन में पार्टी संगठन, सामाजिक समीकरण और पार्षदों से मिले feedback जैसे पहलुओं पर चर्चा की खबरें हैं।
Jaipur Mayor Election: चार सीटों के नतीजों से क्या बदला?
री-पोलिंग से पहले घोषित 146 सीटों में BJP के 78, कांग्रेस के 53 और निर्दलीयों के 15 पार्षद थे। लंबित सभी चार वार्ड कांग्रेस के खाते में जाने से उसका आंकड़ा बढ़कर 57 हो गया।
इससे BJP और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर 25 से घटकर 21 रह गया है, लेकिन BJP का 78 का आंकड़ा नहीं बदला।
इसलिए इन परिणामों का तत्काल असर यह हुआ है कि कांग्रेस का सदन में संख्या बल बढ़ा है, जबकि BJP अपने 78 पार्षदों के साथ बहुमत रेखा से दो सीट ऊपर बनी हुई है।
Jaipur Mayor Election की बड़ी बातें
- जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं।
- चार लंबित वार्डों के री-पोलिंग नतीजे 17 सितंबर को आए।
- कांग्रेस ने चारों सीटें जीत लीं।
- कांग्रेस की संख्या 53 से बढ़कर 57 हो गई।
- BJP के पास 78 पार्षद हैं।
- 15 निर्दलीय पार्षद हैं।
- बहुमत का आंकड़ा 76 है।
- कांग्रेस और सभी निर्दलीयों का संयुक्त आंकड़ा 72 है।
- BJP में कई नामों को लेकर चर्चा है, लेकिन आधिकारिक प्रत्याशी घोषित होना बाकी है।
- 2019 में BJP के 63 पार्षद होने के बावजूद बागी विष्णु लाटा 45-44 से मेयर चुनाव जीते थे।
- इस बार जयपुर मेयर पद का चुनाव 25 सितंबर 2026 को होना है।
Jaipur Mayor Election: 25 सितंबर को साफ होगा नाम
कुल मिलाकर Jaipur Mayor Election से पहले कांग्रेस ने चारों री-पोलिंग सीटों पर जीत दर्ज करके अपना संख्या बल बढ़ाया है, लेकिन BJP के पास अब भी 78 पार्षद हैं और उसका संख्यात्मक बहुमत कायम है।
अब मुख्य सवाल BJP और कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवारों, 15 निर्दलीय पार्षदों के रुख और मतदान के वास्तविक नतीजे का है। जयपुर का नया मेयर कौन होगा, इसका आधिकारिक फैसला 25 सितंबर के चुनाव के बाद ही होगा।
राजस्थान निकाय चुनाव से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है।
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