Jamui Molestation Case: बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ और उसके साथ मौजूद किशोर से मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मामले के एक आरोपी का कथित तौर पर “हाफ एनकाउंटर” हो सकता है तो बाकी आरोपियों पर उसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यह शब्दावली पप्पू यादव के बयान की है; पुलिस का आधिकारिक पक्ष है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।
पप्पू यादव ने इसके साथ ही महिला सुरक्षा, अपराधियों के खिलाफ समान कानूनी कार्रवाई और अपराध को जाति या राजनीतिक पहचान से जोड़ने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराध के मामले में कार्रवाई आरोपी की जाति या राजनीतिक संबंध देखकर अलग-अलग नहीं होनी चाहिए।
Jamui Molestation Case पर क्या बोले पप्पू यादव?
Jamui Molestation Case को लेकर पप्पू यादव ने बिहार सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जब किसी मामले में कई लोग आरोपी हों तो कार्रवाई सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक समान रूप से होनी चाहिए। इसी दौरान उन्होंने सवाल किया कि अगर आठ आरोपियों में एक के खिलाफ “हाफ एनकाउंटर” जैसी कार्रवाई हुई तो बाकी के मामले में ऐसा क्यों नहीं हुआ।
सांसद ने यह भी कहा कि किसी अपराधी को उसकी जाति से नहीं बल्कि उस पर लगे अपराध के आरोप से देखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी आरोप लगाया कि गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों को अलग-अलग समय पर राजनीतिक संरक्षण या टिकट दिया जाता रहा है। ये राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित बयान में नहीं की गई है।
Jamui Molestation Case: 19 सितंबर को क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक घटना 19 सितंबर 2026 की शाम की है।
एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद किशोर को जमुई के बाहरी इलाके में कुछ लोगों ने रोक लिया। दोनों के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जबकि लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप हैं। घटना के वीडियो आरोपियों द्वारा रिकॉर्ड किए जाने और बाद में सोशल मीडिया पर सामने आने की बात पुलिस जांच में सामने आई।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान शुरू की। केस में POCSO Act और Bharatiya Nyaya Sanhita की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान, तस्वीर या ऐसा कोई वीडियो शेयर नहीं किया जाना चाहिए जिससे उसकी पहचान सामने आए।
Jamui Molestation Case में नंदन यादव कैसे पकड़ा गया?
Jamui Molestation Case में नंदन यादव को पुलिस ने मुख्य आरोपियों में से एक बताया है।
जमुई के SP विश्वजीत दयाल के मुताबिक मामले की जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में Special Investigation Team बनाई गई। पहले तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया था और बाकी आरोपियों की तलाश जारी थी।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह नंदन यादव और हरेराम यादव को तलाश के दौरान पुलिस टीम ने देखा। पुलिस के अनुसार नंदन ने अधिकारियों पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी फायरिंग हुई और उसके पैर में गोली लगी। हरेराम को भागने के दौरान घुटने में चोट आने की बात कही गई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस कार्रवाई के बाद मामले में मुख्य प्रकरण से जुड़े पांच आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
‘हाफ एनकाउंटर’ पुलिस का आधिकारिक शब्द नहीं
इस मामले में सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानों में “हाफ एनकाउंटर” शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि पुलिस की आधिकारिक जानकारी में इसे इस तरह परिभाषित नहीं किया गया है। पुलिस का दावा है कि नंदन यादव ने गिरफ्तारी के दौरान फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में वह पैर में गोली लगने से घायल हुआ।
इसलिए खबर में “हाफ एनकाउंटर” को पप्पू यादव या अन्य नेताओं की बयान वाली शब्दावली के रूप में लिखना ज्यादा सटीक रहेगा।
Jamui Molestation Case: महिला सुरक्षा पर पप्पू यादव ने सरकार से पूछे सवाल
पप्पू यादव ने इस घटना को बिहार में महिला और बच्चियों की सुरक्षा से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि केवल एक घटना में कार्रवाई दिखाने के बजाय महिलाओं के खिलाफ सभी अपराधों में कानून को समान तरीके से लागू किया जाना चाहिए। इससे पहले भी उन्होंने जमुई मामले पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि अपराधियों के भीतर कानून और सरकार का डर क्यों नहीं दिखाई दे रहा।
उनकी ये टिप्पणियां सरकार की कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक आलोचना हैं। दूसरी ओर राज्य सरकार के नेताओं का कहना है कि मामले में पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
Jamui Molestation Case में National Commission for Women ने भी संज्ञान लिया है।
आयोग ने बिहार की DGP से मामले में सात दिनों के भीतर Action Taken Report मांगी है। NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने समयबद्ध जांच के साथ पीड़ितों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और psychological counselling उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।
Jamui Molestation Case: वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई
इस केस में पुलिस ने केवल कथित मुख्य आरोपियों की तलाश तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है।
पुलिस ने नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले या ऐसा करने की आशंका वाले सोशल मीडिया accounts के खिलाफ भी मामले दर्ज किए हैं। New Indian Express के मुताबिक पुलिस ने 132 social-media profiles के operators के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी और लोगों से वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की।
POCSO से जुड़े मामलों में नाबालिग पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है।
Jamui Molestation Case: आरोपियों की दूसरी गतिविधियों की भी जांच
पुलिस मुख्य आरोपियों के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
कुछ रिपोर्टों में नंदन यादव और हरेराम यादव के खिलाफ अवैध शराब तथा बालू से जुड़ी कथित गतिविधियों की जांच का जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने तक इन दावों को आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Jamui Molestation Case की बड़ी बातें
- घटना 19 सितंबर को जमुई में हुई।
- पीड़िता नाबालिग है।
- लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ और उसके साथ मौजूद किशोर से मारपीट का आरोप है।
- घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए।
- POCSO Act और BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
- पुलिस ने महिला अधिकारी की अगुवाई में SIT बनाई।
- नंदन यादव को पुलिस मुख्य आरोपी बता रही है।
- पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान उसने फायरिंग की।
- जवाबी फायरिंग में नंदन के पैर में गोली लगी।
- मुख्य मामले में पांच आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई।
- पप्पू यादव ने सवाल किया कि एक आरोपी के खिलाफ “हाफ एनकाउंटर” वाली कार्रवाई हुई तो बाकी पर क्यों नहीं।
- NCW ने बिहार DGP से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
Jamui Molestation Case: आगे पुलिस जांच पर नजर
कुल मिलाकर Jamui Molestation Case में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी राजनीतिक विवाद जारी है। पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई में समानता का सवाल उठाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि नंदन यादव गिरफ्तारी के दौरान हुई फायरिंग में घायल हुआ।
मामले में आगे SIT की जांच, बाकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अदालत में पेश होने वाले सबूत महत्वपूर्ण होंगे। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।
आधिकारिक जानकारी के लिए Bihar Police और महिलाओं से संबंधित शिकायत/सहायता के लिए National Commission for Women का पोर्टल देखा जा सकता है।
अन्य राष्ट्रीय खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

