GST Officer Bribe Case: राजस्थान में 25 लाख रुपए की कथित रिश्वत के मामले में पकड़े गए केंद्रीय जीएसटी अधीक्षक सांवल राम को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ACB की टीम के पास आरोपी की स्पष्ट पहचान के लिए तस्वीर उपलब्ध नहीं थी। इसी दौरान मुख्यालय से सांवल राम की एक फोटो टीम तक पहुंचाई गई, जिसमें वह एक श्वान के साथ दिखाई दे रहा था। इसी तस्वीर के आधार पर टीम ने उसकी पहचान की और सुकेत क्षेत्र में उसे पकड़ लिया। यह घटनाक्रम पत्रिका की रिपोर्ट में ACB सूत्रों के हवाले से सामने आया है।
मामले की शुरुआत एक कारोबारी की शिकायत से हुई थी। ACB के अनुसार शिकायतकर्ता की दो पंजीकृत फर्म हैं और आरोप है कि GST से जुड़े नोटिस, रिकवरी और एक फर्म का अकाउंट एक्टिव कराने के बदले कुल 60 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपए की मांग का सत्यापन होने के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की।
GST Officer Bribe Case में कैसे हुआ ट्रैप?
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उदयपुर स्थित CGST Commissionerate की Tax Evasion शाखा में तैनात अधीक्षक सांवल राम ने कथित तौर पर अनिल पारीक के माध्यम से 60 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
यह रकम एक फर्म की रिकवरी राशि से जुड़े मामले, show-cause notice और summons के निस्तारण तथा दूसरी फर्म के खाते को सक्रिय कराने से जुड़े काम के बदले मांगे जाने का आरोप है।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। जांच एजेंसी के मुताबिक पहली किस्त के रूप में 25 लाख रुपए मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
ACB का कहना है कि अनिल पारीक ने दूसरे कथित बिचौलिए सुशील पारीक के जरिए 25 लाख रुपए स्वीकार किए। इसके बाद दोनों को पकड़ लिया गया।
GST Officer Bribe Case: सांवल राम सुकेत में कैसे पकड़ा गया?
GST Officer Bribe Case में सांवल राम को लेकर सामने आया घटनाक्रम भी चर्चा में है।
रिपोर्ट के मुताबिक रिश्वत की रकम लेने की कार्रवाई के दौरान वह उदयपुर में नहीं था। सांवल राम सोमवार को उदयपुर से झालावाड़ की ओर चला गया था और रात वहीं रुकने की जानकारी मिली।
मंगलवार को लौटते समय उसकी लोकेशन कोटा संभाग के सुकेत क्षेत्र में मिली। ACB की टीम उसकी तलाश में वहां पहुंची।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फील्ड टीम के सामने समस्या यह थी कि उसके पास सांवल राम का चेहरा पहचानने के लिए स्पष्ट फोटो नहीं थी।
GST Officer Bribe Case: श्वान के साथ फोटो ने कैसे कराई पहचान?
यहीं इस मामले में एक असामान्य घटनाक्रम सामने आया।
पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक ACB मुख्यालय से निगरानी कर रहे DIG डॉ. रामेश्वर सिंह ने टीम को सांवल राम की एक तस्वीर भेजी। तस्वीर में वह एक श्वान के साथ दिखाई दे रहा था।
इसी फोटो की मदद से सुकेत में उसकी पहचान की गई और ACB टीम ने उसे पकड़ लिया।
राजस्थान ACB की आधिकारिक contact directory में भी डॉ. रामेश्वर सिंह को DIG-I और DIG Headquarters के पद पर सूचीबद्ध किया गया है।
हालांकि “फोटो से पहचान” वाले पूरे घटनाक्रम का अलग आधिकारिक ACB press note सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं मिला है, इसलिए इसे मीडिया रिपोर्ट में दिए गए विवरण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
GST Officer Bribe Case: उदयपुर स्थित घर की तलाशी में क्या मिला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सांवल राम के उदयपुर स्थित आवास की तलाशी भी ली गई।
पत्रिका की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तलाशी के दौरान करीब 17 लाख रुपए नकद, लगभग 17 लाख रुपए मूल्य के सोने के आभूषण और करीब 75 हजार रुपए मूल्य के चांदी के जेवर मिलने की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक ACB कार्रवाई के समय भी अधिकारियों ने उसके उदयपुर स्थित आवास की तलाशी शुरू किए जाने की पुष्टि की थी।
इन संपत्तियों के स्रोत और उनका इस रिश्वत प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच में तय होगा। केवल तलाशी में नकदी या आभूषण मिलना अपने-आप किसी अलग अपराध की पुष्टि नहीं करता।
तीन आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की रिपोर्ट
बाद की रिपोर्ट के मुताबिक CGST अधीक्षक सांवल राम और दोनों कथित बिचौलियों अनिल पारीक व सुशील पारीक को अदालत में पेश किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अदालत ने तीनों को 14 अक्टूबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
इससे पहले ACB ने सांवल राम और अनिल पारीक से कथित रिश्वत की बातचीत और संपर्क को लेकर आमने-सामने पूछताछ भी की।
GST Officer Bribe Case: पहले 60 लाख लेने का भी आरोप
GST Officer Bribe Case में शिकायतकर्ता ने एक और गंभीर दावा किया है।
उसका आरोप है कि संबंधित अधिकारी कथित तौर पर इससे पहले भी उससे करीब 60 लाख रुपए ले चुका था। ACB इस दावे की भी जांच कर रही है और शिकायतकर्ता से इस संबंध में दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मांगे जाने की जानकारी सामने आई है।
कुछ अन्य रिपोर्टों में पुरानी रकम 65 लाख रुपए बताई गई है, इसलिए इस बिंदु पर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। अंतिम राशि ACB की जांच और केस रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
GST Officer Bribe Case: 3.12 करोड़ के GST नोटिस का क्या है कनेक्शन?
मामले में करीब 3.12 करोड़ रुपए के GST नोटिस का भी जिक्र सामने आया है।
रिपोर्टों के मुताबिक शिकायतकर्ता की फर्मों से जुड़े GST मामलों और नोटिस में राहत दिलाने के बदले कथित रिश्वत का सौदा 60 लाख रुपए में तय होने का आरोप है। पहली किस्त 25 लाख रुपए बताई गई है।
हालांकि टैक्स देनदारी वास्तव में कितनी थी, उसमें क्या कानूनी विवाद था और विभागीय स्तर पर कौन-से आदेश लंबित थे—इन सबकी जांच अलग से जरूरी होगी।
GST Officer Bribe Case: अब जांच में किन सवालों पर रहेगी नजर?
GST Officer Bribe Case में ACB अब कथित रिश्वत की पूरी money trail, तीनों आरोपियों के आपसी संपर्क और विभाग में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका की जांच कर सकती है।
इसके साथ ही आवास से कथित रूप से मिली नकदी और आभूषणों के स्रोत, शिकायतकर्ता के पुराने 60 लाख रुपए वाले आरोप और GST मामलों में दिए गए किसी कथित अनुचित लाभ की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल सांवल राम, अनिल पारीक और सुशील पारीक के खिलाफ आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। गिरफ्तारी या FIR अपने-आप दोषसिद्धि नहीं होती और अंतिम फैसला अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
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