Jaipur ATM Robbery: जयपुर के जगतपुरा इलाके में बैंक ऑफ इंडिया के ATM से जुड़े 41.70 लाख रुपये की लूट मामले में पुलिस जांच के दौरान नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी पुष्पेंद्र मीणा पहले इसी बैंक में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम कर चुका था। जांच एजेंसी को संदेह है कि बैंक में काम करने के दौरान मिली कैश मूवमेंट और टाइमिंग से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल लूट की योजना बनाने में किया गया।
पुलिस पहले ही मामले में 22 वर्षीय अंशु कुमारी जाटव को गिरफ्तार कर उसके किराए के कमरे से 26.80 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। पुष्पेंद्र मीणा के अलावा अंशु का कथित प्रेमी मस्तराम मीणा और सुमित जंगम अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में करौली समेत कई स्थानों पर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
Jaipur ATM Robbery में पूर्व बैंक कर्मचारी का कनेक्शन
Jaipur ATM Robbery की शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका थी कि बदमाशों को बैंक के कैश मूवमेंट की अंदरूनी जानकारी पहले से थी। अब जांच में पुष्पेंद्र मीणा का बैंक से पुराना संबंध सामने आया है।
पुलिस के अनुसार पुष्पेंद्र पहले बैंक ऑफ इंडिया में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रह चुका था। इसी वजह से उसे कथित तौर पर यह जानकारी थी कि ATM और बैंक के बीच कैश किस तरह आता-जाता है और आम तौर पर कर्मचारी किस तरह नकदी लेकर आते हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुष्पेंद्र ने अपने साथियों को कितनी अंदरूनी जानकारी उपलब्ध कराई और ATM तथा कैश मूवमेंट की निगरानी कितने दिनों तक की गई।
Jaipur ATM Robbery: अंशु से दो बार कराई गई थी रैकी
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले अंशु को ATM की निगरानी के लिए भेजा गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार वह रक्षाबंधन के बाद बैंक खुलने पर मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां भीड़ ज्यादा होने के कारण आरोपियों की योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद दोबारा ATM और आसपास की गतिविधियों की रैकी कर लूट की योजना को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया था कि वारदात से एक दिन पहले अंशु ने ATM का जायजा लिया और अपने साथियों को वहां की स्थिति की जानकारी दी थी। 14 सितंबर को बैंक कर्मचारी नकदी के साथ पहुंचे तो आरोप है कि उसने साथियों तक इसकी सूचना पहुंचाई।
Jaipur ATM Robbery: 14 सितंबर को हुई थी 41.70 लाख की लूट
घटना 14 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे रामनगरिया थाना क्षेत्र में अक्षय पात्र मंदिर के पास हुई थी।
बैंक कर्मचारी ATM से जुड़ी नकदी लेकर बाहर निकले थे। उसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर कर्मचारियों से करीब 41.70 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास और संभावित escape routes पर लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की। जांच टीम ने करीब 1,000 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की गतिविधियों का रूट तैयार किया। इसी दौरान अंशु की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और पुलिस उसके किराए के कमरे तक पहुंची।
Jaipur ATM Robbery: मस्तराम और पुष्पेंद्र बाइक से पहुंचने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक वारदात के दिन मस्तराम और पुष्पेंद्र बाइक से मौके पर पहुंचे थे।
रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि बाइक मस्तराम चला रहा था और उसके पास कथित तौर पर पिस्टल थी। वहीं सुमित जंगम बैंक से कुछ दूरी पर एक अन्य वाहन के साथ इंतजार कर रहा था।
आरोप है कि कैश बैग छीनने के बाद दोनों बाइक से सुमित के पास पहुंचे और इसके बाद वाहन बदलकर फरार हो गए। पुलिस को संदेह है कि नाकाबंदी से बचने के लिए आरोपियों ने पहले से अलग-अलग वाहनों की व्यवस्था की थी।
Jaipur ATM Robbery: अंशु के कमरे से मिले 26.80 लाख रुपये
लूट के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर कपड़े बदले और रकम को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया।
पुलिस के मुताबिक 26.80 लाख रुपये एक सूटकेस में रखकर अंशु के किराए के कमरे पर छोड़े गए, जबकि बाकी रकम दूसरे आरोपी अपने साथ ले गए। बाद में पुलिस ने अंशु के कमरे की तलाशी लेकर यह रकम बरामद कर ली।
बाकी रकम और वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश जारी है।

पुलिस अंशु तक कैसे पहुंची?
Jaipur ATM Robbery की जांच में CCTV फुटेज सबसे महत्वपूर्ण सुरागों में से एक साबित हुआ।
घटनास्थल से लेकर संभावित भागने वाले रास्तों की फुटेज जांचने के दौरान पुलिस ने एक युवती को ATM के आसपास संदिग्ध रूप से घूमते देखा। इसके बाद उसकी गतिविधियों की निगरानी की गई और पुलिस अंशु कुमारी जाटव तक पहुंची।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मस्तराम, पुष्पेंद्र और सुमित से जुड़ी कड़ियां सामने आईं। पुलिस का दावा है कि मस्तराम ने अंशु को बताया था कि ATM से नकदी लाने-ले जाने के दौरान अक्सर महिला कर्मचारी आती थीं और सुरक्षा व्यवस्था सीमित रहती थी।
जांच में पुलिस को शक है कि इस तरह की जानकारी मूल रूप से पुष्पेंद्र के बैंक में पहले काम करने के अनुभव से मिली थी।
Jaipur ATM Robbery: तीन आरोपी अब भी फरार
अंशु की गिरफ्तारी के बावजूद इस मामले में पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
मुख्य रूप से पुष्पेंद्र मीणा, मस्तराम मीणा और सुमित जंगम की तलाश की जा रही है। सांगानेर ACP दीपक खंडेलवाल के अनुसार पुलिस टीमें फरार आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हैं।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ होने की उम्मीद है कि लूट की योजना कब बनी, बैंक से जुड़ी कितनी जानकारी उनके पास थी और बाकी रकम कहां गई।
Jaipur ATM Robbery की बड़ी बातें
- जगतपुरा इलाके में बैंक कर्मचारियों से 41.70 लाख रुपये लूटे गए थे।
- पुलिस ने अंशु कुमारी जाटव को गिरफ्तार किया है।
- उसके कमरे से 26.80 लाख रुपये बरामद किए गए।
- फरार पुष्पेंद्र मीणा पहले बैंक में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रह चुका था।
- पुलिस को शक है कि उसने कैश मूवमेंट से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल साजिश में किया।
- अंशु से कथित तौर पर दो बार ATM की रैकी कराई गई।
- मस्तराम और पुष्पेंद्र पर बाइक से वारदात स्थल पहुंचने का आरोप है।
- सुमित जंगम कथित तौर पर कुछ दूरी पर वाहन लेकर इंतजार कर रहा था।
- पुलिस ने करीब 1,000 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
- पुष्पेंद्र, मस्तराम और सुमित अभी फरार बताए जा रहे हैं।
Jaipur ATM Robbery: अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर नजर
कुल मिलाकर Jaipur ATM Robbery मामले में पूर्व बैंक कर्मचारी का कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का फोकस अब अंदरूनी जानकारी के कथित इस्तेमाल पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुष्पेंद्र को कैश मूवमेंट, कर्मचारियों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कितनी जानकारी पहले से थी।
अंशु की गिरफ्तारी और 26.80 लाख रुपये की बरामदगी के बाद भी करीब 14.90 लाख रुपये तथा कथित हथियार की बरामदगी बाकी है। मामले में पुष्पेंद्र, मस्तराम और सुमित की गिरफ्तारी के बाद आगे की तस्वीर और साफ हो सकती है। आरोपियों के खिलाफ अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।
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