Rajasthan Congress: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के दो बड़े नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट की हल्की-फुल्की बातचीत का एक वीडियो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जयपुर में बुधवार, 7 अक्टूबर को कांग्रेस की अहम बैठक से पहले गहलोत ने राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के सामने पायलट की नई संगठनात्मक जिम्मेदारी का जिक्र किया। इसके जवाब में पायलट ने भी मुस्कुराते हुए ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद नेता हंस पड़े।
गहलोत ने रंधावा की तरफ देखते हुए सचिन पायलट के बारे में कहा, “देखिए, पंजाब में ये आपके इंचार्ज हैं और राजस्थान में आप इनके।”
इस पर पायलट ने जवाब दिया, “सर, कोई कहीं का भी इंचार्ज बने… पर हम सबके असली इंचार्ज तो आप ही हैं।”
दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
Rajasthan Congress: गहलोत की बात के पीछे क्या था संदर्भ?
अशोक गहलोत की टिप्पणी कांग्रेस में हाल ही में हुए संगठनात्मक बदलाव से जुड़ी थी।
Rajasthan Congress हाईकमान ने 5 सितंबर 2026 को सचिन पायलट को पंजाब का AICC General Secretary in-charge नियुक्त किया था। उन्होंने भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी संभाली। दूसरी ओर पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी हैं।
इसी वजह से गहलोत ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पंजाब में पायलट, रंधावा के “इंचार्ज” हैं और राजस्थान में रंधावा, पायलट समेत प्रदेश कांग्रेस संगठन के प्रभारी हैं।
Rajasthan Congress: पायलट ने कहा- ‘असली इंचार्ज तो आप ही हैं’
सचिन पायलट ने भी गहलोत की टिप्पणी का जवाब उसी हल्के अंदाज में दिया।
उनका “हम सबके असली इंचार्ज तो आप ही हैं” वाला जवाब सामने आते ही मौजूद नेताओं के बीच हंसी छूट गई।
इस संवाद की राजनीतिक व्याख्याएं भी सोशल मीडिया पर हो रही हैं। हालांकि कुछ सेकंड की इस अनौपचारिक बातचीत को गहलोत-पायलट के पुराने राजनीतिक मतभेदों के पूरी तरह खत्म होने का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह कांग्रेस बैठक से पहले नेताओं के बीच हुई एक सार्वजनिक, हल्की-फुल्की बातचीत है।
Rajasthan Congress: पंचायत चुनाव की बैठक में साथ नजर आए बड़े नेता
जयपुर में हुई बैठक में राजस्थान कांग्रेस के लगभग सभी प्रमुख नेता एक मंच पर मौजूद रहे।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, AICC महासचिव सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियां थीं।
कांग्रेस नेताओं ने संगठन की चुनावी तैयारी, उम्मीदवार चयन, स्थानीय स्तर पर समन्वय और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

अब पंजाब की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे सचिन पायलट
Rajasthan Congress के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को सितंबर में पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के बाद से वहां संगठनात्मक बदलाव भी तेजी से हुए हैं।
पायलट को पंजाब प्रभारी बनाए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। वड़िंग ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा था कि उन्हें लगा कि पायलट उन्हें पद से हटाना चाहते थे।
पायलट ने दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस में एकजुटता पर जोर देते हुए कहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
यही नई जिम्मेदारी गहलोत और रंधावा के बीच हुई मजाकिया टिप्पणी का आधार बनी।
राजस्थान में शुरू हो चुका पंचायत चुनाव का चुनावी दौर
यह कांग्रेस बैठक ऐसे समय हुई है जब राजस्थान में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव चार चरणों में कराने का फैसला किया है। धनतेरस को देखते हुए पहले तीन चरणों की मतदान तारीखों में बाद में एक दिन का बदलाव भी किया गया। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए मतदान 22 अक्टूबर और पंच-सरपंच के लिए 24 अक्टूबर को होगा। दूसरे चरण में मतदान क्रमशः 28 और 30 अक्टूबर तथा तीसरे चरण में 3 और 5 नवंबर को होगा। चौथा चरण पहले की तरह 14 और 16 नवंबर को रहेगा।
इस चुनावी कार्यक्रम के बाद BJP और कांग्रेस दोनों ने गांव और पंचायत स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं।
Rajasthan Congress: निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस के सामने संगठन की चुनौती
कांग्रेस के लिए पंचायत चुनाव की तैयारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया शहरी निकाय चुनावों के बाद पार्टी के भीतर cross-voting और टिकट वितरण को लेकर सवाल उठे हैं।
प्रदेश कांग्रेस ने निकाय चुनावों में कथित cross-voting और संगठनात्मक गड़बड़ियों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बनाई है। रिपोर्टों के मुताबिक 400 से अधिक कांग्रेस पार्षद जांच के दायरे में हैं।
ऐसे समय में गहलोत, पायलट, डोटासरा और रंधावा जैसे प्रमुख नेताओं का एक साथ बैठक में मौजूद होना पार्टी की पंचायत चुनाव रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
Rajasthan Congress: पुराने गहलोत-पायलट विवाद के कारण वीडियो की ज्यादा चर्चा
अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच संबंध राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रहे हैं।
2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री पद से लेकर 2020 के राजनीतिक संकट और उसके बाद नेतृत्व से जुड़े सवालों पर दोनों खेमों के बीच मतभेद सार्वजनिक रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि के कारण दोनों नेताओं का सार्वजनिक मंच पर हंसते-मुस्कुराते संवाद करना सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान खींच रहा है।
लेकिन वायरल वीडियो को किसी नए राजनीतिक समझौते या गुटबाजी समाप्त होने के प्रमाण की तरह पेश करने के बजाय इसे फिलहाल बैठक से पहले की अनौपचारिक बातचीत के रूप में देखना ज्यादा तथ्यात्मक होगा।
Rajasthan Congress: पंचायत चुनाव पर कांग्रेस का फोकस
Rajasthan Congress की बुधवार की बैठक का मूल राजनीतिक संदेश पंचायत चुनाव को लेकर संगठन को सक्रिय करना था।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही अब उम्मीदवार चयन, स्थानीय समीकरण, आरक्षण और बूथ स्तर की रणनीति कांग्रेस के लिए प्रमुख मुद्दे होंगे।
Rajasthan Congress, इसी बैठक के दौरान सामने आए गहलोत-पायलट वीडियो ने गंभीर चुनावी चर्चाओं के बीच हल्का राजनीतिक पल जरूर दिया है। गहलोत की “पंजाब में ये आपके इंचार्ज हैं” वाली टिप्पणी और पायलट के “असली इंचार्ज तो आप ही हैं” वाले जवाब ने एक बार फिर दोनों नेताओं को सोशल मीडिया की चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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