Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में बुधवार, 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने राजपाल यादव की ओर से बकाया रकम चुकाने के लिए पुश्तैनी संपत्ति बेचने के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए तत्काल ₹2 करोड़ की व्यवस्था पर गौर किया। अभिनेता की ओर से ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट पेश किए गए, जबकि संपत्ति के संभावित खरीदार ने ₹85 लाख और जमा करने की बात कही है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने कहा कि ₹2 करोड़ जमा होने के बाद बाकी देनदारी चुकाने के लिए स्पष्ट समय-सारणी तय की जाएगी। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राजपाल यादव को राहत शिकायतकर्ता का पैसा वापस दिलाने के उद्देश्य से दी जा रही है।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case में आज क्या हुआ?
राजपाल यादव खुद सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थे। उनके वकील ने अदालत को बताया कि ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट तैयार हैं और उन्हें कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराया जाएगा।
वहीं उनकी पुश्तैनी संपत्ति खरीदने के इच्छुक अनंत प्रकाश यादव भी कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने ₹85 लाख की अग्रिम रकम देने की सहमति जताई। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक यह राशि अगले कुछ दिनों में जमा की जानी है।
इस तरह फिलहाल कुल ₹2 करोड़ की तत्काल भुगतान व्यवस्था सामने आई है।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: संपत्ति बेचकर बाकी रकम चुकाने का प्रस्ताव
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता की पुश्तैनी संपत्ति के लिए खरीदार मिल चुका है।
वकील के मुताबिक संपत्ति की कीमत ₹30 करोड़ से ज्यादा बताई गई है। रजिस्ट्री तुरंत नहीं होने की वजह पितृ पक्ष बताई गई और कहा गया कि खरीदार नवरात्र के बाद दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करना चाहता है। हालांकि वह पहले ₹85 लाख advance देने के लिए तैयार है।
शिकायतकर्ता की ओर से भी प्रस्ताव पर सहमति जताई गई और अदालत से कहा गया कि ₹2 करोड़ मिलने के बाद शेष रकम के भुगतान के लिए सीमित समय दिया जा सकता है।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: कोर्ट ने राजपाल यादव को दी सख्त चेतावनी
राहत के बावजूद सुप्रीम कोर्ट राजपाल यादव के अब तक के आचरण से संतुष्ट नहीं दिखा।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि कोर्ट उनके conduct से प्रभावित नहीं है और जरूरत पड़ने पर सजा बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। पीठ ने स्पष्ट किया कि बार-बार समय इसलिए दिया जा रहा है ताकि शिकायतकर्ता को उसकी रकम वापस मिल सके।
इससे दो दिन पहले 5 अक्टूबर की सुनवाई में भी अदालत ने भुगतान संबंधी पुराने निर्देशों का पालन नहीं होने पर राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई थी।
कोर्ट ने कहा- अच्छी फिल्म बनाइए, अपनी छवि सुधारिए
सुनवाई के दौरान अदालत ने हल्के अंदाज में राजपाल यादव से कहा कि वह अब अच्छी फिल्म बनाएं, लोगों का मनोरंजन करें और अपनी छवि दोबारा मजबूत करें।
PTI के मुताबिक कोर्ट ने ₹1.15 करोड़ की व्यवस्था को नोट करते हुए अभिनेता को अपने पेशे पर ध्यान देने की सलाह भी दी।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: मामला आखिर शुरू कहां से हुआ?
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case की शुरुआत साल 2010 के एक फिल्म financing agreement से हुई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट के जुलाई 2026 के विस्तृत फैसले के मुताबिक Murli Projects Pvt Ltd ने राजपाल यादव से जुड़ी कंपनी को फिल्म ‘Ata Pata Laapata’ के लिए ₹5 करोड़ दिए थे। समझौते में रकम को तय समय के भीतर अतिरिक्त राशि के साथ लौटाने की व्यवस्था थी।
फिल्म के निर्माण और रिलीज में देरी होती गई और दोनों पक्षों के बीच बाद में कई agreements हुए।
एक चरण में कुल भुगतान दायित्व ₹10.40 करोड़ तय हुआ था, जिसमें ₹40 लाख पहले दिए जा चुके थे। भुगतान सुनिश्चित करने के लिए post-dated cheques भी जारी किए गए थे।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: सात चेक बाउंस मामलों में हुई थी सजा
रकम नहीं चुकाए जाने के बाद कई cheques dishonour हुए और Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत सात आपराधिक शिकायतें दर्ज की गईं।
Trial Court ने 2018 में राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया था। Sessions Court ने 2019 में conviction बरकरार रखी। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी conviction में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को सातों मामलों में तीन-तीन महीने simple imprisonment की सजा दी, जिन्हें साथ-साथ चलना था। साथ ही प्रत्येक मामले में ₹1.05 करोड़ का fine तय किया गया।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: पहले भी जमा हो चुके हैं करोड़ों रुपये
दिल्ली हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान राजपाल यादव और उनकी पत्नी की ओर से शिकायतकर्ता को ₹2.25 करोड़ की अतिरिक्त राशि पहले ही जमा कराई जा चुकी थी।
कोर्ट ने इस रकम को fine liability की गणना में adjust करने का निर्देश दिया था।
इसके बावजूद भुगतान को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: ‘100 फिल्में’ वाले बयान की असली पृष्ठभूमि
राजपाल यादव ने कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में अपने मामले को लेकर कहा था कि उनकी जेल की स्थिति को केवल “₹5 करोड़ नहीं चुका पाने” के रूप में देखना सही नहीं है।
उन्होंने दावा किया था कि विवाद के कारण उनका ₹17 से ₹22 करोड़ तक नुकसान हुआ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में 100 फिल्में बनती हैं तो उनमें से कई असफल होती हैं और किसी फिल्म के फ्लॉप होने को अपने-आप fraud नहीं कहा जा सकता।
हालांकि “मैं 100 फिल्में करता हूं तो लोन क्यों लूंगा” को आज 7 अक्टूबर की सुनवाई के बाद उनका verified exact quote बताने के लिए अभी पर्याप्त विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध नहीं हैं।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ₹1.15 करोड़ जमा करने की व्यवस्था और संभावित buyer की ओर से ₹85 लाख के भुगतान को रिकॉर्ड पर लिया है।
कुल ₹2 करोड़ जमा हो जाने के बाद कोर्ट शेष बकाया चुकाने के लिए नई payment schedule तय करेगा। साथ ही अभिनेता की Delhi High Court के आदेश के खिलाफ याचिका पर आगे की राहत भी उनके payment compliance पर निर्भर करेगी।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case, इसलिए मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। अदालत की प्राथमिकता शिकायतकर्ता की बकाया रकम की वसूली सुनिश्चित करना है, जबकि राजपाल यादव को आगे तय होने वाली समय-सीमा का पालन करना होगा।
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