राजस्थान ने तपते रेगिस्तान और भरपूर धूप को अपनी सबसे बड़ी ऊर्जा ताकत में बदल दिया है। प्रदेश की स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 50 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है, जिसमें करीब 44 हजार मेगावाट से ज्यादा हिस्सेदारी सौर ऊर्जा की है। भड़ला सोलर पार्क से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर तक राजस्थान देश का बड़ा सोलर पावर हाउस बन रहा है। लेकिन जमीन, स्थानीय रोजगार, किसानों की आय, ट्रांसमिशन और पर्यावरण से जुड़े सवाल भी कायम हैं। देखिए राजस्थान की ऊर्जा क्रांति और उससे जुड़ी चुनौतियों की पूरी तस्वीर।




