Census 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जनगणना के दूसरे चरण यानी Population Enumeration के दौरान देश के लोगों से पूछे जाने वाले 40 प्रमुख सवालों की सूची अधिसूचित कर दी गई है। इनमें व्यक्ति के नाम, उम्र, धर्म, शिक्षा और रोजगार से लेकर जाति, बैंक खातों, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी और कोविड-19 टीकाकरण के स्थान तक की जानकारी शामिल है।
इस बार की जनगणना इसलिए भी ऐतिहासिक होने जा रही है क्योंकि स्वतंत्र भारत की नियमित जनगणना में पहली बार व्यापक स्तर पर जातिगत जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज की जाएगी। इससे पहले नियमित जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी दर्ज होती रही है। केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को Census 2027 में व्यापक जाति गणना शामिल करने का फैसला किया था।
इसके अलावा यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। गणनाकर्मी मोबाइल उपकरणों के जरिए डेटा दर्ज करेंगे और लोगों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने यानी Self-Enumeration का विकल्प भी दिया जाएगा।
Census 2027 में पूछे जाएंगे 40 सवाल
केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जनसंख्या गणना के दौरान Household Schedule के जरिए लोगों से कुल 40 प्रकार की जानकारी ली जाएगी।
इनमें सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, रोजगार, प्रवास और परिवार से संबंधित विवरण शामिल हैं।
Census 2027 में पूछी जाने वाली 40 प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- व्यक्ति का नाम
- परिवार के मुखिया से संबंध
- लिंग
- जन्मतिथि और पूरी हो चुकी आयु
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति
- विवाह के समय आयु
- पति या पत्नी का नाम
- घोषित राष्ट्रीयता
- धर्म
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और जाति से संबंधित जानकारी
- पिता से संबंधित विवरण
- माता से संबंधित विवरण
- दिव्यांगता संबंधी जानकारी
- मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
- शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की वर्तमान स्थिति
- प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय या स्ट्रीम
- पिछले एक वर्ष के दौरान काम किया या नहीं
- आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
- व्यवसाय या रोजगार
- उद्योग, कारोबार या सेवा का प्रकार
- कामगार की श्रेणी
- गैर-आर्थिक गतिविधि
- काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
- कार्यस्थल तक आने-जाने से संबंधित जानकारी
- जन्म स्थान
- पिछला निवास स्थान
- प्रवास का कारण
- पिछले प्रवास के बाद वर्तमान गांव या शहर में रहने की अवधि
- स्थायी निवास का पता
- वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
- अब तक जन्मे जीवित बच्चों की कुल संख्या
- पिछले एक वर्ष में जन्मे जीवित बच्चों की संख्या
- कोविड-19 टीकाकरण का स्थान
- कुल बैंक खातों की संख्या
- मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
- आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
- वोटर आईडी नंबर, यदि उपलब्ध हो
- भारतीय पासपोर्ट होने पर पासपोर्ट नंबर
- ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक Household Schedule में जाति, धर्म, भाषाओं, शिक्षा, आर्थिक गतिविधियों, प्रवास और विभिन्न पहचान दस्तावेजों से संबंधित जानकारी शामिल की गई है।
Census 2027 में जाति से जुड़ा सवाल क्यों खास?
Census 2027 की सबसे बड़ी विशेषताओं में व्यापक जातिगत गणना शामिल है। केंद्र सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, 2011 तक की नियमित जनगणना में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की व्यवस्थित जानकारी दर्ज की जाती रही है।
राजनैतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 30 अप्रैल 2025 को आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का फैसला किया। दूसरे चरण यानी Population Enumeration में जाति का डेटा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दर्ज किया जाएगा।
यानी इस बार सवाल केवल यह नहीं होगा कि कोई व्यक्ति SC या ST से संबंधित है या नहीं, बल्कि उसकी जाति से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। केंद्र ने 14 अगस्त 2026 को जारी प्रश्नावली में इसे औपचारिक रूप से शामिल कर दिया है।
आधार, मोबाइल और बैंक खाते की भी जानकारी
Census 2027 की प्रश्नावली में कई ऐसी जानकारियां शामिल हैं जो पहले की जनसंख्या गणना की तुलना में डिजिटल और वित्तीय पहुंच की व्यापक तस्वीर तैयार करने में मदद करेंगी।
लोगों से उनके बैंक खातों की संख्या पूछी जाएगी। इसके अलावा उपलब्ध होने पर मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी और भारतीय पासपोर्ट का नंबर भी दर्ज किया जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा है।
हालांकि अधिसूचना में आधार और मोबाइल जैसी जानकारियों के लिए उपलब्धता से संबंधित शर्त रखी गई है।
इसलिए लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं के बजाय Census of India की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
महिलाओं से भी पूछे जाएंगे ये खास सवाल
Census 2027 में महिलाओं से संबंधित प्रजनन और परिवार के आंकड़ों को भी Household Schedule में शामिल किया गया है।
उपयुक्त श्रेणी की महिलाओं से वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जन्मे जीवित बच्चों की कुल संख्या और लागू होने की स्थिति में पिछले एक वर्ष में जन्मे जीवित बच्चों की संख्या पूछी जाएगी।
इन जानकारियों से देश की प्रजनन दर, परिवार के आकार और अलग-अलग क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलावों को समझने में मदद मिलेगी।
शिक्षा के साथ डिजिटल साक्षरता पर भी सवाल
इस बार केवल यह जानकारी नहीं ली जाएगी कि कोई व्यक्ति पढ़ना-लिखना जानता है या नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षरता से संबंधित जानकारी भी प्रश्नावली में शामिल है।
इसके अलावा व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं, उसकी सबसे अधिक शैक्षणिक योग्यता क्या है और उसने किस विषय या स्ट्रीम में शिक्षा प्राप्त की है, इससे संबंधित विवरण भी दर्ज किया जाएगा।
Census 2027 के जरिए सरकार के पास शिक्षा और डिजिटल साक्षरता से संबंधित विस्तृत डेटा उपलब्ध हो सकेगा।
रोजगार और कामकाज पर भी कई सवाल
जनगणना के दौरान रोजगार से संबंधित जानकारी को भी विस्तार से दर्ज किया जाएगा।
लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में किसी समय काम किया था या नहीं। इसके बाद उनकी आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, उद्योग या सेवा के प्रकार और कामगार की श्रेणी के बारे में जानकारी ली जाएगी।
जो व्यक्ति काम नहीं कर रहे हैं उनसे गैर-आर्थिक गतिविधियों और काम तलाशने या काम के लिए उपलब्ध होने से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
काम करने वाले व्यक्ति के कार्यस्थल तक आने-जाने से जुड़ी जानकारी भी इस बार की प्रश्नावली में शामिल है।
प्रवास का कारण भी दर्ज होगा
Census 2027 में देश के भीतर लोगों के प्रवास को समझने के लिए कई सवाल शामिल किए गए हैं।
व्यक्ति के जन्म स्थान, पिछले निवास स्थान, वहां से पलायन या प्रवास करने की वजह और नए गांव या शहर में रहने की अवधि से संबंधित जानकारी ली जाएगी।
इस डेटा से रोजगार, शिक्षा, विवाह और अन्य कारणों से होने वाले आंतरिक प्रवास के पैटर्न का पता लगाने में मदद मिलेगी। प्रश्नावली में स्थायी निवास का पता भी शामिल है।
कोविड वैक्सीन कहां लगवाई, यह भी पूछा जाएगा
40 सवालों में एक दिलचस्प सवाल कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ा है।
जनगणना अधिकारी लोगों से कोविड-19 की वैक्सीन किस स्थान पर लगवाई गई थी, इससे संबंधित जानकारी भी दर्ज करेंगे।
इसके अलावा स्वास्थ्य से संबंधित डेटा में दिव्यांगता की स्थिति भी शामिल है।
Census 2027 के दूसरे चरण की शुरुआत कब होगी?
बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों के लिए Census 2027 Population Enumeration का कार्यक्रम बाकी देश से पहले रखा गया है।
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले गैर-समकालिक क्षेत्रों के साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक की जाएगी।
इन इलाकों में लोगों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने के लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक Self-Enumeration की सुविधा मिलेगी।
बाकी देश में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। आधिकारिक PIB दस्तावेज के मुताबिक देश के अधिकांश हिस्सों के लिए Census 2027 की reference date 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है। बर्फबारी वाले निर्धारित क्षेत्रों के लिए reference date 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि होगी।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
Census 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। सरकार गणनाकर्मियों के लिए मोबाइल आधारित डेटा कलेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करेगी।
इसके साथ ही लोगों को Self-Enumeration Portal के जरिए स्वयं अपने परिवार की जानकारी भरने का विकल्प मिलेगा। ऑनलाइन जानकारी जमा करने के बाद एक विशेष Self-Enumeration ID तैयार होगी, जिसे घर पर आने वाले गणनाकर्मी के साथ साझा किया जा सकेगा।
सरकार ने जनगणना प्रबंधन और निगरानी के लिए Census Management and Monitoring System यानी CMMS भी विकसित किया है।
सरकार की Census 2027 संबंधी आधिकारिक जानकारी में डिजिटल जनगणना, जातिगत गणना और डेटा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का विवरण उपलब्ध है।
देश की जनगणना और अन्य राष्ट्रीय खबरों के लिए The News Canvas पर भी पढ़ें।
Census 2027 में डेटा कितना सुरक्षित रहेगा?
आधार, मोबाइल, बैंक खाते और दूसरे व्यक्तिगत विवरणों से संबंधित सवालों के कारण लोगों के बीच डेटा की गोपनीयता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सरकार के मुताबिक जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाती है। PIB के अनुसार ऐसी व्यक्तिगत जानकारी को RTI के जरिए सार्वजनिक नहीं किया जा सकता और न ही उसे अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि Census 2027 के लिए डिजिटल डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी ढांचा विकसित किया गया है।
Census 2027 की 10 बड़ी बातें
- जनसंख्या गणना के लिए 40 सवाल अधिसूचित किए गए।
- व्यापक जातिगत जानकारी पहली बार नियमित स्वतंत्र भारत की जनगणना का हिस्सा बनेगी।
- SC और ST के साथ जाति की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
- आधार नंबर उपलब्ध होने पर पूछा जाएगा।
- मोबाइल नंबर और वोटर आईडी की जानकारी भी सूची में शामिल है।
- बैंक खातों की संख्या पूछी जाएगी।
- कोविड-19 टीकाकरण के स्थान से जुड़ा सवाल भी शामिल है।
- महिलाओं से बच्चों की संख्या से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
- रोजगार, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और प्रवास का विवरण दर्ज होगा।
- Census 2027 भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी।
देश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर तैयार करेगा Census 2027
Census 2027 केवल देश की आबादी की संख्या जानने की प्रक्रिया नहीं होगी। इसमें जुटाए जाने वाले विस्तृत आंकड़े भारत की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और जनसांख्यिकीय स्थिति की व्यापक तस्वीर तैयार करेंगे।
विशेष रूप से जातिगत गणना, डिजिटल साक्षरता, रोजगार, प्रवास, शिक्षा और बैंकिंग पहुंच से संबंधित आंकड़े आने वाले वर्षों में नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
केंद्र ने अब Population Enumeration के 40 सवाल स्पष्ट कर दिए हैं। इसके बाद सबसे पहले बर्फबारी वाले निर्धारित क्षेत्रों में सितंबर 2026 के दौरान यह प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि देश के बाकी हिस्सों में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी।




