Rajasthan Cabinet Meeting में राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, शहीद सैनिकों के परिवारों, ग्रामीण जलापूर्ति, नई भर्तियों, महिला कर्मचारियों, दिव्यांग कार्मिकों, उद्योग और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल के फैसलों से जहां सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में राहत मिलेगी, वहीं 1971 के भारत-पाक युद्ध से जुड़े शहीद सैनिकों के परिजनों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का दायरा भी बढ़ाया गया है।
जयपुर में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई संचालन एवं संधारण नीति को हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों के सेवा नियमों में बदलाव, 470 वार्डन पदों पर भर्ती और औद्योगिक व अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।
Rajasthan Cabinet Meeting में कर्मचारियों को प्रमोशन में 2 साल की छूट
राजस्थान सरकार के कर्मचारियों के लिए Rajasthan Cabinet Meeting का सबसे महत्वपूर्ण फैसला पदोन्नति से जुड़ा रहा। सरकार ने वर्ष 2026-27 में होने वाली पदोन्नतियों के लिए आवश्यक अनुभव में दो वर्ष की सशर्त छूट देने का निर्णय लिया है।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के अनुसार, इस निर्णय से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है जो अनुभव अवधि की शर्त पूरी नहीं होने के कारण पदोन्नति से वंचित रह सकते थे। हालांकि यह छूट निर्धारित शर्तों के तहत ही लागू होगी।
कैबिनेट ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया। ऐसे कार्मिकों को पदोन्नति में 4 प्रतिशत आरक्षण का नोशनल लाभ 30 जून 2016 से दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले से बड़ी संख्या में कर्मचारियों की वरिष्ठता और पदोन्नति संबंधी मामलों पर असर पड़ सकता है।
1971 युद्ध के 35 सैनिकों के परिजनों को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार
Rajasthan Cabinet Meeting में शहीद सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ा बड़ा निर्णय भी लिया गया। कैबिनेट ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान घायल होने के बाद बाद में वीरगति को प्राप्त हुए 35 सैनिकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में शामिल करने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है।
इसके लिए पात्रता की अवधि को 31 दिसंबर 1971 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 1972 करने का निर्णय लिया गया है।
इस बदलाव के बाद पात्र सैनिक परिवारों के सदस्य सरकारी नौकरी के लिए अनुकंपा नियुक्ति का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
पुत्रवधू भी होगी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र
मंत्रिमंडल ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब निर्धारित परिस्थितियों में पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र माना जाएगा।
सरकार का यह फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है जहां परिवार के अन्य पात्र सदस्य उपलब्ध नहीं हैं।
Rajasthan Cabinet Meeting में ग्रामीण जलापूर्ति के लिए नई नीति मंजूर
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मंत्रिमंडल ने नई संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल के अनुसार, ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति स्थानीय स्तर पर जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी।
इसके अलावा लगभग 5 से 6 ग्राम पंचायतों के समूह के लिए क्लस्टर समितियां बनाई जाएंगी। ये समितियां तकनीकी सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगी।
ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर भी निगरानी और समन्वय की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
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राज्य सरकार से जुड़ी आधिकारिक जानकारी राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी उपलब्ध है।
470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
Rajasthan Cabinet Meeting में जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग के छात्रावासों में वार्डन भर्ती से जुड़ा प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
कैबिनेट ने संबंधित सेवा नियमों में संशोधन करते हुए 470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है।
सेवा नियमों में बदलाव पूरा होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे जनजातीय क्षेत्रों में छात्रावासों के संचालन को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसके अलावा वन अधीनस्थ सेवा नियम-2015 और महिला एवं बाल विकास विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। इन बदलावों का उद्देश्य संबंधित विभागों में पदोन्नति के अवसर बढ़ाना है।
महिला कर्मचारियों की छुट्टियों से जुड़े नियमों में बदलाव
महिला कर्मचारियों से जुड़े अवकाश नियमों को लेकर भी सरकार ने कई फैसले किए हैं।
एकल महिला सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली चाइल्ड केयर लीव को छह चरणों में लेने की सुविधा देने का निर्णय किया गया है।
इसके साथ ही सरोगेसी के माध्यम से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश संबंधी नए प्रावधानों को मंजूरी दी गई।
इन संशोधनों के लागू होने के बाद संबंधित महिला कर्मचारियों को छुट्टियों की योजना बनाने में अधिक लचीलापन मिल सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान नौकरी छोड़ने पर नहीं वसूला जाएगा पूरा वेतन
सरकार ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए भी नियमों को आसान किया है।
पहले ऐसी स्थिति में कर्मचारियों से वेतन और भत्तों की वसूली का प्रावधान था। Rajasthan Cabinet Meeting में इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए केवल प्रशिक्षण पर हुए खर्च की वसूली का प्रावधान करने की मंजूरी दी गई है।
इससे नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा।
जैसलमेर में प्रभावित किसानों के पुनर्वास को मंजूरी
जैसलमेर जिले के चिन्नू गांव में एस्केप जलाशय निर्माण से प्रभावित 21 गैर-खातेदार काश्तकारों के पुनर्वास के लिए भी कैबिनेट ने प्रस्ताव मंजूर किया।
प्रभावित परिवारों को उसी गांव में भूमि आवंटित करने की योजना है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सीमेंट और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को भूमि आवंटन
उद्योग और निवेश से जुड़े प्रस्ताव भी Rajasthan Cabinet Meeting के एजेंडे में शामिल रहे।
कैबिनेट ने जैसलमेर में अल्ट्राटेक सीमेंट को करीब 306 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इसके अलावा बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में चार अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी हरी झंडी दी गई है।
राजस्थान में सौर और पवन ऊर्जा की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इन परियोजनाओं को राज्य के ऊर्जा क्षेत्र और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अक्षय ऊर्जा से संबंधित राष्ट्रीय योजनाओं और नीतियों की जानकारी भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
Rajasthan Cabinet Meeting के प्रमुख फैसले
- वर्ष 2026-27 की पदोन्नति में अनुभव की शर्त में 2 वर्ष की सशर्त छूट।
- दिव्यांग कर्मचारियों को 4 प्रतिशत पदोन्नति आरक्षण का नोशनल लाभ।
- 1971 युद्ध से जुड़े 35 सैनिकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ।
- पात्रता अवधि 31 दिसंबर 1971 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 1972 की गई।
- पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र बनाने का फैसला।
- ग्रामीण जलापूर्ति के लिए नई संचालन एवं संधारण नीति।
- टीएडी छात्रावासों में 470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ।
- एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव नियमों में बदलाव।
- सरोगेसी के माध्यम से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश प्रावधान।
- जैसलमेर में प्रभावित 21 काश्तकारों के पुनर्वास के लिए भूमि आवंटन।
- सीमेंट और चार अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी।
कर्मचारियों से लेकर सैनिक परिवारों तक को राहत
कुल मिलाकर Rajasthan Cabinet Meeting में लिए गए फैसलों का असर कई वर्गों पर पड़ने वाला है। सरकारी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति नियमों में राहत और दिव्यांग कार्मिकों को नोशनल लाभ महत्वपूर्ण है, वहीं शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए अनुकंपा नियुक्ति के नियमों का विस्तार सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा निर्णय माना जा सकता है।
साथ ही 470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता खुलने, ग्रामीण जलापूर्ति की नई व्यवस्था और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन जैसे फैसलों से प्रशासन, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।




