Shabana Azmi Double Release ने बॉलीवुड में एक दिलचस्प संयोग को फिर चर्चा में ला दिया है। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी की दो अलग-अलग जॉनर की फिल्में ‘Batwara 1947’ और ‘Awarapan 2’ शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई हैं। एक तरफ राजकुमार संतोषी की विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी भावनात्मक फिल्म है, तो दूसरी तरफ इमरान हाशमी की रोमांटिक-एक्शन थ्रिलर है। दोनों फिल्मों में शबाना आजमी बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रही हैं।
75 साल की उम्र में शबाना आजमी के लिए यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि उनके लंबे फिल्मी करियर में ऐसा संयोग दशकों बाद फिर सामने आया है। उन्होंने हालिया इंटरव्यू में 1983 के उस दौर को याद किया, जब उनकी कई फिल्में बहुत कम अंतराल में सिनेमाघरों तक पहुंची थीं।

Shabana Azmi Double Release: 14 अगस्त को दो फिल्मों में दिखी अलग-अलग रेंज
Shabana Azmi Double Release की खास बात सिर्फ यह नहीं है कि उनकी दो फिल्में एक ही तारीख पर रिलीज हुई हैं, बल्कि दोनों किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
‘Batwara 1947’ में शबाना आजमी का किरदार फिल्म की कहानी के केंद्र में है। फिल्म 1947 के भारत विभाजन के दौर को दिखाती है और इसमें वह ‘माई’ नाम की एक बुजुर्ग हिंदू महिला की भूमिका निभा रही हैं, जो लाहौर में अपने पुश्तैनी घर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं होती।
वहीं ‘Awarapan 2’ में उनकी भूमिका अपेक्षाकृत छोटी लेकिन बिल्कुल अलग रंग की है। वह नफीसा नाम के किरदार में नजर आती हैं, जो इमरान हाशमी के शिवम पंडित के सामने खड़ी विरोधी ताकतों में शामिल है। शबाना के मुताबिक यह किरदार उन्होंने बहुत ज्यादा आक्रामक अंदाज के बजाय संयमित तरीके से निभाया है।
Batwara 1947 में ‘माई’ बनीं शबाना आजमी
राजकुमार संतोषी निर्देशित ‘Batwara 1947’ में सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म 1947 के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
शबाना आजमी का किरदार एक ऐसी महिला का है जो बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और सांप्रदायिक तनाव के बावजूद अपने घर और जमीन से भावनात्मक रिश्ता नहीं तोड़ना चाहती।
यह किरदार फिल्म के मानवीय पहलू को मजबूत करता है। फिल्म के शुरुआती रिव्यू में भी उनके अभिनय को महत्वपूर्ण बताया गया है। The News Canvas पर Batwara 1947 Review भी पढ़ सकते हैं।
Awarapan 2 में दिखा शबाना आजमी का अलग अंदाज
Shabana Azmi Double Release का दूसरा हिस्सा ‘Awarapan 2’ है। फिल्म में इमरान हाशमी शिवम पंडित की भूमिका में लौटे हैं, जबकि दिशा पाटनी और शबाना आजमी भी अहम भूमिकाओं में हैं। BookMyShow की लिस्टिंग के मुताबिक फिल्म 14 अगस्त 2026 को रिलीज हुई और इसे नितिन कक्कड़ ने निर्देशित किया है।
शबाना आजमी ने इसमें नफीसा का किरदार निभाया है। उनका रोल ‘Batwara 1947’ की तुलना में छोटा है और इसे उन्होंने खुद एक तरह की special appearance बताया है।
इमरान हाशमी स्टारर फिल्म को लेकर रिलीज से पहले भी काफी चर्चा थी। The News Canvas पर Awarapan 2 की एडवांस बुकिंग और रिलीज से जुड़ी खबर भी पढ़ सकते हैं।
Shabana Azmi Double Release ने याद दिलाया 1983 का दौर
शबाना आजमी ने SCREEN को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्हें इस तरह का पिछला बड़ा रिलीज संयोग 1983 की याद दिलाता है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है। 1983 में ‘मासूम’ और ‘अवतार’ के एक ही दिन रिलीज होने का दावा सही नहीं है। शबाना आजमी ने बताया कि उस दौर में Avtaar, Masoom, Kaamyab और Yeh Nazdeekiyan लगभग एक पखवाड़े के भीतर सिनेमाघरों में आई थीं।
उनका कहना था कि उस समय अभिनेता एक साथ कई फिल्मों में काम करते थे और दिन में एक से अधिक शिफ्ट करना सामान्य बात थी। इसलिए बहुत कम अंतराल में एक ही कलाकार की कई फिल्मों का रिलीज होना आज की तुलना में ज्यादा आम था।
यही वजह है कि Shabana Azmi Double Release 2026 उनके करियर के उस पुराने दौर की याद दिला रही है।
1983 क्यों था शबाना आजमी के लिए खास?
1983 शबाना आजमी के करियर के सबसे यादगार वर्षों में शामिल रहा। इस दौर में उन्होंने अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम किया और उनकी अभिनय क्षमता को नई पहचान मिली।

‘मासूम’ में वह नसीरुद्दीन शाह के साथ एक भावनात्मक पारिवारिक कहानी का हिस्सा थीं। फिल्म का निर्देशन शेखर कपूर ने किया था। दूसरी ओर ‘अवतार’ में वह राजेश खन्ना के साथ नजर आईं।
1983 के आसपास उनके पास लगातार कई प्रोजेक्ट थे, जिससे उनकी versatility और व्यस्तता दोनों साफ दिखाई देती थीं।
हालांकि अलग-अलग डेटाबेस में 1983 की फिल्मों की सटीक रिलीज तारीखों को लेकर अंतर मिलता है, इसलिए ‘मासूम’ और ‘अवतार’ के एक ही दिन रिलीज होने का दावा करना उचित नहीं होगा। शबाना का अपना हालिया इंटरव्यू भी चार फिल्मों के एक पखवाड़े के भीतर आने की बात करता है।
43 साल बाद फिर चर्चा में वही संयोग
1983 से 2026 के बीच करीब 43 साल का अंतर है। ऐसे में Shabana Azmi Double Release उनके करियर की लंबी उम्र और निरंतरता को भी दिखाता है।
शबाना आजमी ने 1970 के दशक से लेकर आज तक समानांतर सिनेमा, कमर्शियल फिल्मों, अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट और चरित्र भूमिकाओं में लगातार काम किया है।
आज जब किसी बड़े कलाकार की दो फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में उतरती हैं, तो बॉक्स ऑफिस clash की चर्चा ज्यादा होती है। लेकिन शबाना आजमी के लिए यह मुकाबला खुद से भी है—क्योंकि दर्शक एक ही दिन उन्हें दो बिल्कुल अलग किरदारों में देख रहे हैं।
अलग-अलग पीढ़ियों के साथ काम कर रहीं शबाना आजमी
Shabana Azmi Double Release उनके लंबे करियर का एक और दिलचस्प पहलू सामने लाता है।
1982 में वह महेश भट्ट की चर्चित फिल्म ‘Arth’ की प्रमुख अभिनेत्री थीं। करीब 44 साल बाद उन्हें ‘Awarapan 2’ का प्रस्ताव विशेष भट्ट की ओर से मिला। शबाना ने बताया कि वह विशेष भट्ट को उनके बचपन से जानती हैं और यह भी फिल्म के लिए हां कहने की वजहों में शामिल था।
वहीं ‘Batwara 1947’ में वह पहली बार सनी देओल के साथ स्क्रीन साझा कर रही हैं। इससे कुछ साल पहले वह सनी देओल के पिता धर्मेंद्र के साथ ‘Rocky Aur Rani Kii Prem Kahaani’ में नजर आई थीं।
यह अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों और फिल्ममेकर्स के साथ उनकी लगातार सक्रियता को दिखाता है।
Shabana Azmi Double Release की 8 बड़ी बातें
- ‘Batwara 1947’ और ‘Awarapan 2’ 14 अगस्त 2026 को रिलीज हुईं।
- दोनों फिल्मों में शबाना आजमी दिखाई दे रही हैं।
- ‘Batwara 1947’ में उनका किरदार ‘माई’ कहानी का अहम हिस्सा है।
- ‘Awarapan 2’ में वह नफीसा के किरदार में हैं।
- Awarapan 2 में उनका रोल special appearance जैसा है।
- शबाना आजमी ने इस संयोग को 1983 के अपने व्यस्त रिलीज दौर से जोड़ा।
- 1983 में उनकी चार फिल्में करीब एक पखवाड़े के भीतर आई थीं।
- 43 साल बाद एक ही दिन दो बड़ी फिल्मों की रिलीज ने उनके लंबे करियर को फिर चर्चा में ला दिया।
75 की उम्र में भी कायम है शबाना आजमी की रेंज
Shabana Azmi Double Release यह दिखाता है कि पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर के बावजूद शबाना आजमी आज भी किसी एक तरह की भूमिका तक सीमित नहीं हैं।
‘Batwara 1947’ में वह संवेदनशील और भावनात्मक किरदार निभाती हैं, जबकि ‘Awarapan 2’ में उनका अंदाज पूरी तरह बदल जाता है।
यही contrast इस double release को खास बनाता है। 1983 का दौर जहां उनके बेहद व्यस्त करियर की याद दिलाता है, वहीं 2026 यह साबित करता है कि नई पीढ़ी के फिल्ममेकर्स और कलाकारों के बीच भी उनकी मांग और अभिनय की प्रासंगिकता कायम है।




