Diggi Kalyan Dham Padyatra: जयपुर से डिग्गी कल्याणजी के लिए रवाना हुई 61वीं लक्खी पदयात्रा को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर से सुबह 9 बजे यात्रा रवाना हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क मार्ग से गुजरने के कारण जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख रास्तों पर आवश्यकतानुसार डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है।
पदयात्रा के चलते जवाहरलाल नेहरू मार्ग और टोंक रोड पर सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रखी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से पदयात्रा वाले मार्ग से बचने और वैकल्पिक सड़कों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
इसके अलावा टोंक रोड पर चलने वाली सिटी और मिनी बसों, सिंधी कैंप से टोंक रोड जाने वाली बसों और बाहरी इलाकों से जयपुर आने वाले वाहनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।

Diggi Kalyan Dham Padyatra का मुख्य रूट
Diggi Kalyan Dham Padyatra चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर न्यूगेट, रामनिवास बाग, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, तख्तेशाही रोड, RBI तिराहा, रामबाग चौराहा, लक्ष्मी मंदिर तिराहा, टोंक फाटक, दुर्गापुरा और सांगानेर से आगे बढ़ रही है। इसके बाद यात्रा मदरामपुरा, हरसूलिया, फागी और चौसला होते हुए डिग्गी कल्याणजी पहुंचेगी।
यात्रा करीब पांच दिनों में जयपुर से डिग्गी तक का सफर पूरा करेगी और 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचने का कार्यक्रम है।
यादगार तिराहा से सांगानेर जाने वाले वाहन ऐसे निकलेंगे
Diggi Kalyan Dham Padyatra पदयात्रा के कारण यादगार तिराहे से सांगानेर की दिशा में जाने वाले वाहनों को जरूरत के मुताबिक अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जा रहा है।
रामबाग चौराहे से ट्रैफिक को जेडीए चौराहा और अंबेडकर सर्किल की तरफ मोड़ा जा सकता है। टोंक फाटक पुलिया से वाहन बजाज नगर थाने के सामने से बजाज नगर तिराहे की ओर भेजे जाएंगे। गोपालपुरा पुलिया से ओटीएस चौराहा और गोपालपुरा बाईपास का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
दुर्गापुरा से जरूरत के मुताबिक एसएल कट या डालडा फैक्ट्री की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा, जबकि पुराने बाईपास क्लोवर लीफ से वाहन जवाहर सर्किल अथवा प्रधान वाटिका-न्यू सांगानेर रोड की ओर भेजे जा सकते हैं।
JLN मार्ग पर भी रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
Diggi Kalyan Dham Padyatra के दौरान जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर भी कई बिंदुओं से ट्रैफिक को दूसरे रास्तों की ओर भेजने की तैयारी की गई है।
आरोग्य पथ तिराहा से ट्रैफिक सूचना केंद्र की दिशा में, त्रिमूर्ति सर्किल से गोविंद मार्ग, जेडीए चौराहा से शांति पथ और गांधी सर्किल से झालाना बाईपास की ओर डायवर्ट किया जा सकता है।
इसी तरह ओटीएस चौराहा से केवी-03 तिराहा और जवाहर सर्किल से हनुमान तिराहा की दिशा में यातायात संचालित किया जा सकता है।
सांगानेर से शहर की ओर आने वालों के लिए वैकल्पिक रास्ते
Diggi Kalyan Dham Padyatra सांगानेर से यादगार तिराहे और शहर की ओर आने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं।
पुराना बाईपास क्लोवर लीफ से वाहन प्रधान वाटिका और न्यू सांगानेर रोड की तरफ जा सकेंगे। दुर्गापुरा से डालडा फैक्ट्री, गोपालपुरा पुलिया से गोपालपुरा बाईपास, लक्ष्मी मंदिर तिराहा से सहकार मार्ग और रामबाग चौराहा से अंबेडकर सर्किल की ओर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है।
मुहाना मंडी और डिग्गी-मालपुरा रोड का ट्रैफिक भी प्रभावित
मुहाना मंडी से डिग्गी-मालपुरा रोड की दिशा में आने-जाने वाले ट्रैफिक को भी जरूरत के मुताबिक बदला गया है।
मुहाना मंडी की तरफ आने वाले वाहनों को मुहाना गांव से रिंग रोड की तरफ भेजा जा सकता है, जबकि डिग्गी-मालपुरा की दिशा से आने वाले वाहनों को रिंग रोड के नीचे से डायवर्ट करके रिंग रोड पर चढ़ाया जाएगा।
टोंक की तरफ से जयपुर आने वाले वाहन इंडिया गेट, टोंक रोड, रीको सर्किल, अक्षय पात्र और 7 नंबर बस स्टैंड से होते हुए जगतपुरा की ओर निकाले जा सकते हैं।
सिटी-मिनी बसों के रूट में भी बदलाव
Diggi Kalyan Dham Padyatra के चलते टोंक रोड पर चलने वाली सिटी और मिनी बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है।
इन बसों को आवश्यकतानुसार नारायण सिंह तिराहा, त्रिमूर्ति सर्किल, JLN मार्ग, जवाहर सर्किल और तारों की कूट होते हुए संचालित किया जा रहा है।
चौरड़िया पेट्रोल पंप से सांगानेर पुलिया की दिशा में चलने वाले वाहनों को भी प्रधान वाटिका और न्यू सांगानेर रोड की ओर भेजा जा सकता है।
सिंधी कैंप से टोंक रोड जाने वाली बसें यहां से निकलेंगी
सिंधी कैंप से टोंक रोड की ओर जाने वाली लंबी दूरी की बसों के लिए अलग route plan बनाया गया है।
Diggi Kalyan Dham Padyatra बसों को गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा से सोडाला, 200 फीट चौराहा, अजमेर रोड और रिंग रोड से होते हुए टोंक रोड की ओर भेजा जा रहा है।
वहीं टोंक रोड से सिंधी कैंप की ओर आने वाली बसें गोनेर/गणेश तिराहा, महात्मा गांधी रोड, महल रोड, एपेक्स सर्किल, जेडीए चौराहा, त्रिमूर्ति सर्किल, नारायण सिंह तिराहा, पृथ्वीराज टी-पॉइंट और गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा होते हुए सिंधी कैंप पहुंच सकती हैं।
JLN मार्ग और टोंक रोड पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित
Diggi Kalyan Dham Padyatra यात्रा को देखते हुए सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिक निर्देश पार्किंग को लेकर है।
पदयात्रा के दौरान JLN मार्ग और टोंक रोड पर किसी भी तरह के वाहन की पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। इससे श्रद्धालुओं के लिए मार्ग खुला रखने और emergency services तथा सामान्य ट्रैफिक के संचालन में मदद मिलेगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा वाले मुख्य मार्गों से बचें और समानांतर सड़कों का इस्तेमाल करें।
सुबह 9 बजे रवाना हुई 61वीं लक्खी पदयात्रा
जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर से मंगलवार सुबह 9 बजे 61वीं लक्खी पदयात्रा रवाना हुई। शुरुआत से पहले मुख्य केसरिया निशान ध्वज का विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद संत-महंतों, जनप्रतिनिधियों और अन्य अतिथियों की मौजूदगी में यात्रा आगे बढ़ी।
पदयात्रा में भगवान शिव-पार्वती और राधा-कृष्ण से जुड़ी झांकियां भी शामिल की गई हैं।
Diggi Kalyan Dham Padyatra में 10 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान
आयोजकों के अनुमान के मुताबिक इस बार मुख्य यात्रा से 600 से ज्यादा छोटी-बड़ी पदयात्राएं जुड़ सकती हैं और कुल श्रद्धालुओं की संख्या करीब 10 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह कोई अंतिम आधिकारिक headcount नहीं, बल्कि यात्रा आयोजकों और स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया अनुमान है।
पदयात्रा की शुरुआत दशकों पहले सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के साथ हुई थी और समय के साथ यह राजस्थान की बड़ी धार्मिक पदयात्राओं में शामिल हो गई है।
Diggi Kalyan Dham Padyatra: रास्ते में 500 से ज्यादा भंडारे
चौड़ा रास्ता से सांगानेर तक श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 500 से अधिक भंडारे लगाए जाने की जानकारी है।
इनमें पारंपरिक पूड़ी-सब्जी और समोसे के अलावा पावभाजी, छोले-भटूरे, डोसा, फल, आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही है। आयोजकों ने भंडारों को प्लास्टिक-मुक्त रखने का संदेश भी दिया है।
22 अगस्त को डिग्गी पहुंचेगी पदयात्रा
Diggi Kalyan Dham Padyatra का पांच दिवसीय कार्यक्रम इस प्रकार बताया गया है:
- 18 अगस्त: मदरामपुरा में रात्रि विश्राम
- 19 अगस्त: हरसूलिया में पड़ाव
- 20 अगस्त: फागी में विश्राम
- 21 अगस्त: चौसला में पड़ाव
- 22 अगस्त: डिग्गी में प्रवेश
यात्रा मार्ग पर रात्रि के समय भजन-संध्या और सत्संग के कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
Diggi Kalyan Dham Padyatra 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचने के बाद शाम करीब 5 बजे शोभायात्रा निकाले जाने का कार्यक्रम भी सामने आया है।
लंबी पदयात्रा में स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान
पांच दिन लंबी इस पैदल यात्रा में बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी शामिल होते हैं जो कई किलोमीटर पैदल चलते हैं।
स्थानीय रिपोर्ट में पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. हर्षिल अलवानी ने यात्रियों को पर्याप्त पानी पीने, अपनी नियमित दवाएं साथ रखने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी है।
श्रद्धालुओं के लिए आराम, पानी और भोजन की व्यवस्था रास्ते में बने भंडारों और सेवा शिविरों के माध्यम से की जा रही है।
Diggi Kalyan Dham Padyatra की बड़ी बातें
- 61वीं लक्खी पदयात्रा 18 अगस्त 2026 को जयपुर से रवाना हुई।
- यात्रा सुबह 9 बजे ताड़केश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई।
- JLN मार्ग और टोंक रोड पर पार्किंग प्रतिबंधित है।
- कई प्रमुख चौराहों पर आवश्यकता के अनुसार ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।
- सिटी और मिनी बसों के route में बदलाव किया गया है।
- सिंधी कैंप से टोंक रोड जाने वाली बसों को अजमेर रोड और रिंग रोड से निकाला जा रहा है।
- आयोजकों ने करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान जताया है।
- मुख्य यात्रा से 600 से ज्यादा छोटी-बड़ी पदयात्राओं के जुड़ने का अनुमान है।
- चौड़ा रास्ता से सांगानेर तक 500 से ज्यादा भंडारों की व्यवस्था बताई गई है।
- पदयात्रा 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचेगी।
- उसी दिन शाम करीब 5 बजे डिग्गी में शोभायात्रा प्रस्तावित है।
ट्रैफिक से बचना है तो वैकल्पिक रास्तों का करें इस्तेमाल
कुल मिलाकर Diggi Kalyan Dham Padyatra के चलते मंगलवार को जयपुर के JLN मार्ग, टोंक रोड, सांगानेर और उससे जुड़े कई प्रमुख रास्तों पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा दबाव रहने की संभावना है। ट्रैफिक पुलिस ने इसी कारण flexible diversion plan बनाया है, जिसमें भीड़ की स्थिति के आधार पर वाहनों को अलग-अलग समानांतर मार्गों पर भेजा जा सकता है।
ऐसे में वाहन चालकों के लिए बेहतर होगा कि यात्रा वाले मुख्य मार्गों से बचें, JLN मार्ग और टोंक रोड पर वाहन पार्क न करें और पुलिस द्वारा मौके पर दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।
यात्रा 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचने तक अलग-अलग पड़ावों से आगे बढ़ेगी और रास्ते में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें जुड़ते रहेंगे।
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