Rajasthan Panchayat Chunav 2026: राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पंचायतों की आरक्षण लॉटरी को करीब एक महीने आगे बढ़ाकर सितंबर में किए जाने के बाद अब साफ है कि शहरी निकाय और पंचायत चुनाव एक ही समय पर कराने के बजाय अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ेंगे। पंचायतीराज विभाग ने जिला स्तर की आरक्षण लॉटरी 17 सितंबर और सरपंच-वार्ड पंच की उपखंड स्तर की लॉटरी 18 सितंबर 2026 को कराने का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है।
दूसरी तरफ राज्य के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 309 Municipal Bodies और 10,245 territorial constituencies हैं।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 पंचायत लॉटरी आगे बढ़ाए जाने पर पूर्व कांग्रेस विधायक और चुनाव मामले के याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि लॉटरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करने की हाईकोर्ट में दर्ज समयसीमा के बावजूद इसे सितंबर तक टाला गया है। उन्होंने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026: एक साथ क्यों नहीं होंगे दोनों चुनाव?
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ क्यों नहीं करा रही है।
सरकार के पक्ष के तौर पर सामने आए तर्क के मुताबिक यदि दोनों चुनावों की प्रक्रिया एक ही समय शुरू होती, तो चुनाव आचार संहिता का प्रभाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक साथ पड़ सकता था। इससे नई योजनाओं, विकास संबंधी निर्णयों और कई प्रशासनिक कार्यों पर एक साथ चुनावी प्रतिबंधों का असर पड़ने की आशंका थी।
सरकार का दूसरा तर्क प्रशासनिक संसाधनों से जुड़ा है। अलग-अलग चरणों में चुनाव होने से पुलिस, प्रशासन और चुनावी कर्मचारियों पर एक साथ दो बड़े चुनावों का दबाव कम रखा जा सकता है।
हालांकि आचार संहिता वास्तव में किस क्षेत्र में और किस तारीख से लागू होगी, इसका अंतिम निर्धारण State Election Commission की आधिकारिक चुनाव अधिसूचना से ही होगा।

पहले निकाय, उसके बाद पंचायत चुनाव
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 पंचायतीराज विभाग ने आरक्षण लॉटरी स्थगित करने के अपने आदेश में भी यही संकेत दिया है।
विभाग के मुताबिक नगरीय निकाय चुनाव पहले चरण और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव दूसरे चरण में होने की संभावना को देखते हुए पंचायत आरक्षण की तारीख आगे बढ़ाई गई। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान की लॉटरी अब 17 सितंबर होगी, जबकि सरपंच तथा वार्ड पंच की लॉटरी 18 सितंबर को होगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने भी कहा है कि पंचायत चुनाव की तारीख घोषित करने से पहले आरक्षण लॉटरी के नतीजे मिलना जरूरी है और लॉटरी निकालने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
हाईकोर्ट में सरकार ने दिया था 15 नवंबर तक का टाइमलाइन
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 को लेकर अदालत में भी लंबे समय से सुनवाई चल रही है।
20 जुलाई को राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में विस्तृत चुनाव कार्यक्रम प्रस्तुत किया था। इसके अनुसार पहले नगरीय निकाय चुनाव कराए जाने और उनकी प्रक्रिया 20 सितंबर तक पूरी करने की बात कही गई। इसके बाद पंचायत चुनाव कराकर पूरी स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक समाप्त करने का आश्वासन दिया गया।
सरकार ने उस समय यह भी बताया था कि SC, ST, OBC और महिला आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया 15 अगस्त के आसपास पूरी करने का कार्यक्रम था।
अब पंचायत लॉटरी 17-18 सितंबर तक खिसकने से इसी टाइमलाइन को लेकर नया विवाद पैदा हुआ है।
संयम लोढ़ा ने क्यों दी अवमानना याचिका की चेतावनी?
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने पंचायत आरक्षण लॉटरी स्थगित किए जाने का विरोध किया है।
उनका कहना है कि हाईकोर्ट के समक्ष दिए गए कार्यक्रम के मुताबिक OBC Commission की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण प्रक्रिया लगभग 15 अगस्त तक पूरी की जानी थी। अदालत ने भी चुनाव में और देरी न हो, इस पर जोर दिया था।
लोढ़ा का आरोप है कि इसके बावजूद लॉटरी 17 और 18 सितंबर तक टालना अदालत में दी गई समयसीमा के विपरीत है। उन्होंने कहा है कि वह सरकार को कानूनी नोटिस भेजने के बाद हाईकोर्ट में contempt petition दायर करेंगे।
यह फिलहाल लोढ़ा का कानूनी दावा है। लॉटरी टालना वास्तव में अवमानना है या नहीं, इसका निर्णय हाईकोर्ट ही करेगा।
हाईकोर्ट पहले भी जता चुका है नाराजगी
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों की देरी का मामला पहले से अदालत में है।
हाईकोर्ट ने नवंबर 2025 में चुनाव अप्रैल 2026 तक पूरा कराने की दिशा में आदेश दिए थे। इसके बाद समयसीमा पूरी नहीं होने पर मामला आगे बढ़ा और जुलाई 2026 में अदालत ने सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग से स्पष्ट चुनाव कार्यक्रम मांगा।
इसी न्यायिक दबाव के बाद सरकार ने 20 जुलाई को नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का detailed schedule अदालत में पेश किया।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026: पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त ने भी उठाए सवाल
पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने भी दोनों चुनाव अलग-अलग कराने की नीति पर सवाल उठाए हैं।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 उनका कहना है कि एक तरफ ‘One State, One Election’ की अवधारणा की चर्चा होती रही है, जबकि दूसरी तरफ नगर निकाय और पंचायत चुनाव अलग-अलग चरण में कराए जा रहे हैं।
उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अगर शहरी निकाय चुनाव का परिणाम पहले आ जाता है तो उसका राजनीतिक या मनोवैज्ञानिक असर बाद में होने वाले पंचायत चुनावों पर पड़ सकता है। यह गुप्ता का विश्लेषण है, कोई स्थापित चुनावी निष्कर्ष नहीं।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026: 309 निकाय और 10,245 वार्डों का गणित साफ
दूसरी ओर नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां पंचायतों से आगे निकल गई हैं।
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में 309 नगरीय निकाय और 10,245 वार्ड हैं। आयोग ही संविधान के अनुच्छेद 243ZA के तहत नगरीय निकाय चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था है।
17 अगस्त को इन वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। जिन वार्डों की category बदल गई है, वहां पुराने दावेदारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है, जबकि SC, ST, OBC और महिला आरक्षित सीटों पर नए उम्मीदवारों के लिए अवसर बने हैं।
13 अगस्त को प्रमुख पदों का आरक्षण भी हो चुका
इससे पहले 13 अगस्त 2026 को नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों और जिला प्रमुख पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
इसके बाद 17 अगस्त को शहरी निकायों के ward reservation का चरण आया, जबकि पंचायत स्तर की बाकी लॉटरी अब सितंबर में होगी।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 इससे चुनावी तस्वीर चरणबद्ध तरीके से साफ हो रही है।
BJP-कांग्रेस में तेज हुई टिकट की तैयारी
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 के साथ निकाय चुनावों को लेकर BJP और Congress दोनों की सक्रियता बढ़ गई है।
वार्डों की reservation category तय होने के बाद दलों को अब यह देखना है कि किस वार्ड में महिला, SC, ST, OBC या General category से सबसे मजबूत उम्मीदवार कौन हो सकता है। Patrika की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पार्टियों में ward-wise संभावित उम्मीदवारों पर मंथन शुरू हो गया है।
BJP ने स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों में केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं को भी जिम्मेदारी देना शुरू किया है, जिससे इन चुनावों का राजनीतिक महत्व साफ दिखाई देता है।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 की बड़ी बातें
- पंचायत और निकाय चुनाव अलग-अलग चरण में कराने की तैयारी है।
- पंचायत की जिला स्तरीय आरक्षण लॉटरी अब 17 सितंबर को होगी।
- सरपंच और वार्ड पंच की लॉटरी 18 सितंबर को होगी।
- राज्य में 309 नगरीय निकाय और 10,245 वार्ड हैं।
- सरकार ने हाईकोर्ट में पहले नगरीय निकाय और बाद में पंचायत चुनाव कराने का टाइमलाइन दिया था।
- पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर तक खत्म करने का लक्ष्य है।
- सरकार के पक्ष में आचार संहिता और विकास कार्यों पर एक साथ असर से बचने का तर्क दिया गया है।
- संयम लोढ़ा ने पंचायत लॉटरी स्थगित करने को अदालत के निर्देशों के खिलाफ बताया है।
- उन्होंने contempt petition दाखिल करने की चेतावनी दी है।
- राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि पंचायत चुनाव घोषित करने से पहले reservation lottery जरूरी है।
अब State Election Commission की घोषणा पर नजर
कुल मिलाकर Rajasthan Panchayat Chunav 2026 में अब शहरी और ग्रामीण चुनावी प्रक्रिया दो अलग चरणों में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
सरकार का तर्क है कि इससे एक साथ पूरे प्रदेश में चुनावी प्रतिबंध और प्रशासनिक दबाव की स्थिति से बचा जा सकेगा। दूसरी तरफ विपक्ष और याचिकाकर्ता चुनाव में लगातार हो रही देरी को अदालत के निर्देशों से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।
Rajasthan Panchayat Chunav 2026 सबसे महत्वपूर्ण तारीखें अब 17 और 18 सितंबर होंगी, जब पंचायतीराज संस्थाओं की बाकी reservation lottery होगी। इसके बाद State Election Commission पंचायत चुनाव की वास्तविक तारीखों की घोषणा कर सकेगा। आयोग का कहना है कि सभी स्थानीय निकाय चुनाव 15 नवंबर से पहले पूरे करा दिए जाएंगे।
राजस्थान में स्थानीय चुनावों से जुड़ी आधिकारिक notifications के लिए State Election Commission Rajasthan की वेबसाइट देखी जा सकती है। आयोग की आधिकारिक साइट पर स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं से संबंधित चुनावी जानकारी उपलब्ध है।
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