Chittorgarh Double Murder: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में पारिवारिक विवाद ने दो लोगों की जान ले ली। गंगरार थाना क्षेत्र के सुवाणियां गांव में सोमवार रात हुए विवाद के दौरान भगवाना उर्फ भगवान लाल पर अपनी पत्नी भोमली को गोली मारने का आरोप है। गोली लगने के बाद भोमली की मौत हो गई। मां की मौत से आक्रोशित बेटे अनिल ने कथित तौर पर अपने पिता पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। घटना में तारा नाम की एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसे चित्तौड़गढ़ से उदयपुर रेफर किया गया है।
घटना के बाद गंगरार थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवाया और FSL टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम, पारिवारिक विवाद की वजह और वारदात में मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

Chittorgarh Double Murder: रात 9 बजे खेत पर शुरू हुआ विवाद
Chittorgarh Double Murder की घटना सोमवार रात करीब 9 बजे सुवाणियां गांव में नदी किनारे स्थित एक खेत पर हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक भगवान लाल मूल रूप से चित्तौड़गढ़ के भैरूसिंहजी का खेड़ा का रहने वाला था। वह पिछले कुछ समय से सुवाणियां गांव में तारा के साथ खेत पर रह रहा था और वहीं खेती तथा मवेशियों की देखभाल करता था।
रिपोर्ट के अनुसार भगवान लाल की पहली पत्नी लाडू और दूसरी पत्नी भोमली थीं। भोमली से उसके दो बेटे और दो बेटियां थीं, जबकि लाडू से दो बेटियां बताई गई हैं। सोमवार रात परिवार के सदस्य भगवान लाल को वापस गांव चलने के लिए समझाने खेत पर पहुंचे थे। यहीं बातचीत धीरे-धीरे बहस में बदल गई।
Chittorgarh Double Murder: घर लौटने की बात पर बढ़ा विवाद
शुरुआती जानकारी के मुताबिक परिवार के लोग भगवान लाल से भैरूसिंहजी का खेड़ा वापस लौटने की बात कर रहे थे। पहले सामान्य बातचीत हुई, लेकिन कुछ देर बाद विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि इसी दौरान भगवान लाल ने पास रखी बंदूक से भोमली पर फायर कर दिया। गोली लगने के बाद भोमली गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस की जांच में अब यह भी देखा जाएगा कि घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार किसका था, उसके लाइसेंस की स्थिति क्या थी और गोली चलने की सही परिस्थितियां क्या थीं।
मां को गोली लगी तो बेटे ने पिता पर किया हमला
Chittorgarh Double Murder में दूसरा घटनाक्रम इसके तुरंत बाद हुआ।
भोमली को गोली लगने के बाद उसका बेटा अनिल कथित तौर पर आपा खो बैठा। आरोप है कि उसने पास मौजूद लाठी उठाई और अपने पिता भगवान लाल पर लगातार वार कर दिए। सिर पर गंभीर चोट लगने से भगवान लाल की भी मौत हो गई।
पुलिस के लिए अब यह पता लगाना अहम होगा कि गोली चलने और पिता पर हुए हमले के बीच कितने समय का अंतर था, उस समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या देखा।
Chittorgarh Double Murder: तारा भी गंभीर घायल, उदयपुर रेफर
वारदात में तारा नाम की महिला भी घायल हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक वह भगवान लाल के साथ लिव-इन में रह रही थी और घटना के वक्त खेत पर मौजूद थी।
बताया गया है कि विवाद के दौरान तारा ने बीच-बचाव की कोशिश की और इसी दौरान उसे भी चोटें आईं। उसे पहले चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उदयपुर रेफर कर दिया गया।
तारा का बयान जांच में काफी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वह घटना की प्रत्यक्षदर्शी मानी जा रही है।

Chittorgarh Double Murder में FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य
दो लोगों की मौत के बाद पुलिस ने घटनास्थल को जांच के लिए सुरक्षित किया और FSL टीम को भी मौके पर बुलाया।
फॉरेंसिक टीम द्वारा गोली, हथियार, खून के नमूने, लाठी और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। उपलब्ध रिपोर्ट में FSL टीम द्वारा घटनास्थल से जरूरी evidence जुटाने की जानकारी दी गई है।
इन साक्ष्यों की forensic examination से यह तय करने में मदद मिलेगी कि गोली किस दिशा से चली, घटना में कितने हथियार इस्तेमाल हुए और दोनों मौतों का वास्तविक क्रम क्या था।
बेटे अनिल और लाडू को पुलिस ने डिटेन किया
Chittorgarh Double Murder घटना के बाद पुलिस ने बेटे अनिल और भगवान लाल की पहली पत्नी लाडू को पूछताछ के लिए डिटेन किया है।
फिलहाल यह हिरासत पूछताछ और जांच से जुड़ी कार्रवाई है। किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी पुलिस जांच, साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
पुलिस परिवार के दूसरे सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।
DSP बोले- शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद
Chittorgarh Double Murder मामले में गंगरार पुलिस की शुरुआती जांच का फोकस पारिवारिक विवाद पर है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पुलिस का मानना है कि परिवार में पहले से तनाव था और भगवान लाल के अलग रहकर तारा के साथ सुवाणियां में रहने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
हालांकि वारदात का exact motive जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दो शादियों के बाद तारा के साथ रह रहा था भगवान लाल
उपलब्ध रिपोर्ट में भगवान लाल की दो शादियों का उल्लेख है। पहली पत्नी लाडू और दूसरी पत्नी भोमली थीं। पिछले कुछ समय से वह दोनों से अलग होकर तारा के साथ सुवाणियां गांव के खेत पर रह रहा था।
यहीं वह खेती और पशुओं की देखभाल करता था। सोमवार रात परिवार के सदस्य उसे वापस घर चलने के लिए मनाने पहुंचे थे और वहीं विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
इसलिए इस खबर में तारा को “तीसरी पत्नी” लिखने के बजाय लिव-इन पार्टनर लिखना उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर ज्यादा सटीक है।
Chittorgarh Double Murder की बड़ी बातें
- घटना गंगरार थाना क्षेत्र के सुवाणियां गांव की है।
- विवाद सोमवार रात करीब 9 बजे खेत पर हुआ।
- भगवान लाल पर भोमली को गोली मारने का आरोप है।
- रिपोर्ट के अनुसार भोमली उसकी दूसरी पत्नी थीं।
- मां की मौत के बाद बेटे अनिल पर पिता को लाठी से पीटने का आरोप है।
- हमले में भगवान लाल की भी मौत हो गई।
- तारा गंभीर रूप से घायल हुई और उसे उदयपुर रेफर किया गया।
- तारा को उपलब्ध रिपोर्ट में लिव-इन पार्टनर बताया गया है।
- पुलिस ने अनिल और पहली पत्नी लाडू को डिटेन किया है।
- FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
जांच से साफ होगा पूरा घटनाक्रम
कुल मिलाकर Chittorgarh Double Murder में कुछ ही मिनटों में एक पारिवारिक विवाद दो मौतों और एक गंभीर घायल महिला की घटना में बदल गया।
Chittorgarh Double Murder, पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं—गोली चलाने से पहले क्या हुआ, बंदूक कहां से आई, अनिल ने पिता पर हमला किन परिस्थितियों में किया और घटना में मौजूद अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
FSL जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घायल तारा का बयान और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी इस मामले में महत्वपूर्ण साबित होगी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट
राजस्थान पुलिस से संबंधित आधिकारिक जानकारी Rajasthan Police पर देखी जा सकती है।
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