Jaipur CJP Workers Attack: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा सरकारी स्कूल को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मारपीट, पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ के आरोप लगाए जाने के बाद गांव के लोगों ने इन दावों को खारिज किया है। स्थानीय निवासी जुगल किशोर शर्मा ने दावा किया कि ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट नहीं की और कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ी को खुद नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध सरकारी स्कूल के नाम पर कथित राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर था। दूसरी तरफ CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका का आरोप है कि उनकी टीम के साथ मारपीट की गई, गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और घटना के पीछे भाजपा से जुड़े लोग थे। फिलहाल दोनों पक्षों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Jaipur CJP Workers Attack: ग्रामीणों ने आरोपों पर किया पलटवार
Jaipur CJP Workers Attack मामले में स्थानीय निवासी जुगल किशोर शर्मा ने CJP की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
उनका दावा है कि CJP की टीम करीब 200 से 250 लोगों के साथ गांव पहुंची थी। ग्रामीणों ने उनसे बातचीत की और अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।
जुगल किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ी को खुद नुकसान पहुंचाया और बाद में ग्रामीणों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाया।
Jaipur CJP Workers Attack, हालांकि इस दावे को पुलिस या किसी स्वतंत्र जांच में अभी प्रमाणित नहीं किया गया है।
Jaipur CJP Workers Attack: ग्रामीण बोले- स्कूल के लिए बजट हो चुका मंजूर
ग्रामीणों ने CJP के इस तर्क को भी खारिज किया कि गांव में स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी थी।
जुगल किशोर शर्मा के मुताबिक स्कूल की मरम्मत के लिए स्थानीय विधायक की ओर से ₹12 लाख की राशि मंजूर की जा चुकी है। उनका कहना है कि स्कूल की व्यवस्था गांव और स्थानीय जनप्रतिनिधि मिलकर सुधारेंगे।
यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹12 लाख की राशि मंजूर होने की बात फिलहाल ग्रामीण का दावा है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसकी स्वतंत्र सरकारी दस्तावेजी पुष्टि सामने नहीं आई है।
Jaipur CJP Workers Attack, कुछ दूसरी रिपोर्टों में स्वीकृत राशि को ₹12.50 लाख तक बताया गया है, इसलिए अंतिम सरकारी राशि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
‘BJP-कांग्रेस के अलावा किसी को गांव में नहीं आने देंगे’
Jaipur CJP Workers Attack, ग्रामीणों के बयान का एक हिस्सा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है।
जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि गांव के लोग भाजपा और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य राजनीतिक दल को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। उनका कहना था कि वे स्कूल के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं चाहते।
यह बयान सामने आने के बाद विवाद केवल स्कूल की स्थिति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गांव में किसी राजनीतिक संगठन की गतिविधि और उसके विरोध को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
महिला ग्रामीण बोलीं- केवल कहासुनी हुई
Jaipur CJP Workers Attack मामले में गांव की महिला अनु शर्मा ने भी CJP के मारपीट के आरोपों को नकारा है।
उनका दावा है कि गांव में केवल तीखी बहस और कहासुनी हुई थी। उन्होंने कहा कि स्कूल में करीब 20 से 25 बच्चे पढ़ते हैं और ग्रामीणों को आशंका थी कि CJP के लोग स्कूल भवन को नुकसान पहुंचाने या उसे गिराने की कोशिश कर रहे हैं।
अनु शर्मा का कहना है कि ग्रामीण स्कूल भवन को टूटने नहीं देना चाहते क्योंकि बच्चों की पढ़ाई पहले से प्रभावित है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल की मरम्मत के लिए राशि मंजूर हो चुकी है, इसलिए गांव के लोगों को बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं लगती।
CJP ने लगाए थे मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप
इससे पहले CJP नेताओं ने घटना को लेकर बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की थी।
आशुतोष रांका का आरोप है कि रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची उनकी टीम को रास्ते में रोका गया और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।
रांका ने दावा किया कि:
- CJP कार्यकर्ताओं को पीटा गया
- एक कार्यकर्ता के हाथ में फ्रैक्चर हुआ
- गाड़ियों के शीशे तोड़े गए
- मोबाइल फोन तोड़े गए
- महिला कार्यकर्ता के साथ मारपीट हुई
- टीम पर पत्थर फेंके गए
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Hindustan Times से बातचीत में रांका ने एक volunteer का हाथ fracture होने का दावा भी किया।
Jaipur CJP Workers Attack: BJP पर भी लगाया था आरोप
CJP ने घटना में शामिल लोगों को सामान्य ग्रामीण मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया था कि भाजपा से जुड़े लोगों को मौके पर बुलाया गया था।
आशुतोष रांका ने दावा किया कि उनकी टीम को सरकारी स्कूल की खराब स्थिति उजागर करने से रोकने के लिए हमला कराया गया।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय तमाशबीन बनी रही।
हालांकि CJP के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध रिपोर्टों में हमलावरों की राजनीतिक पहचान स्थापित नहीं हुई है।
Jaipur CJP Workers Attack: वीडियो में क्या दिखाई दिया?
घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में सामने आए हैं।
इनमें CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और टीम को वापस जाने के लिए मजबूर किए जाने के दृश्य दिखाई देते हैं। India Today ने भी स्थानीय लोगों द्वारा CJP टीम का विरोध करने और confrontation की पुष्टि की है।
हालांकि केवल वीडियो के आधार पर यह तय करना संभव नहीं है कि वाहनों के शीशे किसने तोड़े या हिंसा की शुरुआत किस पक्ष ने की।
इसीलिए CJP और ग्रामीणों के दोनों दावों को फिलहाल उनके अपने पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
विवाद की जड़ में सरकारी स्कूल
Jaipur CJP Workers Attack की पूरी घटना की शुरुआत रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर हुई।
CJP का दावा है कि स्कूल का मुख्य भवन असुरक्षित हो चुका है और बच्चों को पास के एक shed में पढ़ाया जा रहा है। रांका ने इसे “भैंसों के तबेले” जैसी जगह बताया है।
स्थानीय ग्रामीण भी स्कूल भवन की स्थिति को लेकर समस्या होने से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि मरम्मत के लिए राशि मंजूर है और वे स्थानीय स्तर पर इसे ठीक करवाना चाहते हैं।
यानी दोनों पक्षों के बीच विवाद स्कूल की समस्या होने से ज्यादा उस समस्या को उठाने और समाधान के तरीके को लेकर दिखाई दे रहा है।
48 घंटे का अल्टीमेटम दे चुके आशुतोष रांका
घटना के बाद आशुतोष रांका ने राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है।
Jaipur CJP Workers Attack, उन्होंने मांग की कि कथित हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए और सरकारी स्कूलों में outsiders की entry को regulate करने वाला आदेश वापस लिया जाए।
रांका ने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो CJP राजस्थानभर में आंदोलन शुरू करेगी और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग उठाएगी।
यहां भी स्पष्ट रहे कि 48 घंटे में सीधे इस्तीफा देने की मांग नहीं, बल्कि गिरफ्तारी और आदेश वापसी न होने पर इस्तीफे के लिए आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
Jaipur CJP Workers Attack की बड़ी बातें
- रामपुरा-कंवरपुरा में CJP टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ।
- CJP ने मारपीट, पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया।
- ग्रामीणों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
- जुगल किशोर शर्मा ने दावा किया कि CJP ने अपनी गाड़ी खुद तोड़ी।
- ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की।
- स्कूल की मरम्मत के लिए ₹12 लाख मंजूर होने का दावा किया गया।
- अनु शर्मा ने कहा कि केवल कहासुनी हुई थी।
- गांव के स्कूल में करीब 20-25 बच्चों के पढ़ने की बात कही गई।
- CJP ने भाजपा से जुड़े लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है।
- इस राजनीतिक आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
- रांका ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
- दोनों पक्षों के आरोपों पर पुलिस की विस्तृत जांच/आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
अब ग्रामीणों के बयान से विवाद ने लिया नया मोड़
कुल मिलाकर Jaipur CJP Workers Attack मामले में ग्रामीणों के ताजा बयान ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। एक तरफ CJP कार्यकर्ताओं का दावा है कि स्कूल का निरीक्षण करने से रोकने के लिए उनके साथ मारपीट और तोड़फोड़ की गई, वहीं ग्रामीणों ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए उल्टा CJP पर ही गाड़ी तोड़ने का आरोप लगाया है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं। ऐसे में आगे पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई, CCTV/video evidence और किसी शिकायत या FIR की स्थिति से ही यह स्पष्ट होगा कि वाहन किसने तोड़े और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था।
राजस्थान पुलिस की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan Police और शिक्षा विभाग से जुड़ी जानकारी के लिए Rajasthan Education Department देख सकते हैं।
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