Rajasthan Model Code of Conduct: राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद लागू आदर्श आचार संहिता के बीच आम लोगों के रोजमर्रा के कई काम पूरी तरह बंद नहीं होंगे। स्वायत्त शासन विभाग ने एक स्पष्टीकरण जारी कर साफ किया है कि पहले से स्वीकृत, नियमित प्रकृति और आम नागरिकों से जुड़े कई प्रशासनिक काम चुनाव अवधि में भी जारी रखे जा सकेंगे। हालांकि नई योजनाओं, नए विकास कार्यों, नए टेंडर और नए वर्क ऑर्डर पर रोक बरकरार रहेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 अगस्त 2026 को राजस्थान के सभी 309 शहरी निकायों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके साथ ही संबंधित शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। मतदान 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में होगा और मतगणना 14 सितंबर को होगी।

Rajasthan Model Code of Conduct में क्यों आया नया स्पष्टीकरण?
Rajasthan Model Code of Conduct लागू होते ही अक्सर यह भ्रम पैदा हो जाता है कि नगर निगम, नगर परिषद या नगरपालिका से जुड़े सभी प्रशासनिक और विकास कार्य बंद हो जाएंगे।
इसी भ्रम को दूर करने के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने निकाय अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि ऐसे काम, जिनकी प्रक्रिया पहले से शुरू है या जो सामान्य प्रशासनिक सेवाओं का हिस्सा हैं, उन्हें केवल आचार संहिता लागू होने के कारण नहीं रोका जाएगा।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार या निकायों को नई घोषणाएं करने की खुली छूट मिल गई है।
1. भवन मानचित्र की स्वीकृति जारी रहेगी
नगर निकाय क्षेत्रों में मकान या अन्य भवन निर्माण के लिए पहले से आए building map approval के आवेदनों का निस्तारण जारी रहेगा।
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत नए निर्माण, पुनर्निर्माण या संशोधन से जुड़े आवेदनों को निर्धारित समयसीमा के भीतर निपटाया जा सकेगा।
यानी केवल चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से पहले से लंबित building permission के मामलों को रोकना जरूरी नहीं होगा।
2. पहले से स्वीकृत भूखंडों के पट्टे मिल सकेंगे
अगर किसी आवासीय या व्यावसायिक योजना में भूखंड पहले ही नीलाम या स्वीकृत हो चुका है और आवेदक ने निर्धारित पूरी राशि जमा कर दी है, तो उसका पट्टा जारी किया जा सकेगा।
इस तरह के मामलों को नई चुनावी घोषणा या नई सरकारी योजना की श्रेणी में नहीं माना गया है।
3. नामांतरण और कृषि भूमि नियमन के काम भी जारी
Rajasthan Model Code of Conduct के दौरान mutation यानी नामांतरण से जुड़े नियमित प्रकरण भी निपटाए जा सकेंगे।
जहां सक्षम स्तर पर पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और निर्धारित राशि जमा हो चुकी है, वहां कृषि भूमि के नियमन और संबंधित पट्टा प्रक्रिया भी जारी रह सकती है।
4. पहले से शुरू विकास कार्य नहीं रुकेंगे
यह आम लोगों और contractors दोनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है।
जिन विकास कार्यों के Work Order आचार संहिता लागू होने से पहले जारी हो चुके हैं या जिनका काम पहले से जमीन पर शुरू हो चुका है, वे जारी रहेंगे।
इसका मतलब यह है कि पहले से बन रही सड़क, नाली, भवन या दूसरे approved infrastructure projects केवल चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की वजह से बीच में नहीं रोके जाएंगे।
लेकिन नया काम मंजूर करके उसका नया work order जारी नहीं किया जा सकेगा।
5. DPR और Estimate बनाने पर रोक नहीं
भविष्य के projects के लिए Detailed Project Report यानी DPR, estimate, drawing-design और tender documents तैयार करने जैसी विभागीय प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है।
तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी की जा सकती है, मगर नई योजना का सार्वजनिक ऐलान, नया tender जारी करना या नया work order देना आचार संहिता के दौरान प्रतिबंधित रहेगा।
6. सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की जरूरी मरम्मत
जनता को तत्काल परेशानी से बचाने के लिए जरूरी civic services पूरी तरह नहीं रुकेंगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश और लागू नियमों के अनुसार:
- सड़क की जरूरी मरम्मत
- नालियों की emergency repair
- स्ट्रीट लाइट की मरम्मत
- दूसरी अत्यावश्यक नागरिक सेवाएं
जारी रह सकती हैं।
इसका उद्देश्य यह है कि चुनावी नियमों के कारण शहरों की basic services प्रभावित न हों।
7. पुराने पट्टों का Renewal और Revalidation
जिन लोगों को पहले ही पट्टा जारी किया जा चुका है लेकिन किसी कारण उसका registration पूरा नहीं हुआ या उसकी validity से संबंधित प्रक्रिया लंबित है, ऐसे मामलों में renewal या revalidation किया जा सकेगा।
यह भी routine administrative work की श्रेणी में रहेगा।
8. जनता से जुड़े नियमित काम चलते रहेंगे
नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका में होने वाले routine काम भी जारी रहेंगे।
यानी ऐसे नियमित प्रशासनिक काम जिनमें किसी नई योजना, नए आर्थिक लाभ या चुनावी घोषणा का तत्व नहीं है, उन्हें केवल आचार संहिता के नाम पर रोकने की जरूरत नहीं होगी।
9. दूसरे विभागों के पुराने projects भी जारी
दूसरे सरकारी विभागों के ऐसे construction projects जो आचार संहिता लगने से पहले शुरू हो चुके हैं, सामान्य तौर पर जारी रह सकते हैं।
शर्त यही है कि काम पहले से स्वीकृत और प्रारंभ हो चुका हो तथा चुनाव के दौरान उसे नई घोषणा के रूप में प्रचारित न किया जाए।
Rajasthan Model Code of Conduct में किन कामों पर रहेगी रोक?
जहां सरकार ने पुराने और routine कामों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है, वहीं Rajasthan Model Code of Conduct के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध भी लागू रहेंगे।
नई स्कीम शुरू नहीं की जा सकेगी।
नए development works का ऐलान नहीं किया जा सकेगा।
नया tender जारी करने और नया work order देने पर रोक रहेगी।
नई भूमि आवंटन नीति या मतदाताओं को प्रभावित करने वाले नए वित्तीय लाभ से जुड़े फैसले नहीं किए जा सकेंगे।
नगर निकायों की सामान्य बोर्ड बैठकों को लेकर भी चुनावी प्रतिबंध लागू रहेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि शहरी क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नई विकास घोषणाएं नहीं की जा सकतीं।
सरकारी गाड़ियों से चुनाव प्रचार पर रोक
नगर निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि चुनाव प्रचार में सरकारी वाहन या निकाय की सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
इसमें:
- मेयर
- डिप्टी मेयर
- सभापति
- उपसभापति
- नगरपालिका अध्यक्ष
- उपाध्यक्ष
जैसे जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
चुनावी प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी, वाहन या दूसरी राजकीय सुविधा का उपयोग Model Code of Conduct का उल्लंघन माना जा सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार को लेकर सख्त compliance निर्देश जारी कर चुका है।
हर ‘छूट’ सीधे विभाग नहीं दे सकेगा
यहां एक और महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।
अगर कोई मामला स्वायत्त शासन विभाग द्वारा स्पष्ट किए गए routine works से बाहर है और उसमें विशेष छूट या अनुमति चाहिए, तो संबंधित विभाग सीधे State Election Commission के पास नहीं जा सकता।
SEC ने निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों को पहले Chief Secretary के माध्यम से भेजा जाए। Chief Secretary स्तर पर जांच और अनुमति के बाद ही मामला आयोग के सामने रखा जाएगा।
यानी यह आदेश blanket exemption नहीं है।

निकाय चुनाव का पूरा कार्यक्रम
राजस्थान के सभी 309 शहरी निकायों में चुनाव दो चरणों में होंगे।
- 27 अगस्त: चुनाव अधिसूचना
- 31 अगस्त: नामांकन की अंतिम तारीख
- 3 सितंबर: नाम वापसी की अंतिम तारीख
- 9 सितंबर: पहले चरण का मतदान
- 11 सितंबर: दूसरे चरण का मतदान
- 14 सितंबर: मतगणना
राज्य में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव कराया जाना है।
Rajasthan Model Code of Conduct की बड़ी बातें
- राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में आचार संहिता लागू है।
- पहले से शुरू development works चलते रहेंगे।
- पहले जारी Work Orders पर काम जारी रह सकता है।
- Building map approvals का निस्तारण होगा।
- पुराने approved plots के पट्टे जारी किए जा सकेंगे।
- Mutation और routine land-related work जारी रहेगा।
- DPR, drawing और estimate तैयार किए जा सकेंगे।
- Emergency road, drain और street-light repair की अनुमति रहेगी।
- पुराने पट्टों का renewal और revalidation हो सकेगा।
- नए tender पर रोक रहेगी।
- नए Work Orders जारी नहीं होंगे।
- नई development schemes की घोषणा नहीं हो सकेगी।
- चुनाव प्रचार में सरकारी वाहन इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे।
- विशेष MCC relaxation का मामला Chief Secretary के जरिए SEC को भेजना होगा।

Rajasthan Model Code of Conduct: आम लोगों के काम पूरी तरह नहीं होंगे बंद
कुल मिलाकर Rajasthan Model Code of Conduct लागू होने का मतलब यह नहीं है कि नगर निकायों में जनता से जुड़े सभी काम बंद हो जाएंगे।
स्वायत्त शासन विभाग के स्पष्टीकरण से साफ है कि पहले से स्वीकृत और नियमित प्रकृति की सेवाएं जारी रहेंगी। सबसे बड़ी रोक नई राजनीतिक या विकास घोषणाओं, नए tender और नए work orders पर होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य दो चीजों के बीच संतुलन बनाना है—एक तरफ चुनाव के दौरान सरकार किसी नई घोषणा के जरिए मतदाताओं को प्रभावित न कर सके और दूसरी तरफ सामान्य नागरिकों के जरूरी काम भी अनावश्यक रूप से न रुकें।
आधिकारिक आदेश और विभागीय circulars के लिए Rajasthan LSG Orders & Circulars देख सकते हैं। चुनाव संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission उपयोगी रहेगा।
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