School Thik Karo: महाराष्ट्र के लातूर में सरकारी स्कूल में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में FIR दर्ज होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा में है। दीपके ने सीधे लंबा बयान देने के बजाय किशोर कुमार के मशहूर गीत ‘ये जीवन है’ के जरिए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने Instagram Story पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाला एक meme भी शेयर किया, जिस पर ‘Oh my God’ लिखा था।
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब लातूर जिले के औसा पुलिस थाने में दीपके, CJP कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत जवाली के जिला परिषद उर्दू स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशदबानो खैरातअली ने दर्ज कराई है।

School Thik Karo FIR के बाद वायरल हुआ जवाब
School Thik Karo अभियान से जुड़े इस मामले की खबर सामने आने के बाद अभिजीत दीपके ने X पर एक वीडियो साझा किया।
वीडियो में किशोर कुमार के गाने ‘ये जीवन है’ का हिस्सा इस्तेमाल किया गया। गाने के जरिए जिंदगी में आने वाली परिस्थितियों को स्वीकार करने जैसा भाव जाहिर किया गया।
इसके बाद दीपके ने Instagram Story पर अपने खिलाफ FIR वाली खबर का screenshot शेयर किया और उसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का meme लगाया। Meme पर ‘Oh my God’ लिखा था। उसी Story में उन्होंने फिर ‘ये जीवन है’ गाने का इस्तेमाल किया।
दीपके की ओर से इस प्रतिक्रिया में FIR के आरोपों पर विस्तृत कानूनी सफाई नहीं दी गई, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया सामने आई।
आखिर किस मामले में दर्ज हुई FIR?
पूरा विवाद महाराष्ट्र के लातूर जिले में औसा के पास स्थित जवाली जिला परिषद उर्दू स्कूल से जुड़ा है।
अभिजीत दीपके और CJP कार्यकर्ता School Thik Karo अभियान के तहत सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे थे। इसी दौरान वे जवाली के स्कूल पहुंचे।
शिक्षिका की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दीपके और उनके साथ आए लोगों ने स्कूल प्रशासन से अनुमति लिए बिना परिसर में प्रवेश किया, विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनसे सवाल किए और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस गतिविधि के कारण स्कूल की पढ़ाई और सरकारी काम प्रभावित हुआ।
यह भी आरोप लगाया गया कि दीपके ने स्कूल को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए जिनसे संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और शिक्षकों को निलंबित कराने की धमकी दी गई। ये सभी फिलहाल शिकायत और FIR में दर्ज आरोप हैं।
School Thik Karo: किन धाराओं में केस दर्ज?
औसा पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
इनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए कथित बल प्रयोग से संबंधित धारा 132, house trespass से जुड़ी धारा 329(3), criminal intimidation की धारा 351(2) और criminal defamation से संबंधित धारा 356(2) शामिल हैं।
लातूर के पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने भी केस दर्ज होने की पुष्टि की है। रिपोर्टों के मुताबिक दीपके के अलावा पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
School Thik Karo अभियान क्या है?
School Thik Karo अभियान CJP ने 15 अगस्त 2026 को शुरू किया था। अभियान की शुरुआत अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी के सरकारी स्कूल से की थी।
अभियान के जरिए CJP सरकारी स्कूलों में भवन, पीने का पानी, शौचालय, बिजली, बैठने की व्यवस्था और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सामने लाने की बात कह रही है।
इसके बाद CJP के सदस्य महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों के साथ राजस्थान सहित दूसरे राज्यों में भी सरकारी स्कूलों की स्थिति देखने पहुंचे।
अभियान को कई स्थानों पर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर विरोध का भी सामना करना पड़ा है।
मुंबई में भी रोके गए थे CJP कार्यकर्ता
मुंबई में civic education department ने CJP कार्यकर्ताओं को पूर्व अनुमति के बिना municipal schools में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक CJP सदस्यों ने Colaba के Mumbai Public School का निरीक्षण किया था, जबकि Wadala के Nadkarni Park Municipal School में पहुंचने पर वरिष्ठ CJP सदस्यों को अनुमति नहीं होने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया।
यानी सरकारी स्कूल में प्रवेश के अधिकार और स्कूल प्रशासन की अनुमति को लेकर विवाद केवल लातूर तक सीमित नहीं रहा है।
जयपुर में CJP टीम के साथ हुआ था टकराव
राजस्थान में भी School Thik Karo अभियान के दौरान बड़ा विवाद सामने आया।
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची CJP टीम और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हुआ था।
CJP ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों ने कई आरोपों को खारिज किया था।
इसलिए उस मामले में भी अलग-अलग पक्षों के दावे हैं और राजनीतिक आरोपों को स्वतंत्र तथ्य नहीं माना जा सकता।
राजस्थान में 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं
इसी बीच राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों में सरकारी स्कूलों की infrastructure स्थिति को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है।
राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में दिए गए UDISE 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है।
इसके अलावा 2,047 स्कूलों में बच्चों के लिए toilets नहीं होने और 1,049 स्कूलों में drinking water facility नहीं होने की जानकारी दी गई। ये आंकड़े नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सवाल के जवाब में विधानसभा में रखे गए थे।
यह आंकड़ा आधिकारिक विधानसभा disclosure से आया है। इसे सीधे CJP अभियान या जयपुर की घटना का परिणाम मानना सही नहीं होगा, हालांकि दोनों घटनाक्रम लगभग एक ही समय पर सामने आए।
School Thik Karo: स्कूल भवनों के लिए बजट भी घोषित
राजस्थान सरकार ने स्कूलों के repair और infrastructure के लिए भी बजट उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।
विधानसभा में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक school repair और renovation के लिए ₹550 करोड़ तथा building-less या जर्जर भवन वाले स्कूलों के लिए नए भवन निर्माण हेतु ₹450 करोड़ का provision है।
सरकार ने अगले पांच वर्षों तक हर साल करीब ₹2,500 करोड़ school buildings के construction, repair और maintenance के लिए जुटाने का प्रस्ताव भी रखा है।
FIR के बाद अब आगे क्या?
School Thik Karo अभियान के लातूर प्रकरण में अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी।
एक तरफ स्कूल की शिक्षिका ने दीपके और अन्य CJP कार्यकर्ताओं पर बिना अनुमति प्रवेश, सरकारी काम में बाधा, धमकी और मानहानि जैसे आरोप लगाए हैं। दूसरी तरफ FIR की खबर आने के बाद दीपके ने सोशल मीडिया पर गीत और meme के जरिए प्रतिक्रिया दी है।
फिलहाल FIR दर्ज होना किसी आरोपी का दोष साबित होना नहीं है। आगे पुलिस जांच, संबंधित पक्षों के बयान और जरूरत पड़ने पर अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों से मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
School Thik Karo: बड़ी बातें
- लातूर के जवाली स्थित ZP Urdu School के मामले में अभिजीत दीपके और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
- शिकायत 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशदबानो खैरातअली ने की।
- आरोप बिना अनुमति प्रवेश, काम में बाधा, धमकी और मानहानि से जुड़े हैं।
- FIR में BNS की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) लगाई गई हैं।
- FIR के बाद दीपके ने ‘ये जीवन है’ गीत वाला वीडियो शेयर किया।
- Instagram Story में PM मोदी वाला ‘Oh my God’ meme भी शेयर किया गया।
- School Thik Karo अभियान 15 अगस्त को शुरू किया गया था।
- इसकी शुरुआत हिंगोली के संतुक पिंपरी गांव से हुई थी।
- राजस्थान विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है।
अब FIR और अभियान दोनों पर नजर
कुल मिलाकर School Thik Karo अभियान के बीच लातूर में दर्ज FIR ने CJP और अभिजीत दीपके को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। लेकिन दीपके ने इस घटनाक्रम पर पारंपरिक राजनीतिक बयान देने के बजाय Kishore Kumar के गीत और PM Modi meme के जरिए प्रतिक्रिया दी है।
अब सबसे अहम सवाल पुलिस जांच को लेकर है—क्या शिकायत में लगाए गए आरोप सबूतों से पुष्ट होते हैं और CJP स्कूल निरीक्षण अभियान को आगे किस तरह जारी रखती है।




