Sugar Shortage in India: त्योहारों से ठीक पहले देश में चीनी की सप्लाई और कीमतों को लेकर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका असर अब retail stores और quick-commerce platforms पर भी नजर आने लगा है। D-Mart, Blinkit, BigBasket और Swiggy Instamart ने कुछ शहरों और चुनिंदा brands में ग्राहकों द्वारा खरीदी जाने वाली चीनी की मात्रा सीमित कर दी है। कहीं ग्राहक एक 5 किलो का पैकेट ही खरीद पा रहे हैं तो कहीं 1 किलो के सिर्फ दो से पांच पैकेट cart में जोड़े जा रहे हैं।
Economic Times की 26 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक retail sugar prices में पिछले दो महीनों में करीब 40% तक तेजी आई है। वहीं केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार औसत खुदरा कीमत 20 जुलाई के ₹48.18 प्रति किलो से बढ़कर 20 अगस्त को ₹55.70 प्रति किलो हो गई।

Sugar Shortage in India: कहां कितनी चीनी खरीद सकेंगे?
दिल्ली-NCR में Blinkit पर Mawana Premium Crystal और Dhampure Crystal White Sugar के 5 किलो वाले कुछ packs को एक पैकेट प्रति transaction तक सीमित किया गया है।
पुणे में Blinkit पर कुछ 1 किलो packs के अधिकतम तीन पैकेट cart में जोड़े जा रहे हैं, जबकि BigBasket पर चुनिंदा brands के पांच 1 किलो packs तक की सीमा देखी गई।
दिल्ली-NCR में Swiggy Instamart ने कुछ brands में 1 किलो के दो packs तक limit लगाई है। वहीं पुणे के एक D-Mart store पर प्रति bill अधिकतम 5 किलो चीनी खरीदने का notice लगाया गया। ये limits location, stock और brand के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
Sugar Shortage in India: चीनी इतनी महंगी क्यों हुई?

सरकार के मुताबिक Sugar Shortage in India के पीछे एक नहीं बल्कि कई वजहें हैं। इनमें अनुमान से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, गन्ने की फसल पर मौसम का असर, global sugar supply में कमी और कुछ कारोबारी स्तर पर speculation तथा hoarding शामिल हैं। सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा तेजी को केवल ethanol के लिए sugar diversion से जोड़ना सही नहीं है।
ET की रिपोर्ट के अनुसार mill-level sugar price जून के पहले सप्ताह में करीब ₹41 प्रति किलो से बढ़कर ₹65 तक पहुंच गया था। सरकारी कदमों के बाद यह इस सप्ताह करीब ₹58 तक नरम हुआ।
Sugar Shortage in India: सरकार ने उठाए ये बड़े कदम
केंद्र ने कीमत और availability को नियंत्रित करने के लिए dealers पर stock limit लगाई है। 1 अगस्त से 30 नवंबर तक sugar dealers के लिए अधिकतम 400 टन stock limit लागू है। वहीं 1 सितंबर से bulk consumers को 15 दिन से ज्यादा की जरूरत के बराबर sugar stock रखने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख टन raw sugar के duty-free import की भी अनुमति दी है। इसके अलावा mills को 15 अक्टूबर से crushing शुरू करने की सलाह दी गई है, ताकि त्योहारी सीजन में नई supply जल्दी बाजार तक पहुंच सके।
हालांकि Reuters की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू ex-mill prices में record high से करीब 20% की गिरावट के कारण मंजूर 10 लाख टन quota में से वास्तविक imports करीब आधे तक सीमित रह सकते हैं।
बिस्कुट-नमकीन भी हो सकते हैं महंगे
Sugar Shortage in India का असर केवल घर में खरीदी जाने वाली चीनी तक सीमित नहीं रह सकता। Packaged food और snack कंपनियों के लिए sugar के साथ edible oil की लागत भी बढ़ी है।
Industry executives के मुताबिक कुछ कंपनियां products की कीमतों में करीब 5-6% तक बढ़ोतरी पर विचार कर रही हैं। अगर input costs ऊंची बनी रहती हैं तो biscuits, sweets, namkeen और दूसरे packaged foods पर भी इसका असर दिख सकता है।
Sugar Shortage in India: बड़ी बातें
- Blinkit, D-Mart, BigBasket और Instamart ने कुछ जगह sugar purchase limits लगाईं।
- कहीं 1 पैक 5 किलो, तो कहीं 2-5 पैकेट की सीमा है।
- सरकारी औसत retail price एक महीने में ₹48.18 से ₹55.70 प्रति किलो हुआ।
- सरकार ने 10 लाख टन raw sugar के duty-free imports की अनुमति दी।
- dealers और bulk consumers के लिए stock limits लागू की गई हैं।
- packaged food की कीमतें भी 5-6% तक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आधिकारिक जानकारी के लिए Department of Food & Public Distribution और सरकार की Sugar Price Release देख सकते हैं। The News Canvas की दूसरी खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।




