Dungarpur Municipal Election 2026: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में डूंगरपुर नगर परिषद की लड़ाई इस बार काफी दिलचस्प होती दिखाई दे रही है। नगर परिषद के कुल 40 वार्डों में BJP और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP ने 12 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर कई सीटों का चुनावी गणित बदल दिया है। वहीं BJP की ओर से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की भी चर्चा है, जिससे कुछ वार्डों पर खास नजर रहने वाली है।
नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी। अब नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया के बाद अंतिम प्रत्याशी तय होंगे। ऐसे में अभी सामने आ रहे चुनावी मुकाबलों को संभावित समीकरण के रूप में देखना ज्यादा सही होगा। डूंगरपुर नगर परिषद के लिए मतदान 9 सितंबर 2026 को होना है।
Dungarpur Municipal Election 2026 में 40 वार्डों की बड़ी लड़ाई
Dungarpur Municipal Election 2026 में नगर परिषद के सभी 40 वार्डों में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिकट मिलने के बाद उम्मीदवार और उनके समर्थक घर-घर संपर्क, छोटी बैठकों और वार्ड स्तर के जनसंपर्क अभियान पर जोर दे रहे हैं।
डूंगरपुर में कुल 37,788 मतदाता नई नगर परिषद की तस्वीर तय करेंगे। इनमें 19,103 पुरुष और 18,685 महिला मतदाता बताए गए हैं। मौजूदा नगर परिषद में BJP का बोर्ड है और पिछले बोर्ड में BJP के 27, कांग्रेस के 6 और अन्य के 7 पार्षद थे।
यही कारण है कि BJP के सामने अपना प्रभाव बनाए रखने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस इस बार नगर परिषद की सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी।
BAP के 12 प्रत्याशियों ने बदला चुनावी गणित
इस बार सबसे बड़ा नया फैक्टर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार BAP ने डूंगरपुर नगर परिषद के 12 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इससे उन वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है, जहां पहले BJP और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही थी।
BAP का प्रभाव डूंगरपुर-बांसवाड़ा के आदिवासी क्षेत्र की राजनीति में पहले से दिखाई देता रहा है। लेकिन नगर परिषद का चुनाव विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अलग होता है। यहां पार्टी के साथ प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, मोहल्ले के मतदाताओं से संपर्क और स्थानीय समस्याओं पर उसकी सक्रियता भी बड़ी भूमिका निभाती है।
इसलिए BAP के 12 उम्मीदवार कितने वार्ड जीत पाएंगे, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना साफ है कि पार्टी की मौजूदगी BJP और कांग्रेस दोनों की रणनीति को प्रभावित करेगी।
Dungarpur Municipal Election 2026 में किसका वोट काटेगी BAP?
Dungarpur Municipal Election 2026 का सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि BAP की मौजूदगी का नुकसान किस दल को ज्यादा होगा।
कुछ वार्डों में BAP अपने सामाजिक और क्षेत्रीय आधार के दम पर स्वतंत्र मुकाबला खड़ा कर सकती है। अगर वह कांग्रेस के परंपरागत मतदाताओं में सेंध लगाती है तो BJP को फायदा हो सकता है। दूसरी ओर अगर BJP विरोधी मत एक तरफ जाने के बजाय अलग-अलग उम्मीदवारों में बंटते हैं तो परिणाम बदल सकते हैं।
इसके उलट कुछ इलाकों में BAP BJP के स्थानीय समीकरण को भी प्रभावित कर सकती है।
इसलिए अभी यह मान लेना कि BAP केवल किसी एक दल के वोट काटेगी, चुनावी आंकड़ों के बिना सही नहीं होगा। वास्तविक असर 9 सितंबर की वोटिंग और 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
BJP ने 5 मुस्लिम उम्मीदवारों पर लगाया दांव
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में BJP की टिकट रणनीति भी चर्चा में है।
रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इसे स्थानीय सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर की गई उम्मीदवार चयन रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
इन प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर खास नजर होगी, विशेषकर उन वार्डों में जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या चुनाव परिणाम प्रभावित कर सकती है।
हालांकि किसी उम्मीदवार की जीत केवल समुदाय के वोट पर निर्भर नहीं होगी। निकाय चुनाव में स्थानीय पहचान, व्यक्तिगत संपर्क, वार्ड में उम्मीदवार की स्वीकार्यता और पार्टी संगठन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Dungarpur Municipal Election 2026: कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती
कांग्रेस के सामने इस बार केवल BJP से मुकाबला करना ही चुनौती नहीं है।
BAP वाले 12 वार्डों में कांग्रेस को संभावित त्रिकोणीय मुकाबले से निपटना होगा। इसके अलावा टिकट वितरण से नाराज दावेदार और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई सीटों का समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
डूंगरपुर नगर परिषद में पिछले कई चुनावों से BJP मजबूत रही है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी लगातार सात नगर परिषद चुनावों में अपना बोर्ड बना चुकी है। ऐसे में कांग्रेस के सामने BJP के इस लंबे दबदबे को तोड़ने की चुनौती है।
कांग्रेस की रणनीति स्थानीय समस्याओं, नगर परिषद के कामकाज और वार्ड स्तर पर मतदाताओं की नाराजगी को चुनावी मुद्दा बनाने की हो सकती है।
24 वार्ड सामान्य, 16 अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षित
Dungarpur Municipal Election 2026 में आरक्षण के समीकरण भी टिकट वितरण में महत्वपूर्ण रहे हैं।
40 वार्डों में:
- 24 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए हैं
- 3 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए
- 5 वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिए
- 8 वार्ड OBC वर्ग के लिए
- कुल 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं
वहीं नगर परिषद सभापति का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है।
आरक्षण और नए परिसीमन की वजह से कई पुराने राजनीतिक समीकरण भी बदले हैं। यही वजह है कि पार्टियों को कई वार्डों में नए चेहरे उतारने पड़े हैं।
निर्दलीय भी बिगाड़ सकते हैं BJP-कांग्रेस-BAP का खेल
नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी अहम होती है।
टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदार अगर चुनाव मैदान में बने रहते हैं तो वे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के वोट काट सकते हैं। खासकर ऐसे वार्डों में जहां जीत-हार का अंतर कुछ दर्जन या कुछ सौ वोट का हो, वहां बागी प्रत्याशी निर्णायक साबित हो सकते हैं।
हालांकि इसकी अंतिम तस्वीर 3 सितंबर को नाम वापसी के बाद ही साफ होगी। चुनाव चिन्ह 4 सितंबर को आवंटित किए जाने हैं।
इसलिए अभी नामांकन दाखिल करने वाले हर व्यक्ति को अंतिम प्रत्याशी मानना सही नहीं होगा।
सड़क, पानी और सफाई भी बनेंगे बड़े मुद्दे
Dungarpur Municipal Election 2026 केवल पार्टी और सामाजिक समीकरणों की लड़ाई नहीं रहने वाला है।
वार्ड स्तर पर स्थानीय समस्याएं भी महत्वपूर्ण होंगी। इनमें प्रमुख रूप से:
- सड़क और नालियों की स्थिति
- पेयजल आपूर्ति
- साफ-सफाई
- कचरा प्रबंधन
- स्ट्रीट लाइट
- जलभराव
- यातायात व्यवस्था
- अतिक्रमण
- वार्डों में विकास कार्य
जैसे मुद्दे शामिल हैं।
नगर निकाय चुनाव में मतदाता अक्सर राष्ट्रीय या राज्य स्तर के बड़े मुद्दों के मुकाबले अपने घर और मोहल्ले से जुड़ी समस्याओं को ज्यादा महत्व देते हैं।
यही वजह है कि सभी दलों के उम्मीदवारों ने अब घर-घर जनसंपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है।
Dungarpur Municipal Election 2026: प्रशासन भी चुनाव की तैयारी में जुटा
चुनावी सरगर्मियों के बीच जिला प्रशासन और पुलिस ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।
डूंगरपुर में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने मतदान केंद्रों, critical booths, strong room और मतगणना से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी की योजना बनाई जा रही है।
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों के लिए पहले चरण में 9 सितंबर को मतदान होना है। वोटों की गिनती 14 सितंबर को निर्धारित है।
Dungarpur Municipal Election 2026 की बड़ी बातें
- डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं।
- मतदान 9 सितंबर 2026 को होगा।
- करीब 37,788 मतदाता मतदान के पात्र बताए गए हैं।
- BJP और कांग्रेस मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।
- BAP ने 12 वार्डों में उम्मीदवार उतारे हैं।
- इससे कई जगह त्रिकोणीय मुकाबला बनने के आसार हैं।
- BJP ने 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं।
- नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी।
- आज 1 सितंबर को scrutiny की प्रक्रिया है।
- नाम वापसी की अंतिम तारीख 3 सितंबर है।
- चुनाव चिन्ह 4 सितंबर को दिए जाएंगे।
- मतगणना 14 सितंबर को होगी।
- BJP पिछले सात नगर परिषद चुनावों से मजबूत स्थिति में रही है।
9 सितंबर को मतदाता करेंगे फैसला
कुल मिलाकर Dungarpur Municipal Election 2026 में इस बार BJP और कांग्रेस की परंपरागत लड़ाई के बीच BAP ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। 12 वार्डों में BAP उम्मीदवारों की मौजूदगी से कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है, जबकि BJP के 5 मुस्लिम उम्मीदवार भी स्थानीय चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा में हैं।
फिलहाल सबसे पहले नजर 3 सितंबर की नाम वापसी पर रहेगी। इसके बाद साफ होगा कि किन वार्डों में BJP-कांग्रेस की सीधी लड़ाई होगी, कहां BAP मुकाबले को त्रिकोणीय बनाएगी और किन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार प्रमुख दलों का खेल बिगाड़ सकते हैं।
आखिरी फैसला डूंगरपुर के मतदाताओं को करना है—और 9 सितंबर को EVM में बंद होने वाला जनादेश 14 सितंबर को बताएगा कि BJP अपना गढ़ बचाती है, कांग्रेस वापसी करती है या BAP शहरी राजनीति में नई जगह बनाती है।
डूंगरपुर से सादिक़ अली की रिपोर्ट
राजस्थान निकाय चुनाव की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देख सकते हैं। राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।




