Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद BJP और Congress दोनों के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। कई शहरों में मंत्री, पूर्व विधायक और संगठन से जुड़े नेताओं के रिश्तेदार चुनाव मैदान में हैं। वहीं टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं ने कहीं इस्तीफा दिया है तो कहीं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। इससे चुनाव से पहले परिवारवाद, स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार और संगठन में प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा बारां के अटरू की है, जहां राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के छोटे भाई कृष्ण मुरारी दिलावर BJP प्रत्याशी के तौर पर वार्ड नंबर 5 से मैदान में उतरे हैं। इसी नगर पालिका में पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल के बेटे कुलदीप चंद्रसेन ने भी BJP प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। कृष्ण मुरारी दिलावर के वार्ड 5 से BJP उम्मीदवार होने की स्थानीय रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई है।

Rajasthan Nikay Chunav 2026: अटरू में मंत्री के भाई पर दांव
अटरू नगर पालिका का यह पहला निकाय चुनाव है और यहां वार्ड नंबर 5 शुरुआत से ही चर्चा में रहा है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के दौरान मदन दिलावर के परिवार से कृष्ण मुरारी दिलावर और पवन दिलावर की दावेदारी की खबरें सामने आई थीं। अंतिम नामांकन के समय कृष्ण मुरारी BJP प्रत्याशी के तौर पर मैदान में आए।
वार्ड नंबर 15 में पूर्व BJP विधायक रामपाल मेघवाल के पुत्र कुलदीप चंद्रसेन ने पार्टी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। इसी वार्ड में पूर्व कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल के बड़े भाई बिशनलाल ने भी नामांकन किया था, लेकिन कांग्रेस ने यहां राकेश मेघवाल को उम्मीदवार बनाया।
यानी एक ही नगर पालिका में अलग-अलग राजनीतिक परिवारों के सदस्य टिकट की दौड़ और चुनावी मैदान में नजर आए।
अलवर में नेताओं के परिवारों पर भरोसा
Rajasthan Nikay Chunav 2026, अलवर में भी टिकटों की सूची में कई राजनीतिक परिवारों के नाम चर्चा में हैं।
विधानसभा चुनाव में अलवर शहर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे अजय अग्रवाल की पत्नी सुमनलता को BJP ने वार्ड नंबर 7 से मौका दिया है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा की पत्नी कमलेश को वार्ड 39 से उम्मीदवार बनाया गया है।
इसके अलावा वार्ड 20 से BJP ने निवर्तमान मेयर की पुत्रवधू बीना गुप्ता और वार्ड 36 से पूर्व BSP प्रत्याशी नीलेश खंडेलवाल की पुत्रवधू अपूर्वा शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है।
राजनीतिक परिवारों से जुड़े इन नामों ने स्थानीय स्तर पर टिकट वितरण को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
टिकट नहीं मिला तो इस्तीफा, निर्दलीय मैदान में उतरे नेता
Rajasthan Nikay Chunav 2026 में चुनौती केवल परिवारवाद की चर्चा तक सीमित नहीं है। टिकट कटने के बाद BJP और Congress दोनों को बागियों से भी जूझना पड़ रहा है।
अलवर में BJP के श्रीकेशव मंडल अध्यक्ष महेश निहालवानी और उनकी कार्यकारिणी की नाराजगी दूर करने के लिए पार्टी नेताओं को सक्रिय होना पड़ा। BJP प्रवक्ता नरेश धानावत ने पद छोड़कर निर्दलीय नामांकन किया, जबकि घनश्याम दत्त गुप्ता ने भी इस्तीफे के बाद निर्दलीय पर्चा भरा।
टिकट वितरण को लेकर इस बार प्रदेशभर में असंतुष्ट दावेदारों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। नामांकन के अंतिम दिन तक BJP और Congress कई निकायों में उम्मीदवारों के नाम तय करने और सिंबल बांटने में जुटे रहे, जिससे कई स्थानों पर आखिरी समय तक असमंजस बना रहा।
Rajasthan Nikay Chunav 2026: डूंगरपुर में ‘बाहरी उम्मीदवार’ पर विरोध
डूंगरपुर नगर परिषद में BJP उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी चयन का विरोध किया।
नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर कथित तौर पर बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद संगठन के वरिष्ठ नेताओं को असंतुष्ट दावेदारों और कार्यकर्ताओं से बातचीत करनी पड़ी।
दूसरी ओर, दक्षिण राजस्थान में भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP भी शहरी चुनाव में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। छोटे दलों में BAP आदिवासी बहुल इलाकों को प्रमुखता दे रही है।
सीकर में पति-पत्नी से लेकर पोते तक मैदान में
सीकर नगर परिषद में Congress ने पूर्व सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी खतीजा बानो दोनों को टिकट दिया है। पूर्व उपसभापति अशोक चौधरी के साथ उनके परिवार की पुत्रवधू को भी चुनावी मौका मिला है।
Rajasthan Nikay Chunav 2026, BJP ने पूर्व विधायक रतन जलधारी के पोते यश जलधारी पर दांव लगाया है।
इसी तरह शेखावाटी के कई निकायों में पति-पत्नी, ससुर-बहू और दूसरे रिश्तेदारों के चुनाव मैदान में उतरने से पारिवारिक राजनीतिक समीकरण चर्चा का विषय बने हुए हैं।
फतेहपुर में भाई-बहन और परिवार के दूसरे सदस्य
फतेहपुर में BJP ने वार्ड 34 से विमल भारद्वाज को टिकट दिया है, जबकि वार्ड 51 में उनके भतीजे की पत्नी शिवानी शर्मा चुनाव लड़ रही हैं।
वार्ड 48 से दयानंद सैनी और वार्ड 39 से उनकी बहन कौशल्या देवी को उम्मीदवार बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इस तरह एक ही परिवार या करीबी राजनीतिक परिवारों के दो-दो सदस्यों को अलग-अलग वार्डों में मौका दिए जाने से टिकट चयन को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।
खंडेला में पति-पत्नी, Congress से पिता-पुत्र
खंडेला में BJP ने वार्ड नंबर 5 से विकास बडगुर्जर और वार्ड 6 से उनकी पत्नी बिमला को चुनाव मैदान में उतारा है।
Congress की ओर से वार्ड 13 में भूराराम और वार्ड 9 में उनके बेटे सुभाष प्रत्याशी हैं।
इस तरह यहां दोनों प्रमुख दलों की सूचियों में एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों की मौजूदगी देखने को मिल रही है।
Rajasthan Nikay Chunav 2026: लक्ष्मणगढ़ में सास-बहू और मां-बेटे
लक्ष्मणगढ़ में भी रिश्तों का दिलचस्प चुनावी समीकरण बना है।
BJP ने वार्ड 34 से सरोज देवी और वार्ड 29 से उनकी पुत्रवधू शीतल जोशी को मैदान में उतारा है। दोनों ने एक साथ नामांकन किया।
Congress ने वार्ड 21 से परमेश्वरी देवी और वार्ड 25 से उनके बेटे संजीव को टिकट दिया है।
Rajasthan Nikay Chunav 2026: पोकरण में रिश्तेदार आमने-सामने
पोकरण में पारिवारिक रिश्ते इस बार प्रतिद्वंद्विता में बदलते नजर आ रहे हैं।
वार्ड 7 से कल्पना और वार्ड 8 से उनकी सास पुष्पा ने Congress प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है।
वहीं वार्ड 10 में Congress के शांतिलाल के सामने BJP से उनके भतीजे हुकमीचंद ने पर्चा दाखिल किया है। इससे यहां परिवार के भीतर ही चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
Rajasthan Nikay Chunav 2026: बेगूं-भीनमाल में बिना मुकाबले जीत की राह
इस बीच कुछ सीटों पर मुकाबला शुरू होने से पहले ही तस्वीर लगभग साफ हो गई है।
बेगूं नगर पालिका के वार्ड 6, 7, 34 और 35 में केवल BJP प्रत्याशियों के नामांकन आने की बात सामने आई है। प्रक्रिया पूरी होने और नामांकन वैध रहने पर इन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बनेगी।
जालोर जिले की भीनमाल नगरपालिका के वार्ड नंबर 11 से BJP के दीपक कुमार देवासी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी पुष्टि की।
जयपुर में BJP ने 8 मुस्लिम प्रत्याशियों पर खेला दांव
Rajasthan Nikay Chunav 2026 में BJP की एक दूसरी रणनीति भी खास चर्चा में है।
जयपुर नगर निगम चुनाव में पार्टी ने 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि BJP ने राजस्थान के 2023 विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव में किसी मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा था।
जयपुर में BJP ने महिलाओं को भी बड़ी संख्या में टिकट दिया है। पार्टी की सूची में 150 वार्डों के लिए 51 महिला प्रत्याशियों की जानकारी सामने आई थी।
इससे साफ है कि टिकट चयन में एक तरफ राजनीतिक परिवारों और स्थानीय प्रभाव वाले चेहरों को जगह मिली है, तो दूसरी ओर जातीय, लैंगिक और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश भी की गई है।
Rajasthan Nikay Chunav 2026 की बड़ी बातें
- अटरू वार्ड 5 से मंत्री मदन दिलावर के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर BJP प्रत्याशी हैं।
- पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल के बेटे कुलदीप चंद्रसेन भी BJP के टिकट पर मैदान में हैं।
- अलवर में कई नेताओं की पत्नी और पुत्रवधू को टिकट मिला है।
- सीकर में पूर्व सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी खतीजा बानो Congress प्रत्याशी हैं।
- खंडेला में BJP से पति-पत्नी और Congress से पिता-पुत्र मैदान में हैं।
- लक्ष्मणगढ़ में सास-बहू और मां-बेटे अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं।
- टिकट नहीं मिलने से कई जगह पार्टी नेताओं ने इस्तीफा देकर निर्दलीय नामांकन किया है।
- भीनमाल के वार्ड 11 से BJP के दीपक देवासी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
- Jaipur में BJP ने 8 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं।
- निकाय चुनाव के लिए मतदान 9 और 11 सितंबर को होना है।
Rajasthan Nikay Chunav 2026: टिकटों के बाद अब बागियों को मनाना बड़ी चुनौती
कुल मिलाकर Rajasthan Nikay Chunav 2026 में उम्मीदवार चयन ने BJP और Congress दोनों के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है। कई सीटों पर नेताओं के परिजनों को टिकट मिलने से परिवारवाद की चर्चा तेज है, जबकि दूसरी तरफ पार्टियां स्थानीय प्रभाव, सामाजिक समीकरण और जीतने की क्षमता के आधार पर उम्मीदवार चुनने की रणनीति अपना रही हैं।
अब टिकट वितरण का दौर लगभग पूरा होने के बाद दोनों दलों का अगला बड़ा काम बागियों और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना है। कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी मुख्य दलों के अधिकृत उम्मीदवारों का चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं।
राजस्थान में मतदान 9 और 11 सितंबर को होना है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि टिकट कटने से नाराज नेता संगठन के साथ लौटते हैं या निर्दलीय मैदान में रहकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते हैं।
राजस्थान निकाय चुनाव की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है। दूसरी चुनावी खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।




