Glacial Lake Outburst Flood: हिमालय में तेजी से पिघलते ग्लेशियर अब केवल बर्फ कम होने की कहानी नहीं हैं, बल्कि इनके साथ अचानक आने वाली विनाशकारी बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। नेपाल में हाल की भीषण आपदा के बाद संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि हिमालयी नदियों के किनारे रहने वाली लाखों की आबादी भविष्य में glacial floods की चपेट में आ सकती है।
UNDP की Asia-Pacific regional director Kanni Wignaraja के मुताबिक 2020 में नेपाल, चीन और भारत से जुड़े तीन प्रमुख नदी बेसिनों में 47 potentially dangerous glacial lakes की पहचान की गई थी। अब UNDP और उसके सहयोगी संगठनों के नए आकलन बताते हैं कि वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक हो सकती है।
नेपाल की तबाही ने क्यों बढ़ाई चिंता?
26 अगस्त को नेपाल के Langtang Lirung क्षेत्र के पास glacier और चट्टान का बड़ा हिस्सा टूटकर घाटी में गिरा। इसके बाद बर्फ, चट्टान, मिट्टी और पानी की विशाल लहर Trishuli river system में नीचे की ओर बढ़ी और कई गांवों तथा hydropower projects को तबाह कर दिया।
2 सितंबर तक Reuters के अनुसार नेपाल में कम से कम 1,114 लोगों की मौत हो चुकी थी और लगभग 3,900 लोग लापता थे। तिब्बत में चीन ने 16 मौतें और 546 लोगों के लापता होने की पुष्टि की थी।
इस आपदा में hydropower sector भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई परियोजनाओं की tunnels और structures में workers फंस गए। 2 सितंबर तक 279 लोगों को hydropower project sites से बचाया जा चुका था, जबकि कम से कम 639 लोग अब भी लापता थे और इनमें से कुछ के tunnels में फंसे होने की आशंका थी।
Glacial Lake Outburst Flood क्या होता है?
Glacial Lake Outburst Flood तब हो सकता है जब glacier के पिघलने से जमा पानी किसी प्राकृतिक बांध—जैसे moraine, बर्फ या चट्टानी मलबे—के पीछे तेजी से बढ़ने लगे।
अगर यह प्राकृतिक barrier कमजोर पड़ जाए, टूट जाए या पानी उसके ऊपर से बहने लगे तो अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की घाटियों में पहुंच सकता है।
GLOF को trigger करने वाली परिस्थितियों में शामिल हो सकते हैं:
- तेजी से glacier melt
- lake में ice या rock avalanche गिरना
- भारी बारिश
- moraine dam का कमजोर होना
- landslide
- भूकंपीय गतिविधि
इस तरह की बाढ़ में पानी के साथ पत्थर, मिट्टी और debris भी बहता है, जिससे downstream settlements और infrastructure को भारी नुकसान हो सकता है।
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Glacial Lake Outburst Flood: 47 झीलों की हुई थी पहचान
ICIMOD और UNDP की 2020 inventory में Koshi, Gandaki और Karnali river basins में 3,624 glacial lakes दर्ज की गई थीं।
इनमें से 47 को potentially dangerous माना गया था:
- 25 चीन में
- 21 नेपाल में
- 1 भारत में
इनमें 31 lakes को highest-risk Rank-I category में रखा गया था।
अब UN की ताजा चेतावनी यह है कि updated data में संभावित खतरनाक glacial lakes की संख्या पहले के अनुमान से काफी अधिक हो सकती है।
Glacial Lake Outburst Flood: भारत के लिए भी क्यों है खतरे की घंटी?
यह खतरा नेपाल या तिब्बत तक सीमित नहीं है। भारत का हिमालयी क्षेत्र भी ऐसे glacier-fed river systems और glacial lakes से जुड़ा है।
भारत के Central Water Commission ने भी GLOF को downstream dams और infrastructure के लिए बड़ा खतरा माना है तथा July 2025 में इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए structural mitigation guidelines जारी की थीं।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे हिमालयी क्षेत्रों में glacial lakes और steep valleys के कारण monitoring, early-warning systems और evacuation planning की अहमियत लगातार बढ़ रही है।
ग्लेशियर तेजी से खो रहे बर्फ
Glacial Lake Outburst Flood risk के पीछे climate change एक महत्वपूर्ण factor है।
ICIMOD की 2026 report के अनुसार Hindu Kush Himalaya में glacier ice-loss की rate वर्ष 2000 के बाद दोगुनी हो चुकी है। 1990 से 2020 के बीच क्षेत्र के glacier area में लगभग 12% की कमी दर्ज की गई।
वैज्ञानिकों के मुताबिक बढ़ती गर्मी glacier ice को कम करने के साथ rock और permafrost stability को भी प्रभावित कर सकती है। इससे rock-ice avalanches, landslides और glacial lake hazards का जोखिम बढ़ सकता है।
Glacial Lake Outburst Flood: चीन ने भी दी नए खतरे की चेतावनी
नेपाल की हालिया त्रासदी के बाद चीन के Ministry of Water Resources ने satellite और radar imagery के आधार पर कहा कि Cuojian River impact crater के आसपास glacier collapse का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
31 अगस्त के assessment में crater के भीतर मौजूद water body का क्षेत्र पहले से कम पाया गया, लेकिन आसपास के glaciers की instability को लेकर निगरानी जारी रखने की बात कही गई।
आपदा के बाद debris से बनी अस्थायी barrier lakes भी एक secondary flood risk बन सकती हैं। शुरुआती दिनों में नेपाल और चीन दोनों ने ऐसी झीलों के breach होने की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की थी।
Glacial Lake Outburst Flood: बड़ी बातें
- नेपाल की हालिया बाढ़ glacier collapse से शुरू हुई, सीधे GLOF से नहीं।
- 2020 में भारत-नेपाल-चीन क्षेत्र में 47 potentially dangerous glacial lakes चिन्हित हुई थीं।
- नए UNDP data में यह संख्या काफी अधिक होने का संकेत है।
- UN के मुताबिक future glacial floods से जोखिम वाली आबादी millions में है।
- Hindu Kush Himalaya में glacier ice-loss rate वर्ष 2000 के बाद दोगुनी हुई है।
- Glacier collapse, GLOF, landslide और debris-dammed lakes अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े Himalayan hazards हैं।
- भारत में भी GLOF mitigation और glacier-lake monitoring की जरूरत बढ़ रही है।
आगे सबसे बड़ी चुनौती क्या?
कुल मिलाकर Glacial Lake Outburst Flood और glacier collapse जैसे खतरों को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन नुकसान को कम किया जा सकता है। Satellite monitoring, early-warning systems, river-level sensors, जोखिम वाले इलाकों की mapping, hydropower projects की climate-resilient planning और समय पर evacuation इसके लिए बेहद जरूरी हैं।
नेपाल की हालिया त्रासदी ने यह दिखाया है कि हिमालय में climate risk अब भविष्य की चेतावनी नहीं बल्कि वर्तमान की चुनौती बन चुका है। ICIMOD के वैज्ञानिक आकलन बताते हैं कि तेजी से बदलती cryosphere का असर आने वाले दशकों में पानी, बिजली, infrastructure और करोड़ों लोगों की आजीविका तक पहुंच सकता है।
अधिक वैज्ञानिक जानकारी के लिए ICIMOD Glacial Lake Inventory और ICIMOD Glacier Outlook 2026 देख सकते हैं।

