Nirmala Sitharaman Iran Meeting: नई दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को ईरान के आर्थिक मामलों एवं वित्त मंत्री डॉ. सैयद अली मदनीजादेह से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा आपसी हित के क्षेत्रों में साझेदारी की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, सीतारमण ने BRICS Summit 2026 में ईरान की सक्रिय भागीदारी और Finance Track के तहत हुई चर्चाओं में उसके रचनात्मक योगदान के लिए धन्यवाद दिया। दोनों पक्षों ने आर्थिक विकास और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार साझा किए।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
Nirmala Sitharaman Iran Meeting का मुख्य फोकस भारत और ईरान के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर रहा।
दोनों देशों ने व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक ऐसे समय हुई है जब BRICS देश आपसी व्यापार, निवेश प्रवाह, स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच वित्तीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
बैठक में भारत और ईरान के बीच उन क्षेत्रों को तलाशने पर भी जोर रहा, जहां दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए पारस्परिक लाभ की संभावना हो सकती है।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting: BRICS Finance Track में ईरान की भूमिका की सराहना
निर्मला सीतारमण ने ईरान की BRICS के वित्तीय मंच पर भागीदारी की सराहना की।
Finance Track के तहत सदस्य देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था, विकास वित्त, आर्थिक सहयोग और आपसी व्यापार को आसान बनाने जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा हुई है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सीतारमण ने ईरान के productive engagement की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के लिए आपसी हित के क्षेत्रों में आगे बढ़ने की गुंजाइश है।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting: भारत-ईरान आर्थिक संबंधों पर फोकस
Nirmala Sitharaman Iran Meeting ऐसे समय हुई है जब वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक तनाव का असर दिखाई दे रहा है।
BRICS भी सदस्य देशों के बीच trade connectivity, payment systems और financial cooperation मजबूत करने पर चर्चा कर रहा है। भारत ने BRICS के भीतर cross-border payments को आसान बनाने और राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने जैसे विकल्पों पर काम करने की बात कही है।
नई दिल्ली में भारत और ईरान के वित्त मंत्रियों की बैठक इसी व्यापक आर्थिक कूटनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
हालांकि दोनों देशों की रविवार की बैठक के बाद किसी नए समझौते या निवेश राशि की घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल बातचीत आर्थिक सहयोग और संभावित क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रही।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting: AIIB अध्यक्ष से भी मिली थीं निर्मला सीतारमण
ईरान के वित्त मंत्री से बैठक से पहले निर्मला सीतारमण ने शनिवार को Asian Infrastructure Investment Bank यानी AIIB की अध्यक्ष Zou Jiayi से भी मुलाकात की थी।
दोनों के बीच भारत और AIIB की साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
इसमें खास तौर पर:
- भारत की infrastructure priorities
- Transport connectivity
- Local-currency financing
- Private-sector participation
- AIIB की global presence
जैसे मुद्दे शामिल रहे।
AIIB की आधिकारिक जानकारी के अनुसार Zou Jiayi ने 16 जनवरी 2026 को बैंक के President और Chair of the Board of Directors का पद संभाला था।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting: Local Currency Financing पर भी जोर
भारत के लिए infrastructure financing एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनी हुई है।
AIIB के साथ बातचीत में local-currency financing बढ़ाने पर चर्चा इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे infrastructure projects को foreign-exchange risks कम करने और घरेलू वित्तीय बाजार से बेहतर जुड़ाव बनाने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा भारत ने private sector की भागीदारी बढ़ाने और AIIB के जरिए transport connectivity को मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा की।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting: रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री से भी हुई बैठक
निर्मला सीतारमण ने 11 सितंबर को रूस के First Deputy Prime Minister Denis Manturov से भी नई दिल्ली में बैठक की थी।
दोनों पक्षों ने भारत-रूस आर्थिक सहयोग को गहरा करने, investment flows बढ़ाने और financial services sector में साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि भारत और रूस ने Bilateral Investment Treaty (BIT) पर बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
इस प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश के लिए एक पारस्परिक रूप से लाभकारी framework तैयार करना और investment flows को बढ़ावा देना है।
BRICS Summit में आर्थिक सहयोग बड़ा मुद्दा
18वें BRICS Summit में आर्थिक सहयोग प्रमुख एजेंडों में शामिल रहा है।
भारत की अध्यक्षता के दौरान BRICS सदस्य देशों के बीच:
- व्यापार बढ़ाने
- स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन
- cross-border payments
- infrastructure financing
- innovation
- supply-chain resilience
- sustainable development
जैसे मुद्दों पर फोकस किया गया है।
भारत लगातार यह कहता रहा है कि BRICS को Global South की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने वाला practical cooperation platform बनना चाहिए।

New Delhi Declaration 2026 को मिली मंजूरी
18वें BRICS Summit के दौरान सदस्य देशों ने New Delhi Declaration 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया।
घोषणा पत्र में global governance reforms, विकासशील देशों की भागीदारी, आर्थिक सहयोग, व्यापार और वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान जैसे मुद्दों पर साझा रुख रखा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा पत्र स्वीकार होने के बाद कहा कि अब सदस्य देशों के साझा संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलने की जरूरत है।
BRICS देशों ने unilateral tariff और non-tariff measures को लेकर भी चिंता जताई और बातचीत व कूटनीति के जरिए अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान खोजने पर जोर दिया।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting की बड़ी बातें
- निर्मला सीतारमण ने 13 सितंबर को ईरान के वित्त मंत्री डॉ. सैयद अली मदनीजादेह से मुलाकात की।
- बैठक नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 के दौरान हुई।
- भारत ने BRICS Finance Track में ईरान की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
- दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
- व्यापार, निवेश और वित्तीय साझेदारी बातचीत के प्रमुख क्षेत्रों में रहे।
- बैठक में किसी नए बड़े समझौते या निवेश राशि की घोषणा नहीं हुई।
- निर्मला सीतारमण ने AIIB अध्यक्ष Zou Jiayi से भी मुलाकात की थी।
- AIIB के साथ infrastructure, transport connectivity और local-currency financing पर चर्चा हुई।
- रूस के Denis Manturov के साथ बैठक में India-Russia BIT negotiations आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
- BRICS ने New Delhi Declaration 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया।
Nirmala Sitharaman Iran Meeting: भारत की आर्थिक कूटनीति पर फोकस
कुल मिलाकर Nirmala Sitharaman Iran Meeting भारत की BRICS Summit के दौरान चल रही व्यापक आर्थिक कूटनीति का हिस्सा है। ईरान के साथ आर्थिक सहयोग, AIIB के साथ infrastructure financing और रूस के साथ investment treaty पर आगे बढ़ती बातचीत दिखाती है कि भारत BRICS मंच का इस्तेमाल द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को भी मजबूत करने के लिए कर रहा है।
ईरान के साथ रविवार की बैठक में किसी नए समझौते का ऐलान नहीं हुआ, लेकिन दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग के संभावित क्षेत्रों को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। आने वाले समय में व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग से जुड़े इन संवादों में क्या ठोस प्रगति होती है, इस पर नजर रहेगी।
अन्य अंतरराष्ट्रीय खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

