PM Modi Teachers Day: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत का एक दिलचस्प हिस्सा चर्चा में है। सार्वजनिक मंचों पर लंबे भाषण देने के लिए पहचाने जाने वाले पीएम मोदी ने एक शिक्षिका से ही पूछ लिया कि अगर वह उनके विद्यार्थी होते और एक अच्छा वक्ता बनना चाहते, तो उन्हें क्या करना चाहिए। जवाब में शिक्षिका ने दो चीजों को सबसे महत्वपूर्ण बताया—आत्मविश्वास और लगातार अभ्यास।
प्रधानमंत्री ने 4 सितंबर को शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर संवाद किया। बातचीत केवल पढ़ाई या पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रही। इसमें public speaking, बच्चों के बढ़ते screen time, उनकी रचनात्मकता, खेलकूद, नशे से बचाव और विद्यार्थियों के वास्तविक जीवन को समझने जैसे विषय भी शामिल रहे।

PM Modi Teachers Day: ‘अगर मैं आपका छात्र होता तो क्या टिप देतीं?’
PM Modi Teachers Day interaction के दौरान प्रधानमंत्री ने public speaking सिखाने वाली एक शिक्षिका से हल्के-फुल्के अंदाज में सवाल किया।
PM Modi Teachers Day, पीएम मोदी ने उनसे पूछा कि अगर वह उनके विद्यार्थी होते और बेहतर वक्ता बनना चाहते तो उन्हें क्या सलाह दी जाती।
शिक्षिका ने जवाब दिया कि सबसे पहले व्यक्ति में confidence होना जरूरी है और आत्मविश्वास लगातार practice करने से विकसित होता है। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री के सामने बात करते समय वह खुद थोड़ी nervous थीं।
इस बातचीत के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्का-फुल्का माहौल भी देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने शिक्षिका की nervousness को लेकर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
PM Modi Teachers Day: अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या बताया?
शिक्षिका की सलाह का मुख्य संदेश बहुत सीधा था।
अच्छा public speaker बनने के लिए सिर्फ भाषा का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। व्यक्ति के अंदर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास होना चाहिए और वह आत्मविश्वास बिना अभ्यास के नहीं आता।
यानी public speaking बेहतर करनी है तो:
- नियमित बोलने का अभ्यास करें
- अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने की कोशिश करें
- audience के सामने बोलने से न घबराएं
- confidence को धीरे-धीरे विकसित करें
- practice को लगातार जारी रखें
यह सलाह केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं बल्कि ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए उपयोगी हो सकती है जिसे मंच, meeting या audience के सामने बोलना पड़ता है।

बच्चों के Screen Time पर भी पीएम मोदी ने जताई चिंता
PM Modi Teachers Day संवाद में प्रधानमंत्री ने बच्चों में बढ़ते screen time को भी एक बड़ी चुनौती बताया।
उन्होंने कहा कि बच्चों का मोबाइल फोन और दूसरी screens पर जरूरत से ज्यादा समय बिताना एक तरह की addiction बनता जा रहा है। ऐसे में केवल माता-पिता ही नहीं बल्कि teachers की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों की जिंदगी को केवल classroom और textbooks के नजरिए से न देखें। विद्यार्थियों की रुचि क्या है, उनकी समस्याएं क्या हैं और वे स्कूल के बाहर अपना समय कैसे बिताते हैं—इन्हें समझने की जरूरत है।
उनका जोर बच्चों को physical activities, sports और creative activities की ओर ले जाने पर भी रहा।
PM Modi Teachers Day: ‘बच्चों का बचपन मरने नहीं देना है’
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने बच्चों के बचपन को सुरक्षित रखने की बात भी कही।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे केवल परीक्षा, नंबर, homework और digital devices तक सीमित न हो जाएं। शिक्षक बच्चों के भीतर मौजूद curiosity और creativity को पहचानने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की जिंदगी के साथ जुड़ने और उनके hidden talent को पहचानने की अपील की।
PM Modi Teachers Day, प्रधानमंत्री का कहना था कि शिक्षक बच्चों के बचपन को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
किताबों से बाहर निकलकर बच्चों को समझें
PM Modi Teachers Day interaction में एक और महत्वपूर्ण संदेश था कि शिक्षा केवल syllabus पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने शिक्षकों से कहा कि वे किताबों से आगे बढ़ें और बच्चों के जीवन को समझें।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे की अपनी strength होती है। किसी की रुचि science में हो सकती है, कोई sports में अच्छा हो सकता है, तो कोई art, music या दूसरी creative activity में आगे हो सकता है।
ऐसे में teacher की भूमिका केवल विषय पढ़ाने की नहीं बल्कि उस प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ाने की भी है।
PM Modi Teachers Day: नियम बनाएं तो बच्चों को उसका कारण भी समझाएं
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों से जुड़े नियमों पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार dress code जैसे नियम लागू कर दिए जाते हैं, लेकिन बच्चों को यह नहीं बताया जाता कि उनके पीछे उद्देश्य क्या है।
उनका संदेश था कि rules को केवल आदेश की तरह लागू करने के बजाय विद्यार्थियों को उनके पीछे का कारण समझाना चाहिए। इससे बच्चों में जिम्मेदारी और समझ विकसित होती है।
शिक्षकों ने बताए अपने Innovative Teaching Methods
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं ने भी प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए।
अलग-अलग राज्यों से आए शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों को कठिन विषय समझाने के लिए किस तरह नई तकनीक और activities का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कुछ शिक्षक technology का उपयोग कर classroom को interactive बना रहे हैं, जबकि कई teachers real-life examples और practical activities के जरिए बच्चों को विषय समझाते हैं।
2026 के National Teachers’ Award के लिए स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 48 स्कूल शिक्षकों का चयन किया है। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। ये शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से चुने गए हैं। चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तीन चरणों वाली प्रक्रिया के जरिए किया गया।

PM Modi Teachers Day: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?
भारत में हर साल 5 सितंबर को Teachers’ Day मनाया जाता है।
यह दिन देश के दूसरे राष्ट्रपति, शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
National Teachers’ Award का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करना है जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उल्लेखनीय काम किया है।
इस साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 चयनित school teachers को National Teachers’ Award 2026 से सम्मानित किया जाना है।
PM Modi Teachers Day की बड़ी बातें
- पीएम मोदी ने 4 सितंबर को National Teachers’ Award विजेताओं से संवाद किया।
- कार्यक्रम 7, लोक कल्याण मार्ग में आयोजित हुआ।
- पीएम ने एक शिक्षिका से बेहतर public speaker बनने की टिप मांगी।
- शिक्षिका ने confidence और लगातार practice को सबसे जरूरी बताया।
- प्रधानमंत्री ने बच्चों के बढ़ते screen time पर चिंता जताई।
- शिक्षकों को किताबों और syllabus से आगे बढ़कर बच्चों की जिंदगी समझने की सलाह दी।
- उन्होंने बच्चों की creativity और hidden talent पहचानने पर जोर दिया।
- बच्चों के बचपन को सुरक्षित रखने में teachers की भूमिका महत्वपूर्ण बताई।
- 2026 में 48 school teachers को National Teachers’ Award के लिए चुना गया है।
पीएम मोदी और शिक्षिका की बातचीत बनी चर्चा का विषय
कुल मिलाकर PM Modi Teachers Day interaction में शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों के साथ कई हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिले। इनमें public speaking को लेकर प्रधानमंत्री और शिक्षिका की बातचीत सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थी बनकर सवाल पूछा और शिक्षिका ने उन्हें वही सलाह दी जो वह अपने students को देती हैं—आत्मविश्वास रखिए और खूब अभ्यास कीजिए।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने teachers को यह संदेश भी दिया कि बदलती technology के दौर में बच्चों को केवल अच्छे marks दिलाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उनके बचपन, creativity, confidence और overall personality को विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आधिकारिक जानकारी के लिए Press Information Bureau की National Teachers’ Award 2026 जानकारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक X अकाउंट देखा जा सकता है।
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