National Teacher Award 2026: कभी जिस कारगिल में गोलियों और गोलाबारी की आवाज के बीच मोहम्मद मुस्तफा कमाल अपनी पढ़ाई पूरी करने की कोशिश करते थे, आज उसी इलाके में उनकी अनोखी teaching बच्चों के लिए पढ़ाई को किताबों से निकालकर वास्तविक अनुभव में बदल रही है। उन्होंने युद्ध के समय बनाए गए पुराने सैन्य बंकर को learning lab में बदल दिया, क्लासरूम को संसद जैसा बनाया और इतिहास पढ़ाने के लिए खेल तथा आसपास की पुरानी चीजों को teaching material बना दिया। उनकी इसी innovative teaching ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित National Teachers Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों में जगह दिलाई है।
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस साल देशभर से 48 school teachers National Teachers Awards के लिए चुने गए हैं। इन्हें 27 राज्यों, 7 केंद्रशासित प्रदेशों और 6 केंद्रीय संगठनों से तीन चरणों की selection process के बाद चुना गया। 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इन शिक्षकों को सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम है।
National Teacher Award 2026: बंकर देखकर आया ऐसा आइडिया
41 वर्षीय मोहम्मद मुस्तफा कारगिल के सीमावर्ती इलाके से आते हैं। National Teacher Award 2026, उन्होंने 2021 से 2026 के बीच Government Model Middle School Grong Pashkum में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाया।
स्कूल परिसर में कारगिल युद्ध के दौरान बनाए गए कुछ पुराने सैन्य बंकर पड़े थे। आम तौर पर कोई इन्हें बेकार ढांचे के रूप में देख सकता था, लेकिन मुस्तफा ने इन्हीं में बच्चों के लिए सीखने की नई जगह तलाश ली।
उन्होंने एक पुराने horizontal sand bunker को prehistoric laboratory में बदल दिया। यहां बच्चों को केवल किताब से यह नहीं बताया गया कि प्राचीन समय में मनुष्य गुफाओं में कैसे रहता था, बल्कि बंकर के अंदर ले जाकर उन्हें उस वातावरण को महसूस कराया गया।
National Teacher Award 2026, इस प्रयोग का असर भी दिखाई दिया। मुस्तफा के मुताबिक बच्चों की participation बढ़ी और वे social science तथा history को केवल याद करने के बजाय समझने लगे।
National Teacher Award 2026: क्लासरूम को ही बना दिया संसद
मुस्तफा कमाल का दूसरा प्रयोग और भी दिलचस्प था।
बच्चों को Civics और लोकतंत्र समझाने के लिए उन्होंने classroom की seating arrangement को संसद जैसा रूप दे दिया। Bench को U-shape में लगाया गया और विद्यार्थियों को दो समूहों—सत्तापक्ष और विपक्ष—में बांटा गया।
खुद मुस्तफा Speaker की भूमिका निभाते थे।
इसके बाद बच्चों को समसामयिक मुद्दों पर चर्चा और debate करने का मौका दिया गया। इसका उद्देश्य यह था कि छात्र किताब में संसद की परिभाषा पढ़ने के बजाय खुद parliamentary process का अनुभव करें।
यही experiential learning उनकी teaching की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
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National Teacher Award 2026: इतिहास को बनाया ‘Practical Subject’
आमतौर पर students practical शब्द को Science जैसे subjects से जोड़ते हैं, लेकिन मुस्तफा के लिए सबसे यादगार पल वह था जब उनके एक middle-school student ने History को practical subject कहा।
मुस्तफा के अनुसार उनके लिए यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं था, क्योंकि इसका मतलब था कि बच्चा इतिहास को केवल dates और घटनाओं के रूप में नहीं, बल्कि अनुभव करने वाले विषय के रूप में देख रहा था।
उन्होंने बच्चों को आसपास मिलने वाले अलग-अलग पत्थरों, पुराने बर्तनों और दूसरी वस्तुओं को खोजने के लिए भी प्रेरित किया।
धीरे-धीरे छात्र पुराने pots और utensils लेकर स्कूल आने लगे और उनके बारे में चर्चा करने लगे। इससे classroom अपने आप एक छोटे history museum जैसा बनने लगा।
Mohenjo-Daro पढ़ाने के लिए बनाया Great Bath Ludo
National Teacher Award 2026 तक पहुंचने वाली मुस्तफा की teaching केवल बंकर और संसद तक सीमित नहीं रही।
उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता और Mohenjo-Daro को रोचक बनाने के लिए Great Bath Ludo नाम का educational game तैयार किया।
इसके जरिए बच्चों को प्राचीन इतिहास से जुड़ी जानकारी खेल-खेल में दी गई। दूसरे educational games का इस्तेमाल assessment के लिए भी किया गया, ताकि परीक्षा बच्चों के लिए डर या तनाव का कारण न बने।
मुस्तफा का उद्देश्य social science को उस image से बाहर निकालना था जिसमें बच्चे इसे केवल रटने वाला subject समझते हैं।
National Teacher Award 2026: कारगिल युद्ध के बीच बीता बचपन
मुस्तफा की अपनी जिंदगी भी आसान नहीं रही।
कारगिल युद्ध के दौरान वह school student थे। आसपास shelling, displacement और अनिश्चितता का माहौल उनकी पढ़ाई का हिस्सा बन चुका था।
उनका सपना शुरुआत में teacher बनने का नहीं, बल्कि cricketer बनने का था।
Srinagar में पढ़ाई के दौरान उन्होंने cricket academies में बच्चों को practice करते देखा और खुद भी जुड़ना चाहते थे, लेकिन training fees उनके परिवार की आर्थिक स्थिति से बाहर थी।
उन्होंने अपने पिता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने का फैसला किया और आखिरकार अपनी पूरी ऊर्जा पढ़ाई पर लगा दी। बाद में यही शिक्षा उनका profession और mission दोनों बन गई।
Sonam Wangchuk से मुलाकात ने बदली सोच
मुस्तफा की teaching philosophy पर शिक्षाविद और innovator Sonam Wangchuk का भी प्रभाव पड़ा।
2016 में दोनों की मुलाकात एक educational initiative के दौरान हुई। उस समय मुस्तफा Ladakh teachers association से जुड़े थे और दूरदराज के सरकारी स्कूलों की quality सुधारने के लिए काम कर रहे थे।
मुस्तफा के मुताबिक Wangchuk ने उन्हें समझाया कि केवल बड़े और आकर्षक projects की बात करने के बजाय छोटे, practical और जमीन पर लागू हो सकने वाले solutions ज्यादा असरदार हो सकते हैं।
इसके बाद association ने Ladakh के दो middle schools में pilot project चलाया। उनके काम के लिए मुस्तफा को Ladakh State Award 2021 for Teaching and Academics भी मिला।
National Teacher Award 2026: AI को लेकर भी शिक्षकों को दिया संदेश
मोहम्मद मुस्तफा मानते हैं कि आने वाले समय में teacher की भूमिका केवल textbook पढ़ाने तक सीमित नहीं रह सकती।
उनका कहना है कि तेजी से बदलती technology और Artificial Intelligence के दौर में शिक्षकों को AI tools के सही और ethical इस्तेमाल को समझना जरूरी है।
उनके अनुसार teachers का काम बच्चों को केवल predefined रास्ते पर चलाना नहीं, बल्कि उनकी curiosity, interests और strengths पहचानकर उन्हें अपना रास्ता तलाशने में मदद करना है।
मुस्तफा NCERT से जुड़े teacher training, curriculum development और academic work में भी योगदान दे चुके हैं। उन्होंने ग्रामीण सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए local communities और School Management Committees के साथ भी काम किया है।
हाल ही में UPSC recruitment process के जरिए उन्हें UT Ladakh के School Education Department में Lecturer in History नियुक्त किया गया है।
National Teacher Award 2026: देशभर से चुने गए 48 शिक्षक
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार National Teacher Award 2026 के लिए कुल 48 school teachers चुने गए हैं।
इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। Selection district, state और national स्तर की तीन चरणों वाली प्रक्रिया के जरिए किया गया है। पुरस्कार का उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मान देना है जिन्होंने school education की quality सुधारने और विद्यार्थियों के learning experience को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
National Teacher Award 2026, आधिकारिक सूची में Ladakh से मोहम्मद मुस्तफा का नाम भी शामिल है।
National Teacher Award 2026 की बड़ी बातें
- मोहम्मद मुस्तफा कारगिल-लद्दाख क्षेत्र के शिक्षक हैं।
- उनकी उम्र 41 वर्ष बताई गई है।
- पुराने military bunker को prehistoric learning lab में बदला।
- Classroom को mock Parliament बनाया।
- Students को ruling party और opposition में बांटकर democracy समझाई।
- Mohenjo-Daro पढ़ाने के लिए Great Bath Ludo बनाया।
- बच्चों को पुराने बर्तन और पत्थर खोजकर history समझने के लिए प्रेरित किया।
- 2021 में Ladakh State Award मिला।
- NCERT से जुड़े academic और training work में योगदान दिया।
- हाल में Lecturer in History नियुक्त हुए।
- National Teachers Award 2026 के लिए देशभर से 48 school teachers चुने गए हैं।
बंकर से निकली शिक्षा की नई कहानी
National Teacher Award 2026 के लिए मोहम्मद मुस्तफा का चयन इस बात का उदाहरण है कि innovative teaching के लिए हमेशा महंगी technology या बड़ी infrastructure की जरूरत नहीं होती।
जिस military bunker का निर्माण कभी युद्ध के दौरान सुरक्षा के लिए हुआ था, उसी जगह को बच्चों के लिए history lab बना देना और सामान्य classroom में benches बदलकर Parliament तैयार कर देना दिखाता है कि उपलब्ध resources से भी learning को रोचक बनाया जा सकता है।
National Teacher Award 2026, मुस्तफा की कहानी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद यही है—जिस इलाके में उन्होंने संघर्ष और गोलाबारी के बीच पढ़ाई की, वहीं आज वे नई पीढ़ी को curiosity और practical learning के साथ आगे बढ़ने का रास्ता दिखा रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी के लिए Ministry of Education के National Teachers Awards portal को देखा जा सकता है। National Teachers Awards का उद्देश्य उत्कृष्ट और innovative teaching के जरिए विद्यार्थियों के जीवन तथा school education की quality में योगदान देने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय पहचान देना है।

