दिनभर कुर्सी से चिपके रहना पड़ सकता है भारी: ऑफिस और वर्क फ्रॉम होम कर्मचारियों के लिए वैज्ञानिक चेतावनी

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Image: TNC

सुबह लैपटॉप खुलता है, मीटिंग शुरू होती है और देखते-देखते कई घंटे कुर्सी पर ही गुजर जाते हैं। आधुनिक ऑफिस संस्कृति और वर्क फ्रॉम होम मॉडल ने काम को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ एक नई स्वास्थ्य चुनौती भी सामने आई है—लंबे समय तक बैठे रहना। वैज्ञानिक इसे “साइलेंट हेल्थ रिस्क” यानी ऐसा खतरा मानते हैं जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है और अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक समस्या गंभीर न हो जाए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लंबे समय तक निष्क्रिय या बैठे रहने की आदत हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और समय से पहले मृत्यु के बढ़ते जोखिम से जुड़ी हुई है। WHO की गाइडलाइन स्पष्ट रूप से बताती है कि वयस्कों को लंबे समय तक बैठे रहने का समय कम करना चाहिए और दिनभर में नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि शामिल करनी चाहिए।

कितना बैठना खतरनाक माना जाता है?

दुनिया भर में किए गए शोध बताते हैं कि ऑफिस कर्मचारी अपने कार्य समय का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बैठे हुए बिताते हैं। कई कर्मचारियों का कुल बैठने का समय 8 से 12 घंटे प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि वैज्ञानिकों ने “सिटिंग डिजीज” जैसे शब्दों का उपयोग करना शुरू कर दिया है।

2024 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों की नौकरी मुख्य रूप से बैठकर करने वाली होती है, उनमें हृदय रोग से मृत्यु का जोखिम लगभग 34 प्रतिशत और किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम 16 प्रतिशत तक अधिक पाया गया। चिंताजनक बात यह है कि केवल शाम को थोड़ी एक्सरसाइज कर लेना भी लंबे समय तक बैठे रहने के सभी दुष्प्रभावों को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाता।

केवल शरीर ही नहीं, दिमाग भी प्रभावित होता है

अक्सर लोग सोचते हैं कि बैठने से केवल वजन बढ़ता है, लेकिन वैज्ञानिक शोध इससे कहीं अधिक गंभीर तस्वीर दिखाते हैं। 2024 के SMART-STEP अध्ययन में पाया गया कि कार्यस्थल पर अत्यधिक बैठना संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive Function) और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले कर्मचारियों में ध्यान केंद्रित करने, निर्णय लेने और मानसिक ऊर्जा बनाए रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारा मस्तिष्क भी शरीर की तरह नियमित गतिविधि से लाभ प्राप्त करता है। जब हम लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो रक्त प्रवाह धीमा पड़ सकता है, जिससे मानसिक थकान और उत्पादकता में कमी महसूस हो सकती है।

गर्दन, पीठ और मांसपेशियों पर असर

वर्क फ्रॉम होम के बढ़ते चलन ने एक और समस्या पैदा की है—खराब बैठने की मुद्रा। शोध बताते हैं कि लंबे समय तक बैठना गर्दन, कंधों और कमर दर्द की प्रमुख वजहों में से एक है। एक बड़े विश्लेषण में पाया गया कि प्रतिदिन 6 घंटे से अधिक समय तक बैठे रहने वालों में गर्दन दर्द का जोखिम उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाता है।

यही कारण है कि फिजियोथेरेपिस्ट अक्सर कहते हैं:

“Your best posture is your next posture.”

अर्थात सबसे अच्छी मुद्रा वह है जिसे आप बदलते रहें। शरीर किसी एक स्थिति में घंटों रहने के लिए नहीं बना है।

क्या स्टैंडिंग डेस्क समाधान है?

कई लोग मानते हैं कि स्टैंडिंग डेस्क समस्या का अंतिम समाधान है। लेकिन हालिया अध्ययनों ने दिखाया है कि लगातार खड़े रहना भी पर्याप्त नहीं है। शोधकर्ताओं का निष्कर्ष है कि केवल बैठने की जगह खड़े रहना स्वास्थ्य जोखिमों को पूरी तरह समाप्त नहीं करता। असली समाधान “मूवमेंट” यानी नियमित शारीरिक गतिविधि है।

विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?

हाल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि हर घंटे लगभग 5 मिनट का मूवमेंट ब्रेक लेना स्वास्थ्य और उत्पादकता दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है। इससे थकान कम होती है, मूड बेहतर होता है और कार्य क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

आसान उपाय

  • हर 45–60 मिनट बाद कुर्सी से उठें।
  • फोन कॉल के दौरान चलते हुए बात करें।
  • पानी भरने या कॉफी लेने के लिए पैदल जाएं।
  • लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें।
  • दिनभर में कम से कम 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि का लक्ष्य रखें।
  • बैठने और खड़े रहने के बीच संतुलन बनाएं।

निष्कर्ष

मानव शरीर लगातार गति के लिए बना है, स्थिर रहने के लिए नहीं। चाहे आप कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करते हों या घर से लैपटॉप पर, लंबे समय तक लगातार बैठे रहना धीरे-धीरे आपके दिल, दिमाग, मांसपेशियों और संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। अच्छी खबर यह है कि समाधान कठिन नहीं है—हर घंटे कुछ मिनट की गतिविधि, नियमित वॉक और थोड़ी जागरूकता आपको भविष्य की कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।

कभी-कभी बेहतर स्वास्थ्य की शुरुआत किसी नई दवा से नहीं, बल्कि सिर्फ अपनी कुर्सी से उठने से होती है।

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