Rajasthan Nikay Election Controversy: राजस्थान नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जुड़ा एक वीडियो राजनीतिक विवाद की वजह बन गया। शुक्रवार को गहलोत अपने परिवार के साथ महामंदिर इलाके के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे थे। इसी दौरान मतदान केंद्र पर मौजूद एक व्यक्ति ने उनके पैर छुए। वीडियो सामने आने के बाद BJP ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति पोलिंग टीम का सदस्य था और मामले की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी तथा राज्य निर्वाचन आयोग से की गई है।
राजस्थान में शुक्रवार, 11 सितंबर को निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए 147 शहरी निकायों में मतदान हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस चरण में 4,774 वार्डों के लिए 9,758 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 87.60 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालने के पात्र हैं।
Rajasthan Nikay Election Controversy कैसे शुरू हुआ?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत के साथ जोधपुर के महामंदिर इलाके में मतदान करने पहुंचे।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक गहलोत और उनके परिवार ने महामंदिर क्षेत्र के polling station पर मतदान किया। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो में मतदान केंद्र के आसपास मौजूद एक व्यक्ति को गहलोत के पैर छूते देखा गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद BJP ने इस व्यक्ति को polling team का सदस्य बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद मामला चुनावी आचार संहिता और मतदान कर्मियों की निष्पक्षता से जोड़ दिया गया।

BJP ने निर्वाचन आयोग को भेजी शिकायत
Rajasthan Nikay Election Controversy में BJP ने घटना को गंभीर बताते हुए निर्वाचन अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान BJP के विधि प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारियों की ओर से शिकायत में सवाल उठाया गया कि यदि चुनाव ड्यूटी पर मौजूद कोई कर्मचारी किसी बड़े राजनीतिक नेता के प्रति इस तरह सार्वजनिक रूप से सम्मान या झुकाव प्रदर्शित करता है तो इससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।
BJP ने संबंधित व्यक्ति की भूमिका की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की कि वह वास्तव में polling party का सदस्य था या नहीं।
यही तथ्य इस पूरे विवाद में सबसे अहम है, क्योंकि केवल मतदान केंद्र पर मौजूद होने से किसी व्यक्ति को चुनाव कर्मचारी नहीं माना जा सकता।
Rajasthan Nikay Election Controversy: BJP का आरोप- निष्पक्षता पर उठते हैं सवाल
भाजपा का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह राजनीतिक रूप से निष्पक्ष दिखाई देना भी जरूरी है।
Rajasthan Nikay Election Controversy, पार्टी ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यवहार मतदाताओं के बीच गलत संदेश दे सकता है। इसी आधार पर जांच और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के तौर पर पैर छूने का व्यवहार अपने आप में चुनावी अपराध साबित नहीं करता। इस मामले में सबसे पहले यह तय होना जरूरी है कि व्यक्ति कौन था, उसकी चुनाव ड्यूटी में क्या भूमिका थी और घटना किन परिस्थितियों में हुई।
Rajasthan Nikay Election Controversy: वार्ड नंबर 82 में वोट डालने पहुंचे थे गहलोत
अशोक गहलोत जोधपुर में मतदान करने पहुंचे थे। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान उनका परिवार भी उनके साथ था। राजस्थान में इसी दिन जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर जैसे बड़े नगर निगमों समेत 147 निकायों में मतदान हो रहा है।
इस चरण में कुल 18,266 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक निर्धारित है।
गहलोत ने मतदान के बाद राज्य सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला और दावा किया कि मौजूदा BJP सरकार के कार्यकाल में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।

क्या पैर छूना आचार संहिता का उल्लंघन है?
Rajasthan Nikay Election Controversy में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या किसी polling employee द्वारा नेता के पैर छू लेना सीधे तौर पर Model Code of Conduct का उल्लंघन माना जाएगा।
इसका सीधा जवाब घटना की परिस्थितियों और संबंधित व्यक्ति की आधिकारिक भूमिका पर निर्भर करेगा।
चुनावी प्रक्रिया में सरकारी और polling personnel से राजनीतिक निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। किसी भी कर्मचारी को चुनावी काम करते समय किसी दल या प्रत्याशी के पक्ष में ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए जिससे उसकी neutrality पर संदेह पैदा हो।
लेकिन किसी शिकायत पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले निर्वाचन अधिकारी को यह जांचना होगा कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में चुनाव ड्यूटी पर था या नहीं और वीडियो में दिखाई देने वाला व्यवहार किसी चुनावी गतिविधि को प्रभावित करने वाला था या केवल व्यक्तिगत अभिवादन।
प्राथमिक जांच को लेकर क्या सामने आया?
मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिकायत के बाद स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक पड़ताल की गई और BJP की ओर से लगाए गए आरोपों को शुरुआती जांच में पुष्ट नहीं माना गया।
हालांकि इस पर राज्य निर्वाचन आयोग या जिला निर्वाचन अधिकारी की विस्तृत लिखित कार्रवाई सामने आने के बाद ही अंतिम स्थिति पूरी तरह साफ मानी जानी चाहिए।
इसलिए फिलहाल यह कहना ज्यादा सटीक होगा कि BJP ने polling party member होने का आरोप लगाया है, जबकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।
Rajasthan Nikay Election Controversy: दूसरे चरण में 87 लाख से ज्यादा मतदाता
राजस्थान नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में बड़े पैमाने पर मतदान हो रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस चरण में:
- 147 शहरी निकायों में मतदान
- 4,774 वार्ड
- 9,758 मतदान केंद्र
- 87,60,884 मतदाता
- 18,266 उम्मीदवार
चुनावी मैदान में हैं।
शुरुआती घंटों में जयपुर, झुंझुनूं और पुष्कर समेत कुछ क्षेत्रों में EVM से जुड़ी तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं, जिसके कारण कुछ मतदान केंद्रों पर वोटिंग थोड़ी देर प्रभावित हुई।
Rajasthan Nikay Election Controversy की बड़ी बातें
- अशोक गहलोत शुक्रवार को जोधपुर में वोट डालने पहुंचे।
- पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव और बहू हिमांशी भी साथ थे।
- मतदान केंद्र पर एक व्यक्ति ने गहलोत के पैर छुए।
- BJP का दावा है कि वह polling team का सदस्य था।
- भाजपा ने निर्वाचन आयोग से मामले की शिकायत की।
- पार्टी ने चुनाव कर्मचारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाया।
- संबंधित व्यक्ति की वास्तविक भूमिका इस विवाद का अहम मुद्दा है।
- उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शुरुआती जांच में आरोप पुष्ट नहीं होने की बात सामने आई है।
- दूसरे चरण में राजस्थान के 147 निकायों में मतदान हो रहा है।
- 87.60 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालने के पात्र हैं।
- मतगणना 14 सितंबर को होनी है।
Rajasthan Nikay Election Controversy: अब आयोग की कार्रवाई पर नजर
कुल मिलाकर Rajasthan Nikay Election Controversy में एक छोटे से वीडियो ने जोधपुर की वोटिंग के दौरान बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। BJP ने इसे polling personnel की निष्पक्षता से जोड़ते हुए निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की है, जबकि अभी सबसे अहम सवाल यही है कि गहलोत के पैर छूने वाला व्यक्ति वास्तव में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी था या नहीं।
इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी या राज्य निर्वाचन आयोग की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही शिकायत की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव की आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है। The News Canvas पर राजस्थान की दूसरी खबरों के लिए जोड़ सकते हैं।

