BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पाकिस्तान स्थित और भारत सरकार द्वारा ISI समर्थित बताए गए शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को लेकर भी निगरानी तेज है। अगस्त में इस नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन इसके बाद भी सामने आए खुफिया इनपुट के मद्देनजर दिल्ली और आसपास के इलाकों में संभावित संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
दिल्ली पुलिस पहले ही राजधानी में सुरक्षा बढ़ा चुकी है। BRICS Summit के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मी, 200 paramilitary companies और 500 से ज्यादा CCTV कैमरे तैनात किए गए हैं। Bharat Mandapam, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के होटलों और प्रमुख routes पर multi-layer security व्यवस्था लागू की गई है।
BRICS Summit 2026 से पहले शाहजाद भट्टी को लेकर क्या अलर्ट?
BRICS Summit 2026 से कुछ सप्ताह पहले सामने आई खुफिया जानकारी में आशंका जताई गई थी कि पाकिस्तान में मौजूद शाहजाद भट्टी का नेटवर्क दिल्ली के बाहरी या सीमावर्ती इलाकों में किसी तरह की disruptive activity की कोशिश कर सकता है।
25 अगस्त की रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस को संभावित low-intensity blast या पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने जैसी साजिश के इनपुट मिले थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी थी।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये खुफिया आकलन और संभावित खतरे की जानकारी है। किसी हमले की योजना पूरी तरह तैयार होने या उसके क्रियान्वयन की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है।
BRICS Summit 2026: 253 लोगों की हिरासत के बाद भी क्यों है चिंता?
गृह मंत्रालय के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस से पहले शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर coordinated operation चलाया गया था।
12 अगस्त को 14 राज्यों में हुई कार्रवाई में कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा नेटवर्क के खिलाफ कुल मिलाकर 80 से ज्यादा FIR और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज होने की जानकारी दी गई।
राज्यवार हिरासत के आंकड़े इस प्रकार थे:
- उत्तर प्रदेश – 62
- हरियाणा – 52
- दिल्ली – 51
- पंजाब – 44
- राजस्थान – 15
- महाराष्ट्र – 8
- उत्तराखंड – 5
- कर्नाटक – 3
- गुजरात – 3
- बिहार – 3
- तेलंगाना – 2
- हिमाचल प्रदेश – 2
- जम्मू-कश्मीर – 2
- केरल – 2
सरकारी बयान में कहा गया था कि यह कार्रवाई real-time intelligence sharing के आधार पर राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर की गई।
MHA ने नेटवर्क को बताया ISI समर्थित सिंडिकेट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क को पाकिस्तान स्थित और ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट बताया है।
सरकार का आरोप है कि यह नेटवर्क भारत में grenade attacks, IED incidents, petrol-bomb attacks और targeted killings से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा है। मंत्रालय के मुताबिक नेटवर्क स्थानीय संपर्कों के जरिए पुलिस, रक्षा और धार्मिक प्रतिष्ठानों की रेकी कराने की भी कोशिश करता था।
ये आरोप भारत सरकार और जांच एजेंसियों के आधिकारिक दावों पर आधारित हैं।
BRICS Summit 2026: कार्रवाई में क्या बरामद होने का दावा?
MHA के मुताबिक अगस्त के crackdown में सुरक्षा एजेंसियों ने कई तरह की संदिग्ध सामग्री बरामद की थी।
इनमें कथित तौर पर:
- IED
- Pakistan Ordnance Factory markings वाले grenades
- Pistols
- Live cartridges
- Surveillance के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV cameras
शामिल थे। सरकार ने इन बरामदगियों को नेटवर्क के कथित cross-border links से जोड़कर देखा था।
BRICS Summit 2026 के लिए दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा
BRICS Summit 2026 के मद्देनजर दिल्ली में पहले से ही बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
राजधानी में करीब:
- 15,000 Delhi Police personnel
- 200 paramilitary companies
- 500+ CCTV cameras
तैनात किए गए हैं। CCTV surveillance के साथ facial-recognition systems का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके अलावा Bharat Mandapam और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले होटलों पर विशेष security cover रखा गया है।
Delhi Police की K9 unit के 100 से ज्यादा sniffer dogs भी summit security में लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल anti-sabotage checks के लिए किया जा रहा है।
BRICS Summit 2026: Cyber Security को लेकर भी एडवाइजरी
सुरक्षा केवल जमीन पर ही नहीं, cyber space में भी बढ़ाई गई है।
Delhi Police ने BRICS Summit से पहले cyber-security advisory जारी कर लोगों को suspicious links, phishing attempts, malware और unverified apps से सावधान रहने को कहा है।
इसके अलावा एक सामान्य security advisory में भी लोगों से crowded places में सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।
BRICS Summit 2026: संभावित स्थानीय संपर्कों पर नजर
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों की चिंता केवल पाकिस्तान में मौजूद alleged handlers तक सीमित नहीं है।
जांच का फोकस ऐसे स्थानीय contacts या पुराने suspects पर भी है, जिनका इस्तेमाल logistics, reconnaissance या दूसरे support functions के लिए किए जाने की आशंका हो सकती है।
25 अगस्त की रिपोर्ट में बताया गया था कि दिल्ली में 2,000 से ज्यादा लोगों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसमें proclaimed offenders, जमानत पर बाहर कुछ संदिग्ध और पहले जांच के दायरे में आए लोग शामिल बताए गए थे।
यह निगरानी अपने आप में किसी व्यक्ति की अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करती।
Bharat Mandapam में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता
18वां BRICS Leaders’ Summit 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है।
Reuters के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य सदस्य देशों के नेता सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है।
इसी वजह से दिल्ली में VVIP movement, hotels, airport routes और summit venue के आसपास security arrangements को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।
BRICS Summit 2026 की बड़ी बातें
- 18वां BRICS Summit 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा।
- शाहजाद भट्टी से जुड़े संभावित security threat के इनपुट पर एजेंसियां पहले से सतर्क हैं।
- 12 अगस्त को 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
- शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 80+ FIR और 200+ गिरफ्तारियां दर्ज होने की जानकारी है।
- MHA ने SBN को पाकिस्तान स्थित ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क बताया है।
- IED, grenades, pistols, cartridges और surveillance cameras बरामद करने का दावा किया गया।
- दिल्ली में करीब 15,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं।
- 200 paramilitary companies सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं।
- 500 से ज्यादा CCTV cameras लगाए गए हैं।
- 100 से ज्यादा sniffer dogs भी anti-sabotage checks में लगे हैं।
- Delhi Police ने अलग से cyber-security advisory भी जारी की है।
BRICS Summit 2026: कार्रवाई के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
कुल मिलाकर BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर मजबूत की गई है। अगस्त में शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई से इस कथित नेटवर्क को झटका लगा, लेकिन बाद में सामने आए intelligence inputs के कारण एजेंसियां complacent नहीं हैं।
इस समय खास फोकस summit venue, VVIP routes, hotels और राजधानी के sensitive areas पर है। हालांकि संभावित हमले को लेकर सामने आई बातें intelligence assessment का हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें confirmed attack plan के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सरकार की शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर आधिकारिक जानकारी के लिए PIB / Ministry of Home Affairs release देख सकते हैं।
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