Rajasthan Panchayat Election को लेकर गांवों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है, लेकिन पहले तय किया गया संभावित चुनावी रोडमैप अब उसी रूप में लागू नहीं हो पाएगा। राजस्थान हाईकोर्ट के सामने जुलाई में पेश कार्यक्रम के मुताबिक पंचायत चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 23 सितंबर 2026 से होनी थी। हालांकि पंचायती राज संस्थाओं की आरक्षण लॉटरी में देरी होने से यह तारीख निकल गई और चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी। अब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से संशोधित कार्यक्रम जारी किए जाने का इंतजार है।
राज्य में इससे पहले नगरीय निकाय चुनाव कराए गए। इसी दौरान जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और चुनाव से जुड़े अन्य प्रशासनिक अधिकारी निकाय चुनावों में व्यस्त रहे। इसका असर पंचायत चुनाव से पहले जरूरी आरक्षण प्रक्रिया पर पड़ा और पहले प्रस्तावित 17-18 सितंबर की लॉटरी स्थगित करनी पड़ी। बाद में इसके लिए 23 और 24 सितंबर की नई तारीखें तय की गईं।
Rajasthan Panchayat Election का पुराना शेड्यूल क्यों बदला?
Rajasthan Panchayat Election की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जिला परिषद, पंचायत समिति, प्रधान, सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारित करना जरूरी था।
आरक्षण की लॉटरी पहले सितंबर के मध्य में होनी थी, लेकिन उसी समय नगरीय निकायों के चुनाव चल रहे थे। कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी और एसडीएम रिटर्निंग ऑफिसर जैसी जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। इस वजह से पंचायती राज विभाग ने 17 और 18 सितंबर की लॉटरी स्थगित कर दी।
इसके बाद 23 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण प्रक्रिया कराई गई। 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की प्रक्रिया तय की गई थी।
Rajasthan Panchayat Election: 23 सितंबर को होनी थी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा
हाईकोर्ट के सामने पेश पुराने रोडमैप के मुताबिक Rajasthan Panchayat Election की आधिकारिक घोषणा 23 सितंबर को प्रस्तावित थी।
इसके बाद 28 सितंबर को जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अधिसूचना जारी करने, 1 अक्टूबर तक नामांकन, 3 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 5 अक्टूबर तक नाम वापसी का कार्यक्रम रखा गया था।
लेकिन आरक्षण प्रक्रिया निर्धारित समय से पीछे खिसकने के कारण 23 सितंबर को पंचायत चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हो पाया। ऐसे में जुलाई में अदालत के सामने रखा गया चरणवार कैलेंडर अब संशोधन के बिना लागू नहीं हो सकता।
Rajasthan Panchayat Election: पुराने रोडमैप में कब होनी थी वोटिंग?
हाईकोर्ट के सामने पेश प्रस्तावित कार्यक्रम में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव चार चरणों में कराने की योजना थी।
पहले चरण में 13 अक्टूबर, दूसरे में 23 अक्टूबर, तीसरे में 29 अक्टूबर और चौथे चरण में 3 नवंबर को मतदान प्रस्तावित था। इसके अगले दिन यानी 14 अक्टूबर, 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 4 नवंबर को संबंधित चरणों में पंच और सरपंच के चुनाव प्रस्तावित किए गए थे।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 12 नवंबर को प्रस्तावित थी। प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव के लिए 14 नवंबर तथा उपप्रधान और उपप्रमुख के लिए 15 नवंबर की तारीख बताई गई थी।
ये तारीखें अब अंतिम आधिकारिक तारीखें नहीं मानी जानी चाहिए, क्योंकि शुरुआत की तारीख ही निकल चुकी है। नया कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

15 नवंबर की समय-सीमा अभी भी अहम
Rajasthan Panchayat Election को लेकर 15 नवंबर 2026 की तारीख सबसे महत्वपूर्ण बनी हुई है। हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश कार्यक्रम और बाद की रिपोर्टों में निकाय एवं पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर तक पूरा करने की बात कही गई है।
आरक्षण लॉटरी में हुई देरी से अब आयोग के पास चुनाव कराने के लिए पहले से कम समय बचा है। इसलिए संशोधित चुनाव कार्यक्रम में नामांकन, प्रचार, चरणवार मतदान और मतगणना की तारीखों को नए सिरे से समायोजित करना पड़ सकता है।
हालांकि अभी यह कहना सही नहीं होगा कि मतदान निश्चित रूप से किस तारीख से शुरू होगा। नई तारीखों की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आदेश के बाद ही अंतिम मानी जाएगी।
Rajasthan Panchayat Election के लिए आरक्षण प्रक्रिया कहां तक पहुंची?
23 सितंबर को जयपुर समेत विभिन्न जिलों में जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी कराई गई। जयपुर में 57 जिला परिषद वार्ड, 22 प्रधान पद और 386 पंचायत समिति वार्डों के लिए आरक्षण प्रक्रिया की गई।
राज्यभर में SC, ST, OBC और महिला वर्ग के लिए सीटों के आरक्षण का निर्धारण किया गया। 24 सितंबर को ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी का कार्यक्रम रखा गया था।
आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होना संभावित उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के बाद यह तय होता है कि कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।
सोशल मीडिया की तारीखों को न मानें अंतिम
Rajasthan Panchayat Election को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग मतदान तारीखों वाले कार्यक्रम साझा किए जा रहे हैं। पुराने हाईकोर्ट रोडमैप की तारीखों को भी कई जगह मौजूदा आधिकारिक कार्यक्रम बताकर साझा किया जा सकता है।
ऐसे में 13, 14, 23, 24 या अक्टूबर-नवंबर की अन्य तारीखों को फिलहाल अंतिम चुनाव तारीख नहीं माना जाना चाहिए। ये जुलाई में अदालत के सामने रखे गए प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा थीं।
उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए सही तरीका यही है कि वे राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें।
अब कब आएगा पंचायत चुनाव का नया शेड्यूल?
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद Rajasthan Panchayat Election का संशोधित कार्यक्रम जारी किया जाना अगला बड़ा कदम है। 27 सितंबर तक उपलब्ध जानकारी में आयोग की ओर से नया पूर्ण मतदान कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।
नए शेड्यूल में आयोग को अदालत के सामने रखी 15 नवंबर की समय-सीमा, प्रशासनिक तैयारियों और चरणवार मतदान के लिए जरूरी समय को ध्यान में रखना होगा।
ऐसे में राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में अब सबसे बड़ा इंतजार राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का है। शेड्यूल जारी होते ही नामांकन, आचार संहिता, मतदान और मतगणना की नई तारीखें स्पष्ट हो जाएंगी।
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