Bisalpur Dam Water Project के तहत जयपुर की बढ़ती पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक और बड़ी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी है। सूरजपुरा से बालावाला तक प्रस्तावित नई लाइन को शहर की आने वाले करीब 30 वर्षों की पानी की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। परियोजना की DPR तैयार कर उच्च स्तर पर भेजे जाने की जानकारी है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर करीब 2,228 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
योजना के अनुसार वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। काम वर्ष 2028 में शुरू होने की संभावना जताई गई है और निर्माण शुरू होने के बाद करीब 18 महीने में पाइपलाइन तैयार करने का लक्ष्य रखा जा सकता है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि जयपुर में अगले 30 वर्षों तक किसी भी परिस्थिति में जल संकट नहीं होगा। नई पाइपलाइन का उद्देश्य शहर की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाना, मौजूदा लाइन पर दबाव कम करना और भविष्य की मांग के लिए अतिरिक्त व्यवस्था तैयार करना है।
Bisalpur Dam Water Project में क्यों चाहिए नई लाइन?
जयपुर को बीसलपुर परियोजना से पानी पहुंचाने वाली मौजूदा ट्रांसमिशन व्यवस्था करीब डेढ़ दशक से अधिक पुरानी है। राजस्थान सरकार के आधिकारिक RUIDP रिकॉर्ड के अनुसार सूरजपुरा से बालावाला तक मौजूदा clear-water transmission pipeline करीब 97.4 किलोमीटर लंबी और 2300 MM व्यास की है।
शहर का लगातार विस्तार होने और नई कॉलोनियों को बीसलपुर सिस्टम से जोड़ने के कारण इस ट्रांसमिशन नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। लाइन में लीकेज या मरम्मत होने की स्थिति में शहर की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा भी रहता है।
2026 में सामने आई रिपोर्टों में भी अधिकारियों ने दूसरी पाइपलाइन की जरूरत के पीछे मौजूदा एकल ट्रांसमिशन व्यवस्था पर निर्भरता को एक प्रमुख कारण बताया था। मरम्मत के दौरान होने वाले शटडाउन से शहर के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होती रही है।
Bisalpur Dam Water Project: सूरजपुरा से बालावाला तक बिछेगी नई पाइपलाइन
Bisalpur Dam Water Project के प्रस्ताव के तहत सूरजपुरा से बालावाला तक दूसरी मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन तैयार की जाएगी। मौजूदा DPR में लाइन की लंबाई करीब 106 किलोमीटर बताई गई है।
नई लाइन का व्यास करीब 2100 MM प्रस्तावित है। यह मौजूदा 2300 MM पाइपलाइन से करीब 200 MM कम होगा।
अधिकारियों के आकलन के अनुसार भविष्य में नई और पुरानी दोनों लाइनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसलिए नई लाइन को अकेले शहर की पूरी जलापूर्ति का भार उठाने के हिसाब से नहीं देखा जा रहा है।
Bisalpur Dam Water Project, राज्य सरकार के पहले के आधिकारिक दस्तावेजों में भी सूरजपुरा Water Treatment Plant से बालावाला तक दूसरी मुख्य पाइपलाइन बिछाने की योजना दर्ज की गई थी। एक सरकारी प्रकाशन में इसकी लंबाई करीब 97 किलोमीटर बताई गई थी।
Bisalpur Dam Water Project: ₹2,228 करोड़ की DPR तैयार
नई Bisalpur Dam Water Project पाइपलाइन की मौजूदा DPR पर करीब ₹2,228 करोड़ खर्च होने का अनुमान बताया गया है। लागत में पाइपलाइन के अलावा उससे जुड़ी इंजीनियरिंग और ट्रांसमिशन सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
इस परियोजना की लागत समय के साथ बदलती रही है। 2026 की जुलाई की एक रिपोर्ट में 105 किलोमीटर की प्रस्तावित नई लाइन की संभावित लागत ₹2,500 करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान बताया गया था।
इसलिए अंतिम लागत टेंडर, तकनीकी स्वीकृति और परियोजना के अंतिम डिजाइन के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए।

Jaipur Water Supply की क्षमता बढ़ाने पर जोर
जयपुर में बीसलपुर से होने वाली जलापूर्ति शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे आबादी और शहर की भौगोलिक सीमा बढ़ रही है, वैसे-वैसे अतिरिक्त पानी को शहर तक पहुंचाने के लिए transmission capacity बढ़ाने की जरूरत भी बढ़ रही है।
प्रस्तावित योजना में दोनों पाइपलाइनों को मिलाकर भविष्य में करीब 820 MLD तक ट्रांसमिशन क्षमता उपलब्ध कराने की तैयारी है। पुराने सरकारी परियोजना दस्तावेजों में भी जयपुर की 820 MLD तक की पानी की मांग का आकलन किया गया है।
नई लाइन बनने से मौजूदा पाइपलाइन पर निर्भरता कम हो सकती है। किसी एक लाइन में तकनीकी समस्या या रखरखाव की स्थिति में दूसरी लाइन उपलब्ध होने से सप्लाई मैनेजमेंट में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
लो-प्रेशर सप्लाई से मिल सकती है राहत
Bisalpur Dam Water Project की नई लाइन उन इलाकों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है जहां वर्तमान में पानी कम दबाव से पहुंच रहा है।
जयपुर के बाहरी हिस्सों में तेजी से आबादी बढ़ी है। पृथ्वीराज नगर, झोटवाड़ा, कालवाड़ रोड और निवारू रोड सहित कई क्षेत्रों में नई पेयजल परियोजनाओं और कनेक्शनों के बाद पानी की मांग बढ़ी है।
सिर्फ नई मुख्य लाइन बन जाने से हर इलाके की समस्या अपने-आप खत्म नहीं होगी, क्योंकि शहर के भीतर distribution network, pumping stations और storage infrastructure की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है। लेकिन अतिरिक्त transmission line से बीसलपुर का ज्यादा पानी शहर तक लाने की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
Bisalpur Dam Water Project: 2028 में शुरू हो सकता है काम
मौजूदा योजना के मुताबिक Bisalpur Dam Water Project की DPR को स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। सभी जरूरी मंजूरियां समय पर मिलने पर वर्ष 2028 में निर्माण शुरू होने की संभावना है।
इसके बाद करीब 18 महीने में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। इससे सूरजपुरा-बालावाला के बीच बीसलपुर जलापूर्ति के लिए दो मुख्य लाइनें उपलब्ध होंगी।
राजस्थान सरकार पहले ही बीसलपुर-जयपुर जलापूर्ति व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करती रही है। PHED की वार्षिक रिपोर्ट में भी Bisalpur Jaipur Water Supply Project के तहत transmission और distribution से जुड़े कई कार्य दर्ज हैं।
Bisalpur Dam Water Project से जयपुर को क्या फायदा?
नई पाइपलाइन का सबसे बड़ा फायदा बीसलपुर से जयपुर तक पानी पहुंचाने की क्षमता और व्यवस्था में अतिरिक्त विकल्प तैयार होना होगा। शहर की भविष्य की आबादी, नए विकसित क्षेत्रों और बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए दूसरी मुख्य लाइन लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान का हिस्सा बनेगी।
परियोजना समय पर पूरी होती है तो मौजूदा लाइन पर दबाव कम करने, मरम्मत के दौरान सप्लाई व्यवधान घटाने और शहर तक ज्यादा पानी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
अभी परियोजना को जरूरी मंजूरियां और टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी हैं। ऐसे में वास्तविक निर्माण लागत, काम शुरू होने की अंतिम तारीख और completion schedule स्वीकृतियों के बाद और स्पष्ट होंगे।
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