Ashok Gehlot on UPI MDR मामले में कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर UPI ट्रांजेक्शन पर MDR चार्ज को लेकर चिंता जताई और जनता को इसके प्रभावों को समझने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान नगर निकाय चुनाव में चेयरमैन और मेयर चुनाव की प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
Ashok Gehlot on UPI MDR: डिजिटल पेमेंट चार्ज पर गहलोत का सवाल
अशोक गहलोत ने UPI पर MDR (Merchant Discount Rate) चार्ज लागू करने के फैसले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों और आम लोगों पर असर पड़ सकता है।
गहलोत ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार की पहले की घोषणाओं और बाद के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की नीति और MDR चार्ज के बीच अंतर को समझना जरूरी है।
उन्होंने UPI को देश में डिजिटल भुगतान की बड़ी व्यवस्था बताते हुए कहा कि इससे जुड़े फैसलों का सीधा प्रभाव व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ सकता है।
Ashok Gehlot on UPI MDR: UPI MDR चार्ज को लेकर गहलोत ने बताई अपनी टाइमलाइन
गहलोत ने UPI MDR मुद्दे पर कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पहले सरकार की ओर से UPI पर किसी तरह के चार्ज लगाए जाने की खबरों को गलत बताया गया था। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि संस्था USTR की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत की डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई।
गहलोत के अनुसार, बाद में UPI के कुछ ट्रांजेक्शन पर MDR चार्ज लागू करने का फैसला लिया गया। उन्होंने इसे आम जनता और व्यापारियों के हित से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

Ashok Gehlot on UPI MDR: छोटे व्यापारियों पर असर का दावा
गहलोत ने कहा कि UPI के जरिए बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी और दुकानदार लेनदेन करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के खर्च को बढ़ा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले का असर छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। वहीं सरकार की ओर से MDR व्यवस्था को लेकर अलग-अलग समय पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति पर जोर दिया गया है।
Ashok Gehlot on UPI MDR: राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर भी गहलोत ने साधा निशाना
UPI MDR के अलावा अशोक गहलोत ने राजस्थान नगर निकाय चुनाव में मेयर और चेयरमैन पदों के चुनाव को लेकर भी बयान दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के बाद बोर्ड बनाने की प्रक्रिया में लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। गहलोत ने दावा किया कि निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुने गए प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए।
Ashok Gehlot on UPI MDR: गहलोत ने जनता से सतर्क रहने की अपील की
अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि जनता को राजनीतिक फैसलों और आर्थिक नीतियों के प्रभाव को समझना चाहिए।
उन्होंने निकाय चुनाव और UPI MDR दोनों मुद्दों को जनता से जुड़े विषय बताते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
गहलोत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।
UPI MDR और राजस्थान राजनीति पर बढ़ी चर्चा
Ashok Gehlot on UPI MDR बयान के बाद डिजिटल भुगतान नीति और राजस्थान की स्थानीय राजनीति दोनों मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।
UPI देश में डिजिटल लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में MDR जैसे शुल्क से जुड़े फैसले व्यापारियों, बैंकों और ग्राहकों पर किस तरह असर डालते हैं, इस पर लगातार बहस होती रही है।
वहीं राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बाद मेयर और चेयरमैन पदों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं।
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