Ashok Gehlot SMS Hospital Visit: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने जोधपुर की हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान केमिकल विस्फोट में झुलसे दमकलकर्मियों के इलाज और स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। गहलोत ने डॉक्टरों और जोधपुर के चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया से पूरे घटनाक्रम के बारे में भी जानकारी ली।
जोधपुर के बासनी क्षेत्र में 23 सितंबर की शाम एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग लगी थी। परिसर में रखे ज्वलनशील केमिकल और थिनर के कारण कई विस्फोट हुए। शुरुआती आधिकारिक मीडिया रिपोर्टों में 14 दमकलकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी, जिनमें कई गंभीर रूप से झुलस गए थे। छह घायलों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर के SMS अस्पताल शिफ्ट किया गया।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit में डॉक्टरों से ली जानकारी
अशोक गहलोत ने बताया कि गंभीर burn injuries और संक्रमण के खतरे को देखते हुए उन्होंने घायल दमकलकर्मियों से सीधे मिलने के बजाय अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
गहलोत के मुताबिक SMS अस्पताल में भर्ती छह दमकलकर्मियों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने उन्हें इलाज की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया और फिलहाल अस्पताल की तरफ से आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जोधपुर से छह दमकलकर्मियों को 24 सितंबर को अलग-अलग ambulances में green corridor के जरिए SMS अस्पताल लाया गया था। उस समय सात अन्य घायल जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती थे और उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit: केमिकल ड्रम फटने से झुलसे थे दमकलकर्मी
हादसा जोधपुर के गणेश नगर इलाके की एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में हुआ। आग की सूचना मिलने के बाद अलग-अलग fire stations से करीब 10 दमकल गाड़ियां और लगभग 35 कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची थी।
जोधपुर नगर निगम के चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया के अनुसार, फैक्ट्री के अंदर ज्वलनशील केमिकल वाले ड्रम रखे थे। आग बुझाने के दौरान इनमें विस्फोट होने लगे। शुरुआती जांच में सामने आया कि एक केमिकल ड्रम के पास विस्फोट के बाद कई firefighters गंभीर रूप से झुलस गए।
पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने कहा था कि फैक्ट्री में inflammable chemicals और thinner मौजूद थे। पुलिस और प्रशासन यह भी जांच रहे हैं कि इन पदार्थों को वहां किस अनुमति के तहत रखा गया था और संबंधित इकाई के पास जरूरी approvals थे या नहीं।
‘दमकलकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाया’
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने घायल firefighters के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि दमकलकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया।
गहलोत ने fire officers और पूरी firefighting team को धन्यवाद देते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इससे पहले हादसे के दिन भी गहलोत ने घटना पर चिंता जताते हुए घायल दमकलकर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। उनके सोशल मीडिया संदेश में उस समय 13 दमकलकर्मियों के झुलसने की शुरुआती सूचना का उल्लेख था। बाद की मीडिया रिपोर्टों में घायल firefighters की संख्या 14 बताई गई।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit: छह दमकलकर्मियों का SMS अस्पताल में इलाज
जोधपुर से जयपुर शिफ्ट किए गए छह दमकलकर्मियों को burn injuries के कारण SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गहलोत ने अस्पताल में मिली briefing का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती कर्मियों में एक का burn percentage अपेक्षाकृत कम है, जबकि बाकी कई firefighters गंभीर रूप से झुलसे हैं। गंभीर burn cases में संक्रमण और दूसरे complications का खतरा ज्यादा होने के कारण विशेष निगरानी जरूरी होती है।
शुरुआती रिपोर्टों में आठ firefighters के 50% से अधिक झुलसने की जानकारी दी गई थी। इनमें से गंभीर मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में intensive treatment दिया जा रहा है।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit :ठेकाकर्मियों का मुद्दा भी उठाया
अस्पताल से बाहर आने के बाद अशोक गहलोत ने संविदा और ठेका व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit, गहलोत ने कहा कि लंबे समय से contract basis पर काम कर रहे कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के समय विभिन्न विभागों के लगभग एक लाख से अधिक संविदाकर्मियों को राहत देने के लिए नीतिगत कदम उठाए गए थे और मौजूदा सरकार को इस दिशा में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
यहां एक तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है। गहलोत सरकार ने Rajasthan Contractual Hiring to Civil Posts Rules, 2022 लागू किए थे, जिनके दायरे में करीब 1.10 लाख contractual workers बताए गए थे। इन नियमों में संविदाकर्मियों के लिए कैडर, मानदेय और आगे नियमितीकरण की प्रक्रिया का framework बनाया गया था; इसका अर्थ यह नहीं था कि सभी 1.10 लाख कर्मचारी तत्काल स्थायी हो गए थे।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit: गहलोत ने भजनलाल सरकार से क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल शर्मा सरकार से आग्रह किया कि संविदाकर्मियों को लेकर स्पष्ट policy सामने रखी जाए।
उन्होंने कहा कि किसी जनहितकारी योजना पर केवल इसलिए रोक नहीं लगनी चाहिए कि उसकी शुरुआत पिछली सरकार ने की थी। उनके मुताबिक सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि लंबे समय से contract पर काम करने वाले कर्मचारियों के मानदेय, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण को लेकर आगे क्या योजना है।
यह गहलोत का राजनीतिक और नीतिगत पक्ष है। संविदाकर्मियों के नियमितीकरण या पुरानी योजनाओं के मौजूदा implementation की स्थिति अलग-अलग विभाग और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit की बड़ी बातें
- अशोक गहलोत 25 सितंबर को जयपुर के SMS अस्पताल पहुंचे।
- उन्होंने जोधपुर अग्निकांड में घायल firefighters के इलाज की जानकारी ली।
- छह दमकलकर्मियों को जोधपुर से SMS अस्पताल शिफ्ट किया गया था।
- हादसा बासनी क्षेत्र की हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में हुआ था।
- आग के दौरान chemical drums में विस्फोट हुए थे।
- शुरुआती रिपोर्टों में 14 दमकलकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई।
- गहलोत ने firefighters के साहस की सराहना की।
- उन्होंने संविदाकर्मियों का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार से अपनी नीति स्पष्ट करने को कहा।
- गहलोत सरकार ने 2022 में contractual hiring से जुड़े नए नियम लागू किए थे।
Ashok Gehlot SMS Hospital Visit: हादसे की जांच भी जारी
जोधपुर अग्निकांड के बाद प्रशासन फैक्ट्री में रखे chemicals, उसके संचालन और safety permissions की जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में आग के संभावित कारण के रूप में short circuit का भी जिक्र किया गया है, लेकिन अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान गंभीर रूप से झुलसे firefighters के इलाज पर है। Ashok Gehlot SMS Hospital Visit के दौरान भी यही मुख्य मुद्दा रहा, जबकि इसके बाद संविदाकर्मियों को लेकर हुई उनकी टिप्पणी ने राज्य सरकार की employment policy पर राजनीतिक चर्चा को फिर सामने ला दिया है।
राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan Medical & Health Department देखा जा सकता है। राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

