Bisalpur Dam Water Level: मानसून की विदाई शुरू होने के बावजूद जयपुर, अजमेर और टोंक की पेयजल जरूरतों के प्रमुख स्रोत बीसलपुर बांध की स्थिति पिछले साल जैसी नहीं है। 18 सितंबर 2026 को बांध का जलस्तर 314.05 RL मीटर दर्ज किया गया और इसमें कुल क्षमता का करीब 73.98 प्रतिशत पानी मौजूद था। इसके उलट 2025 में भारी बारिश के चलते बीसलपुर 24 जुलाई को ही 315.50 RL मीटर के पूर्ण भराव स्तर तक पहुंच गया था, जिसके बाद पानी की निकासी के लिए गेट भी खोला गया था।
दो साल की यह तस्वीर राजस्थान में मानसून के बड़े उतार-चढ़ाव को दिखाती है। 2025 राज्य के इतिहास के सबसे ज्यादा बारिश वाले मानसून वर्षों में शामिल रहा, जबकि 2026 में सीजन के बड़े हिस्से में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई। इसका सीधा असर बांधों, भूजल recharge और आने वाले गर्मी के मौसम की water availability पर पड़ सकता है।
Bisalpur Dam Water Level: सितंबर में भी पूर्ण भराव से दूर
18 सितंबर को टोंक और बीसलपुर catchment के कुछ हिस्सों में बारिश के बाद बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़कर 314.05 RL मीटर हुआ था।
इसके बावजूद बांध का storage केवल 73.98% के आसपास था। यानी मानसून का अधिकांश हिस्सा निकल जाने के बाद भी बीसलपुर अपने full reservoir level तक नहीं पहुंच पाया था।
बीसलपुर का पूर्ण भराव स्तर 315.50 RL मीटर है। राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन दस्तावेज में भी यही full reservoir level दर्ज है।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बीसलपुर बांध जयपुर के साथ अजमेर और टोंक के लिए भी प्रमुख drinking-water source है।
Bisalpur Dam Water Level: पिछले साल जुलाई में ही भर गया था बीसलपुर
2025 में तस्वीर बिल्कुल अलग थी।
लगातार भारी मानसूनी बारिश और catchment से तेज inflow के कारण 24 जुलाई 2025 को बीसलपुर अपनी पूरी क्षमता तक भर गया था। जलस्तर 315.50 RL मीटर पहुंचने के बाद Gate No. 10 खोलकर downstream पानी छोड़ा गया था।
यह एक असामान्य स्थिति थी क्योंकि आमतौर पर बीसलपुर को पूर्ण भराव स्तर तक पहुंचने के लिए मानसून के काफी हिस्से की बारिश की जरूरत पड़ती है।
2025 में पूरे राजस्थान में भी असाधारण बारिश हुई थी, जिससे बांधों और दूसरे जलाशयों में तेजी से पानी आया।
Bisalpur Dam Water Level: 2025 में राजस्थान में रिकॉर्ड के करीब बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD की Rajasthan Monsoon Report के अनुसार जून से सितंबर 2025 के बीच राजस्थान में 715.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राज्य की 1971-2020 अवधि की long-period average rainfall 435.6 mm है। इस हिसाब से 2025 में बारिश सामान्य से करीब 64% ज्यादा रही।
IMD के रिकॉर्ड के मुताबिक 2025 का मानसून 1901 के बाद राजस्थान का दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला मानसून रहा। इससे अधिक बारिश केवल 1917 में दर्ज की गई थी।
राज्य में मानसून 18 जून को पहुंचा था और 29 जून तक पूरे राजस्थान को कवर कर चुका था।
इस भारी बारिश का सीधा फायदा बीसलपुर सहित प्रदेश के कई जलाशयों को मिला।
Bisalpur Dam Water Level: 2026 में बदल गया बारिश का ट्रेंड
Bisalpur Dam Water Level में इस साल अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी के पीछे कमजोर मानसूनी बारिश अहम कारणों में रही।
IMD के आंकड़ों के आधार पर 1 जून से 3 सितंबर 2026 तक राजस्थान में 295.30 mm बारिश हुई थी, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 374.55 mm मानी जाती है।
यानी उस तारीख तक राज्य करीब 21.16% rain deficit में था।
सितंबर के मध्य तक deficit और बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई। IMD के आंकड़ों पर आधारित 15 सितंबर की रिपोर्ट में राजस्थान की rainfall deficiency करीब 25% बताई गई थी।
19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से southwest monsoon की वापसी भी शुरू हो गई।
हालांकि मानसून withdrawal शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे राजस्थान में बारिश तत्काल पूरी तरह बंद हो जाती है।
Bisalpur Dam Water Level: जयपुर में 25 साल की बारिश का क्या कहता है रिकॉर्ड?
जयपुर शहर और आसपास के क्षेत्र में बारिश हमेशा एक जैसी नहीं रही है।
Central Ground Water Board की Jaipur City and Agglomerates से जुड़ी रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 1999 से 2023 की अवधि में सालाना औसत वर्षा करीब 599.68 mm रही।
इस अवधि में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
2019 में करीब 956 mm बारिश दर्ज हुई, जबकि 2002 में केवल 237 mm बारिश हुई थी। यानी सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश वाले वर्ष के बीच करीब चार गुना अंतर रहा।
कुछ अन्य वर्षों के आंकड़े भी मानसून की variability को दिखाते हैं:
- 2010 – करीब 750 mm
- 2011 – करीब 646 mm
- 2012 – करीब 907 mm
- 2013 – करीब 757 mm
- 2015 – करीब 512 mm
- 2016 – करीब 531.3 mm
- 2018 – करीब 827.1 mm
CGWB की Jaipur aquifer study शहर में groundwater management को गंभीर चुनौती बताती है। अध्ययन क्षेत्र में groundwater monitoring के दौरान कई स्थानों पर जलस्तर काफी गहराई पर दर्ज किया गया है।
Bisalpur Dam Water Level: एक साल ज्यादा बारिश, अगले साल कमी क्यों?
मानसून में साल-दर-साल बदलाव स्वाभाविक है। किसी एक वर्ष में record rainfall होने का मतलब यह नहीं है कि अगला मानसून भी वैसा ही रहेगा।
बारिश पर कई बड़े atmospheric और oceanic factors असर डालते हैं। इनमें:
- मानसून circulation
- Low-pressure systems की संख्या
- Arabian Sea और Bay of Bengal की गतिविधियां
- El Niño-La Niña conditions
- Monsoon trough की position
- स्थानीय weather systems
शामिल हैं।
यही वजह है कि 2025 में राजस्थान ने ऐतिहासिक रूप से ज्यादा बारिश देखी, जबकि 2026 में राज्य के कई हिस्सों में deficit की स्थिति बनी रही।
Bisalpur Dam Water Level :बीसलपुर में पानी कम होना जयपुर के लिए क्यों अहम?
Bisalpur Dam Water Level सिर्फ बांध से जुड़ा आंकड़ा नहीं है। इसका संबंध सीधे जयपुर की drinking-water security से है।
बीसलपुर पर Jaipur, Ajmer और Tonk के बड़े हिस्से की जलापूर्ति निर्भर करती है।
अच्छे मानसून से तीन स्तर पर फायदा होता है—बांध में surface water storage बढ़ता है, catchment में groundwater recharge होता है और अगले summer season में पानी पर दबाव कम हो सकता है।
इसके विपरीत लगातार कमजोर मानसून आने पर reservoir storage और groundwater दोनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
इसी कारण मानसून खत्म होते समय बीसलपुर का storage आने वाले महीनों की water planning के लिए अहम माना जाता है।
Bisalpur Dam Water Level: बारिश का असर सिर्फ बांध तक सीमित नहीं
जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में बारिश का संबंध groundwater से भी है।
CGWB की Jaipur City aquifer mapping report के मुताबिक May 2023 में monitoring locations पर groundwater level लगभग 5.3 metre से 77.9 metre below ground level तक पाया गया था। 75% से अधिक monitoring stations में water level 40 metre से ज्यादा गहराई पर था।
इसलिए अच्छी और फैली हुई मानसूनी बारिश recharge के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
लेकिन केवल ज्यादा बारिश होना पर्याप्त नहीं है। शहरों में बढ़ा concrete cover, natural drainage में बदलाव और तेजी से urbanisation भी groundwater recharge को प्रभावित कर सकते हैं।
Bisalpur Dam Water Level :2026 में बीसलपुर की स्थिति की बड़ी बातें
- 18 सितंबर 2026 को बीसलपुर का जलस्तर 314.05 RL मीटर था।
- बांध में कुल क्षमता का करीब 73.98% पानी मौजूद था।
- पूर्ण भराव स्तर 315.50 RL मीटर है।
- सितंबर की बारिश से बांध में केवल एक सेंटीमीटर की तत्काल बढ़ोतरी दर्ज हुई थी।
- 24 जुलाई 2025 को बीसलपुर पूर्ण क्षमता तक पहुंच गया था।
- 2025 में राजस्थान में 715.9 mm मानसूनी बारिश हुई।
- यह सामान्य से करीब 64% ज्यादा और 1901 के बाद दूसरी सर्वाधिक बारिश थी।
- 3 सितंबर 2026 तक राजस्थान में बारिश सामान्य से करीब 21.16% कम थी।
- सितंबर के मध्य तक statewide deficit करीब 25% बताया गया।
- 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो गई।
Bisalpur Dam Water Level: पिछले साल से बिल्कुल अलग है इस बार की तस्वीर
कुल मिलाकर Bisalpur Dam Water Level दो लगातार मानसून वर्षों के बड़े अंतर को साफ दिखाता है। 2025 में record rainfall के चलते जुलाई में ही बांध 315.50 RL मीटर के पूर्ण स्तर तक पहुंच गया था। वहीं इस बार 18 सितंबर तक storage लगभग 74% रहा।
जयपुर के करीब 25 साल के rainfall records भी यही बताते हैं कि यहां मानसून में बड़े उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं हैं। कभी बारिश सामान्य से काफी ज्यादा होती है तो किसी साल deficit पानी की चिंता बढ़ा देता है।
Bisalpur Dam Water Level, अब बीसलपुर में उपलब्ध पानी की मात्रा, सर्दियों में होने वाली खपत और अगले मानसून तक की water management strategy जयपुर-अजमेर-टोंक की पेयजल व्यवस्था के लिए अहम रहेगी।
IMD के आधिकारिक rainfall data के लिए India Meteorological Department Rainfall Information और groundwater studies के लिए Central Ground Water Board देखा जा सकता है।
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