पटना से हैदराबाद और विजयवाड़ा तक BJP और Congress कार्यकर्ताओं की भिड़ंत ने राजनीति की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के झंडे जमीन पर गिरे और उनके डंडे हथियार बन गए। नेताओं की प्रतिष्ठा बचाने के नाम पर कार्यकर्ता घायल हुए, पुलिस ने लाठीचार्ज किया और जनता के असली मुद्दे पीछे छूट गए। इस वीडियो में देखिए कैसे बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और किसानों की समस्याओं की जगह सड़क पर राजनीतिक हिंसा दिखाई दी। क्या लोकतंत्र अब संवाद से नहीं, लाठी और पत्थरों से चलेगा? आखिर जिम्मेदारी किसकी है—नेताओं की, कार्यकर्ताओं की या पूरी राजनीतिक व्यवस्था की?
CJP प्रदर्शन से होगा तय अब सरकार किसकी…! Neet Paper

