बीकानेर के PBM अस्पताल से आई तस्वीरें मानवता को शर्मसार कर देने वाली हैं। जहाँ एक तरफ अस्पताल के गलियारों में अपनों को खोने का दर्द और चीखें गूंज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार मंत्री का बयान स्थिति की गंभीरता को और अधिक गहरा कर गया। “क्या नाचते-गाते आई थीं?”— यह सवाल केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि उस सरकारी संवेदनहीनता का आईना है, जो आम जनता के दुखों के प्रति उदासीन है। क्या व्यवस्था की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता पर पर्दा डालने के लिए जनता के दर्द का मजाक उड़ाना ही एकमात्र रास्ता बचा है ? यह वीडियो उसी दर्द और सत्ता के अहंकार का कड़वा सच है।
