जयपुर पटाखा अग्निकांड का खौफनाक सच! खोह नागोरियान थाने से महज 1 किलोमीटर दूर, करीब 55 गज के रिहायशी मकान में दो साल से अवैध रूप से मौत का सामान तैयार हो रहा था। 9 जून की सुबह हुए भीषण धमाके ने एक मासूम बच्चे और दो सगे भाइयों समेत 8 मासूमों को जिंदा भून दिया। क्या प्रशासन वाकई अंधा था या फिर महीने के लिफाफों ने उसकी आंखें मूंद रखी थीं ? हादसे के बाद SHO समेत 8 पुलिसकर्मियों का सस्पेंशन, क्या इन लाशों को वापस ला पाएगा ? देखिए सिस्टम की इस खूनी लापरवाही पर ‘डेली डोज’ का यह सबसे तीखा और झकझोर देने वाला विश्लेषण!