Gaurav Bhatia Rahul Gandhi: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान भाटिया ने आरोप लगाया कि देश में इस समय दो अलग-अलग राजनीतिक सोच आमने-सामने हैं। उन्होंने एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल का जिक्र किया, जबकि दूसरी तरफ विपक्ष पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम तथा अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
भाटिया के ये आरोप राजनीतिक बयान हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केंद्र सरकार तथा चुनावी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग मौकों पर सवाल उठाते रहे हैं और अपने विरोध को लोकतांत्रिक जवाबदेही से जोड़ते हैं।
Gaurav Bhatia Rahul Gandhi: मोदी के 25 साल का किया जिक्र
गौरव भाटिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने का भी जिक्र किया।
यह अवधि 7 अक्टूबर 2001 से शुरू होती है, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद मई 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला और तब से लगातार केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। 7 अक्टूबर 2026 को इस निरंतर शासन-नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे हुए।
भाजपा ने इस अवसर को मोदी के governance record और संवैधानिक पदों पर लंबे कार्यकाल से जोड़कर पेश किया है। वहीं विपक्ष उनकी नीतियों और सरकार के फैसलों की आलोचना करता रहा है।
Gaurav Bhatia: राहुल गांधी पर क्या बोले गौरव भाटिया?
भाटिया ने राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लोकतंत्र तथा संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार ऐसी तस्वीर पेश करने की कोशिश करता है जैसे देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हों, जबकि BJP का दावा है कि संवैधानिक व्यवस्था मजबूत है।
हाल के दिनों में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तथा SIR विवाद को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 7 अक्टूबर को भी राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है। चुनाव आयोग और BJP इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
इसलिए भाटिया के “अराजकता” वाले बयान को विपक्ष के मौजूदा चुनाव आयोग विरोध की व्यापक राजनीतिक पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है।
Gaurav Bhatia: पंजाब के 50 वार्डों का मामला क्यों उठाया?
गौरव भाटिया ने अपने आरोपों के समर्थन में पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले का जिक्र किया।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 वार्डों के चुनाव रद्द कर दिए हैं। इनमें पटियाला जिले के 28 और मोगा जिले के 22 वार्ड शामिल हैं। अदालत ने इन सभी जगहों पर छह सप्ताह के भीतर दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है।
मामला दिसंबर 2024 के स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ा है।
Gaurav Bhatia: जांच आयोग को क्या मिला?
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय Fact-Finding Commission बनाया था।
Gaurav Bhatia, आयोग ने 18 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट दी। इसमें affidavits, CCTV और video footage, photographs, voter records, Returning Officers, police officials और अन्य संबंधित लोगों के बयान जांचे गए।
रिपोर्ट में nomination process के दौरान व्यापक बाधा की बात सामने आई। आयोग के मुताबिक कुछ मामलों में:
- नामांकन पत्र छीने, फाड़े या नष्ट किए गए,
- उम्मीदवारों को कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोका गया,
- कुछ लोगों को धमकाने, हिरासत में लेने या मारपीट करने के आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य मिले,
- कुछ वार्डों में bogus या multiple voting से संबंधित गंभीर सामग्री भी सामने आई।
इन निष्कर्षों के आधार पर आयोग ने कुल 50 वार्डों के चुनाव को प्रभावित माना। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की सिफारिश स्वीकार कर चुनाव रद्द कर दिए।

Gaurav Bhatia: छह सप्ताह में होंगे दोबारा चुनाव
सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने आदेश दिया कि प्रभावित 50 वार्डों में fresh elections छह सप्ताह के भीतर पूरे किए जाएं।
पुनर्मतदान स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक retired High Court judge की अध्यक्षता में monitoring committee गठित करने का निर्देश दिया गया है।
पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि राज्य को आयोग की सिफारिशें स्वीकार किए जाने पर आपत्ति नहीं है।
Gaurav Bhatia: BJP ने AAP और केजरीवाल को घेरा
इसी फैसले को आधार बनाकर भाटिया ने आम आदमी पार्टी पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि जो पार्टी कभी “स्वराज” की बात करती थी, उसके शासन वाले पंजाब में चुनाव प्रक्रिया पर इतने गंभीर सवाल सामने आए हैं। BJP ने इसके लिए पंजाब की भगवंत मान सरकार और AAP नेतृत्व से जवाब मांगा है।
Gaurav Bhatia, हालांकि यहां कानूनी रूप से यह अंतर जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि करते हुए 50 वार्डों के चुनाव रद्द किए हैं, लेकिन उपलब्ध आदेश में अरविंद केजरीवाल को व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया और न ही अदालत ने “AAP ने लोकतंत्र की हत्या की” जैसी
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