Jaipur Cyber Crime: राजस्थान की राजधानी जयपुर में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जयपुर दक्षिण पुलिस ने विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ के तहत 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी लगभग 18 करोड़ 60 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 15 मामले दर्ज किए हैं। आरोपियों से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, नकदी और एक लग्जरी वाहन सहित कई सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों और दस्तावेजों का संबंध देशभर में दर्ज 101 साइबर शिकायतों से सामने आया है।
Jaipur Cyber Crime: म्यूल हंटर अभियान में 21 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर दक्षिण के पुलिस उपायुक्त आईपीएस राजर्षि राज ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में म्यूल अकाउंट्स के जरिए होने वाली ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी पर कार्रवाई की गई।
पुलिस की विभिन्न थाना टीमों ने संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की जांच के आधार पर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने, उन खातों को साइबर ठगों को उपलब्ध कराने और धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने जैसी गतिविधियों में शामिल थे।
इस अभियान में कुल 15 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के अन्य संपर्कों और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
Jaipur Cyber Crime: 101 साइबर शिकायतों से जुड़ा 18.60 करोड़ का मामला
Jaipur Cyber Crime की इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण खुलासा बैंक खातों की जांच के दौरान हुआ।
पुलिस को आरोपियों के पास से मिली चेकबुक और पासबुक के बैंक खातों की जानकारी राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत प्रणाली पर जांचने से 101 शिकायतों का पता चला।
Jaipur Cyber Crime, ये शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज थीं। प्रारंभिक जांच में इनसे जुड़ी धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग 18 करोड़ 60 लाख रुपये सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित बैंक खातों में 45 लाख 83 हजार 504 रुपये होल्ड होने की जानकारी मिली है।
हालांकि, 18.60 करोड़ रुपये का आंकड़ा संबंधित शिकायतों में दर्ज कथित धोखाधड़ी की राशि है। इसे पुलिस द्वारा बरामद नकदी या आरोपियों से जब्त रकम नहीं समझना चाहिए।
Jaipur Cyber Crime: आरोपियों से क्या-क्या सामान बरामद हुआ?
पुलिस की कार्रवाई के दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए।
बरामदगी में 2 लाख 4 हजार 500 रुपये नकद, थाई मुद्रा के 12 नोट, 38 मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन शामिल है।
इसके अतिरिक्त पुलिस ने 25 बैंक चेकबुक, 20 पासबुक, 30 एटीएम और डेबिट कार्ड तथा अन्य व्यक्तियों के नाम से संबंधित 15 संदिग्ध पैन और आधार कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस इन दस्तावेजों के जरिए बैंक खातों के वास्तविक संचालकों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन खातों का उपयोग किन-किन साइबर अपराधों में किया गया।
Jaipur Cyber Crime: म्यूल अकाउंट्स के जरिए कैसे होती थी ठगी?
Jaipur Cyber Crime मामले में म्यूल अकाउंट्स की भूमिका प्रमुख रूप से सामने आई है।
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से प्राप्त धन को जमा करने या आगे भेजने के लिए किया जाता है। कई बार ये खाते किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर होते हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद कथित तौर पर इन खातों को 8 से 10 हजार रुपये प्रति खाते की दर से दूसरे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया जाता था।
ठगी की रकम इन खातों में जमा होने के बाद नेट बैंकिंग, यूपीआई या अन्य माध्यमों से आगे भेज दी जाती थी।
कुछ मामलों में आरोपियों पर कमीशन लेकर धोखाधड़ी की रकम नकद उपलब्ध कराने का भी आरोप है।
OLX, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी
पुलिस की जांच में साइबर धोखाधड़ी के कई तरीके सामने आए हैं।
आरोपियों पर OLX के जरिए सस्ती गाड़ियां बेचने का झांसा देने, रैपिडो से जुड़े लेनदेन में फर्जी स्क्रीनशॉट इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ठगने के आरोप हैं।
इसके अलावा कुछ मामलों में खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराने और हवाला से जुड़े मामलों में फंसाने की धमकी देकर रकम ट्रांसफर करवाने की बात सामने आई है।
इसे आमतौर पर डिजिटल अरेस्ट स्कैम कहा जाता है। इसमें अपराधी खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित पर दबाव बनाते हैं।
पुलिस को फेसबुक पर 3D मूर्तियां बेचने के नाम पर फर्जी पेज बनाकर एडवांस रकम लेने और संदिग्ध केवाईसी दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाने जैसी गतिविधियों की भी जानकारी मिली है।
Jaipur Cyber Crime: 2026 में 25 हजार से ज्यादा साइबर शिकायतों का निस्तारण
जयपुर दक्षिण पुलिस ने इस विशेष कार्रवाई के साथ वर्ष 2026 के दौरान साइबर अपराधों के खिलाफ की गई अन्य कार्रवाइयों के आंकड़े भी जारी किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी से 17 अक्टूबर 2026 तक कुल 31,976 लंबित साइबर शिकायतों में से 25,808 का निस्तारण किया गया।
इसी अवधि में लगभग 1.05 करोड़ रुपये मूल्य के 542 मोबाइल फोन बरामद कर शिकायतकर्ताओं को लौटाए गए।
इसके अलावा साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 8 करोड़ 84 लाख 86 हजार 566 रुपये विभिन्न खातों में होल्ड कराए गए।
ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0 के तहत 1 करोड़ 77 लाख 11 हजार 362 रुपये की रकम पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई।
वहीं, एमआरएम पोर्टल पर दर्ज 1,045 शिकायतों में 93 लाख 84 हजार रुपये रिफंड कराने की जानकारी भी पुलिस ने दी है।
ये आंकड़े अलग-अलग पुलिस अभियानों से संबंधित हैं, इसलिए इन्हें वर्तमान 18.60 करोड़ रुपये के मामले में हुई बरामदगी नहीं माना जाना चाहिए।
Jaipur Cyber Crime: साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता अभियान
Jaipur Cyber Crime की रोकथाम के लिए पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 20 स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से 7,000 से अधिक लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीकों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा समन्वय पोर्टल के आधार पर विभिन्न राज्यों में वांछित 944 संदिग्ध साइबर अपराधियों की तलाश और नोटिस तामील से संबंधित कार्रवाई की गई।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति को कमीशन के बदले अपने बैंक खाते का इस्तेमाल न करने दें और संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन से बचें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
निष्कर्ष: Jaipur Cyber Crime के खिलाफ चलाए गए अभियान में जयपुर दक्षिण पुलिस ने 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर 101 साइबर शिकायतों से जुड़े लगभग 18.60 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटालों का पता लगाया है। पुलिस अब बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
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