Mamata Banerjee Election Symbol: तृणमूल कांग्रेस में जारी संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अंतरिम तौर पर अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अब ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम से जाना जाएगा और इसका चुनाव चिन्ह ‘Football Player’ होगा। वहीं अरूप रॉय के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ यानी लिफाफा चुनाव चिन्ह दिया गया है।
यह व्यवस्था फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के नाम और पुराने आरक्षित ‘Flowers and Grass’ चिन्ह पर चल रहे विवाद के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगी। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को दोनों गुटों को मूल पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया था और वैकल्पिक नाम तथा free symbols के विकल्प देने को कहा था।
Mamata Banerjee Election Symbol: ममता गुट को मिला फुटबॉल प्लेयर
चुनाव आयोग के 18 सितंबर के फैसले के मुताबिक ममता बनर्जी के गुट के लिए ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम स्वीकार किया गया है।
इस गुट ने आयोग के सामने वैकल्पिक चुनाव चिन्ह के तौर पर football player और cricket bat जैसे विकल्प रखे थे। आयोग ने इनमें से Football Player को मंजूरी दी।
इसका मतलब है कि आगामी उपचुनावों में ममता गुट के उम्मीदवार पुराने ‘फूल और घास’ चिन्ह की जगह football player के निशान पर चुनाव लड़ेंगे।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक समूहों के रूप में माना जाएगा, जब तक मूल विवाद का अंतिम फैसला नहीं आता।
Mamata Banerjee Election Symbol: प्रतिद्वंद्वी गुट को मिला ‘लिफाफा’
दूसरी तरफ अरूप रॉय के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम दिया गया है।
इस खेमे का प्रतिनिधित्व पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। इस गुट ने चुनाव आयोग के सामने ‘Jatiyatabadi Trinamool Congress’ और ‘Ganatantrik Trinamool Congress’ जैसे नामों के विकल्प भेजे थे।
चुनाव चिन्ह के विकल्पों में:
- Blackboard
- Envelope
- Torch
शामिल थे।
आयोग ने आखिरकार Envelope यानी लिफाफा चिन्ह को मंजूरी दी और गुट को Democratic Trinamool Congress नाम दिया।
Mamata Banerjee Election Symbol: पुराने TMC नाम और चिन्ह पर क्यों लगी रोक?
Mamata Banerjee Election Symbol विवाद की जड़ All India Trinamool Congress के भीतर पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चल रही लड़ाई है।
चुनाव आयोग ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि उसके सामने उपलब्ध रिकॉर्ड को देखते हुए पार्टी में दो प्रतिद्वंद्वी समूह मौजूद हैं—एक ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा अरूप रॉय के नेतृत्व में—और दोनों खुद को असली All India Trinamool Congress बता रहे हैं।
इसी कारण आयोग ने Election Symbols Order, 1968 के Para 15 के तहत मामले पर विस्तृत फैसला होने तक पुराने नाम और ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी।
यह अंतिम फैसला नहीं है। आयोग को अभी यह तय करना बाकी है कि मूल पार्टी, उसके नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह पर किस गुट का दावा मान्य होगा।
Mamata Banerjee Election Symbol: नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में दिखेंगे नए चिन्ह
इस फैसले का सबसे सीधा असर पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनावों पर पड़ेगा।
दोनों गुटों की ओर से इन सीटों पर उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल किए जा चुके हैं। ममता बनर्जी गुट ने नंदीग्राम में संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर में रबिउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं प्रतिद्वंद्वी गुट की ओर से भी दोनों सीटों पर प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक एक ही पार्टी के नाम और एक ही चुनाव चिन्ह पर दोनों खेमों के उम्मीदवारों के दावे के कारण चुनाव प्रक्रिया में भ्रम की स्थिति बन सकती थी। इसी वजह से अंतरिम तौर पर अलग नाम और चिन्ह आवंटित किए गए।
Mamata Banerjee Election Symbol: नंदीग्राम में किसने दाखिल किया नामांकन?
नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी के अधिकृत Form-B के साथ संचिता प्रधान (डे) ने नामांकन किया है।
दूसरी ओर अरूप रॉय के अधिकृत Form-B के साथ एहतेशमुल हक ने खुद को TMC उम्मीदवार बताते हुए नामांकन दाखिल किया।
इसी तरह रेजीनगर में ममता गुट की ओर से रबिउल आलम चौधरी और अरूप रॉय खेमे की ओर से सफिउज्जमान शेख ने नामांकन किया है।
अब चुनाव आयोग के नए आदेश के बाद उम्मीदवारों को उनके संबंधित नए गुटीय नाम और चुनाव चिन्ह से जोड़ा जाएगा।
Mamata Banerjee Election Symbol विवाद कैसे शुरू हुआ?
तृणमूल कांग्रेस में चुनाव के बाद से संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर विवाद बढ़ा है।
प्रतिद्वंद्वी खेमे ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की National Working Committee और उसके बाद लिए गए संगठनात्मक फैसलों की वैधता को चुनौती दी। दूसरी तरफ ममता खेमे ने इन दावों का विरोध किया और पार्टी पर अपने अधिकार को वैध बताया।
दोनों पक्षों के दावे चुनाव आयोग तक पहुंचे। आयोग ने फिलहाल किसी एक खेमे को मूल TMC का अंतिम अधिकार देने के बजाय नाम और symbol को freeze करके दोनों के लिए अस्थायी व्यवस्था की है।
Mamata Banerjee Election Symbol: ऋतब्रत बनर्जी ने फैसले पर क्या कहा?
प्रतिद्वंद्वी गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे ऋतब्रत बनर्जी ने पुराने TMC नाम और चुनाव चिन्ह freeze किए जाने के चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने इसे पार्टी के अंदर संगठनात्मक नियंत्रण की लड़ाई बताते हुए कहा कि राजनीतिक दल को किसी एक व्यक्ति के निजी संगठन की तरह नहीं चलाया जा सकता। यह उनका राजनीतिक पक्ष और दावा है; मूल पार्टी पर अधिकार को लेकर अंतिम निर्णय अभी चुनाव आयोग ने नहीं दिया है।
Mamata Banerjee Election Symbol: राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को freeze किए जाने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और BJP पर आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने कहा कि शिवसेना और NCP के बाद अब तृणमूल कांग्रेस में भी वही पैटर्न देखने को मिल रहा है। उन्होंने BJP और चुनाव आयोग पर मिलकर विपक्षी दलों को तोड़ने और उनके चुनाव चिन्ह छीनने का आरोप लगाया।
उन्होंने इसे “party chori” बताते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल ममता बनर्जी की नहीं बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले राजनीतिक दलों और मतदाताओं की है।
ये राहुल गांधी के आरोप हैं; चुनाव आयोग की ओर से ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है कि उसका अंतरिम फैसला BJP के निर्देश या राजनीतिक दबाव में लिया गया।
Mamata Banerjee Election Symbol: BJP ने राहुल गांधी के आरोपों को किया खारिज
राहुल गांधी के आरोपों के बाद BJP ने भी जवाब दिया।
BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया और कहा कि राहुल गांधी को दूसरे दलों पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी के इतिहास को देखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर पूर्व में दूसरी सरकारों को अस्थिर करने के आरोप लगाए।
इस तरह चुनाव आयोग के कानूनी/संगठनात्मक फैसले के साथ इस मुद्दे पर कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है।
Mamata Banerjee Election Symbol: क्या ममता गुट को हमेशा इसी नाम से चुनाव लड़ना होगा?
फिलहाल नहीं।
Mamata Banerjee Election Symbol और ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम को मूल पार्टी विवाद का अंतिम फैसला नहीं समझना चाहिए।
चुनाव आयोग का मौजूदा फैसला अंतरिम व्यवस्था है। मूल All India Trinamool Congress के नाम और ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिन्ह पर अंतिम अधिकार किस गुट का होगा, इसका substantive determination आयोग बाद में करेगा।
जब तक फैसला नहीं आता, दोनों खेमे अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के तहत चुनावी गतिविधियां कर सकेंगे।
Mamata Banerjee Election Symbol की बड़ी बातें
- चुनाव आयोग ने TMC के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को नए नाम और चुनाव चिन्ह दिए।
- ममता गुट का नया नाम Mamata All India Trinamool Congress है।
- ममता गुट का चुनाव चिन्ह Football Player होगा।
- अरूप रॉय के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट का नाम Democratic Trinamool Congress है।
- उसका चुनाव चिन्ह Envelope होगा।
- ऋतब्रत बनर्जी अरूप रॉय खेमे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
- पुराने All India Trinamool Congress नाम और ‘Flowers and Grass’ चिन्ह का इस्तेमाल फिलहाल दोनों गुट नहीं कर सकते।
- यह व्यवस्था मूल पार्टी विवाद पर अंतिम फैसले तक है।
- नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे।
- दोनों गुटों ने दोनों सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
- राहुल गांधी ने फैसले को लेकर BJP और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
- BJP ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया।
अब चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर नजर
कुल मिलाकर Mamata Banerjee Election Symbol विवाद में चुनाव आयोग ने फिलहाल उपचुनावों के लिए रास्ता साफ करने के उद्देश्य से दोनों TMC गुटों को अलग पहचान दी है। ममता बनर्जी का खेमा football player चुनाव चिन्ह के साथ Mamata All India Trinamool Congress नाम से उतरेगा, जबकि अरूप रॉय का प्रतिद्वंद्वी खेमा Democratic Trinamool Congress और envelope चिन्ह के साथ चुनाव लड़ेगा।
Mamata Banerjee Election Symbol, लेकिन पुराने TMC नाम और ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिन्ह का भविष्य अभी तय नहीं हुआ है। इस पर चुनाव आयोग का अंतिम आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मूल पार्टी की पहचान किस गुट को मिलेगी।
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