Rahul Gandhi Politics: BJP नेता और केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पिछले कई वर्षों में उठाए गए राजनीतिक मुद्दों पर पलटवार किया है। चुनाव आयोग और EVM से लेकर बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था तथा बड़े उद्योगपतियों तक, चंद्रशेखर ने कांग्रेस और राहुल गांधी के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि इन मुद्दों को उपलब्ध तथ्यों और सरकारी आंकड़ों के साथ भी देखा जाना चाहिए।
हाल के दिनों में चंद्रशेखर राहुल गांधी की चुनाव आयोग को लेकर की गई आलोचना पर लगातार हमलावर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि 2014 के बाद कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद राहुल गांधी ने चुनावी संस्थाओं और केंद्र सरकार के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जिन्हें BJP तथ्यहीन बताती है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि वह चुनावी पारदर्शिता, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर जवाबदेही मांग रही है।
Rahul Gandhi Politics: EVM पर फिर आमने-सामने BJP-कांग्रेस
राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी की ओर से EVM को लेकर समय-समय पर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया।
राहुल गांधी ने जून 2024 में EVM को “black box” बताते हुए चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि यदि EVM पूरी तरह पारदर्शी और audit योग्य नहीं बनाई जा सकती तो इसके इस्तेमाल पर पुनर्विचार होना चाहिए।
चंद्रशेखर इस तर्क को खारिज करते रहे हैं। 2024 में Elon Musk के EVM संबंधी बयान पर भी उन्होंने कहा था कि भारत की EVM अलग architecture पर बनी हैं और उन्हें network या internet से जोड़कर operate नहीं किया जाता।
चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष भी यही है कि EVM-VVPAT व्यवस्था में कई स्तर पर verification की जाती है।
ECI के मौजूदा FAQ के मुताबिक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र या लोकसभा सीट के प्रत्येक विधानसभा खंड में पांच randomly selected polling stations की VVPAT slips का Control Unit के electronic count से मिलान अनिवार्य है। आयोग का कहना है कि अब तक 67,750 randomly selected VVPATs की slips का electronic results से मिलान किया गया और किसी उम्मीदवार ‘A’ का वोट उम्मीदवार ‘B’ को transfer होने का मामला नहीं मिला। जहां अंतर मिले, आयोग ने उन्हें mock poll से जुड़ी मानवीय गलतियों से संबंधित बताया है।
हालांकि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में अधिक व्यापक verification और transparency की मांग करता रहा है, इसलिए राजनीतिक बहस अभी खत्म नहीं हुई है।
Rahul Gandhi Politics: बेरोजगारी पर केरल के आंकड़ों का दिया हवाला
Rahul Gandhi Politics पर हमला करते हुए चंद्रशेखर ने युवाओं और बेरोजगारी से जुड़े कांग्रेस के आरोपों का भी जवाब दिया है।
राहुल गांधी लंबे समय से बेरोजगारी को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाते रहे हैं। दूसरी ओर चंद्रशेखर का तर्क है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के employment data को भी इसी कसौटी पर देखा जाना चाहिए।
इस संदर्भ में केरल के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की PLFS Annual Report 2025 के मुताबिक 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में केरल की unemployment rate usual status के आधार पर 18.2 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्र में यह 20.9 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 15.4 प्रतिशत थी। महिला युवाओं के लिए राज्य स्तर पर यह दर 29.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
हालांकि किसी एक unemployment figure से पूरी रोजगार स्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। रोजगार के आंकड़े age group, rural-urban classification, gender और measurement methodology के अनुसार अलग होते हैं।
Rahul Gandhi Politics: अर्थव्यवस्था पर राहुल गांधी के बयान का जवाब
राजीव चंद्रशेखर ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर राहुल गांधी के पुराने बयानों पर भी सवाल उठाया।
जुलाई 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को “dead economy” कहा था। राहुल गांधी ने उस टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रंप की बात सही है और उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया था।
इसके विपरीत मौजूदा आधिकारिक GDP आंकड़े मजबूत वास्तविक वृद्धि दर्ज करते हैं।
MoSPI के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की real GDP growth 7.8 प्रतिशत रही। इसी अवधि में स्थिर कीमतों पर real GDP का अनुमान ₹81.36 लाख करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹75.46 लाख करोड़ था।
हालांकि GDP growth और रोजगार या household income एक ही चीज नहीं हैं। मजबूत GDP growth होने के बावजूद रोजगार की गुणवत्ता, income distribution, manufacturing jobs और महंगाई जैसे मुद्दों पर अलग बहस हो सकती है।

अडानी-अंबानी को लेकर राहुल गांधी के आरोप
Rahul Gandhi Politics में बड़े उद्योगपतियों का मुद्दा भी लगातार चर्चा में रहा है।
राहुल गांधी ने मई 2026 में भी आरोप लगाया था कि पिछले 12 वर्षों की आर्थिक संरचना ने Gautam Adani और Mukesh Ambani जैसे बड़े कारोबारियों को अधिक लाभ पहुंचाया है। BJP और केंद्र सरकार इस तरह के cronyism के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
चंद्रशेखर का तर्क है कि कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों की राज्य सरकारें भी बड़े कारोबारी समूहों से investment और projects के लिए काम करती हैं, इसलिए केवल किसी उद्योग समूह के साथ सरकारी निवेश संबंध को पक्षपात का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
उसी तरह किसी राज्य सरकार और निजी कंपनी के बीच निवेश संबंध मौजूद होना राहुल गांधी के व्यापक नीति-संबंधी आरोपों को अपने-आप गलत भी साबित नहीं करता। इसके लिए specific contracts, policy decisions और financial benefits को अलग-अलग देखना जरूरी होगा।
Rahul Gandhi Politics: चुनाव आयोग विवाद पर चंद्रशेखर का सबसे तीखा हमला
हाल के दिनों में राजीव चंद्रशेखर और कांग्रेस के बीच सबसे ज्यादा टकराव चुनाव आयोग और SIR को लेकर हुआ है।
चंद्रशेखर ने राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने राहुल गांधी की चुनाव आयोग संबंधी टिप्पणियों को गलत बताते हुए उन पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए उनके सवाल चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से संबंधित हैं।
चुनाव आयोग ने हालिया विवाद पर कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग अधिकारियों या चुनाव आयुक्तों की observations और legal interpretations decision-making process का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन SIR सहित अंतिम फैसले आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए।
Rahul Gandhi Politics: 12 साल की राजनीति नहीं, 12 साल के राजनीतिक टकराव का मुद्दा
यहां एक तथ्य साफ करना जरूरी है। राहुल गांधी ने राजनीति में प्रवेश 2004 में किया था और उसी साल पहली बार अमेठी से लोकसभा चुनाव जीता था। इसलिए उनकी “12 साल की राजनीति” कहना सही नहीं है।
मौजूदा राजनीतिक बहस में 12 साल का संदर्भ दरअसल 2014 से 2026 तक नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल और इस दौरान राहुल गांधी की ओर से उठाए गए मुद्दों से है।
इन वर्षों में BJP और कांग्रेस के बीच अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, EVM, चुनाव आयोग, संस्थाओं की स्वतंत्रता और उद्योग नीति जैसे मुद्दों पर लगातार राजनीतिक टकराव रहा है।
राजीव चंद्रशेखर का ताजा हमला इसी बड़े राजनीतिक विमर्श का हिस्सा है। BJP राहुल गांधी के आरोपों को तथ्यहीन या अतिरंजित बताती है, जबकि कांग्रेस इन मुद्दों को सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से जोड़ती है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़े इन दावों के अलग-अलग हिस्सों का परीक्षण करने में मदद करते हैं, लेकिन कई प्रश्न राजनीतिक और नीतिगत व्याख्या के विषय बने हुए हैं।
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