Rajasthan Weather Alert: राजस्थान समेत उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी है।
राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और तेज बहाव वाली जगहों पर परेशानी बढ़ सकती है।
राजस्थान में आज कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 13 और 14 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 12 और 13 अगस्त को भारी बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
जयपुर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और तेज बहाव वाले नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
Rajasthan Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
मौसम में बदलाव की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भी है। IMD के मुताबिक 12 अगस्त को उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अगले 12 घंटों में और अधिक संगठित होने तथा बाद के 24 घंटों में डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है।
इस सिस्टम के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसका असर राजस्थान के कुछ हिस्सों पर भी देखने को मिल रहा है।
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मध्यप्रदेश में भी तेज बारिश का दौर
मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। इससे पहले पश्चिमी मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने भी मध्यप्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावनाएं जताई हैं।
तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन की ओर से भी ऐसे क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
राजस्थान के इन इलाकों में बारिश का अलर्ट
Rajasthan Weather Alert IMD के ताजा अलर्ट के अनुसार 12 अगस्त को राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इनमें जयपुर, दौसा, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सवाई माधोपुर, नागौर, पाली और सिरोही समेत कई क्षेत्र शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर मौसम की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी खास जिले के लिए मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
Rajasthan Weather Alert: पहाड़ी राज्यों में भी बारिश से परेशानी
राजस्थान और मध्यप्रदेश के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में भी मानसून का असर दिखाई दे रहा है। IMD ने हिमालयी क्षेत्र में 12 से 18 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
Rajasthan Weather Alert पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक नदियों-नालों में पानी बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह के अनुसार ही यात्रा करनी चाहिए।
तेज बारिश के बीच हादसों ने बढ़ाई चिंता
Rajasthan Weather Alert मानसून के दौरान तेज बहाव वाले नालों और जलमग्न रास्तों को पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। आपके दिए विवरण के अनुसार मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर मार्ग पर एक वैन के उफनते नाले में बहने की घटना में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि दो लोगों को बचाया गया।
यह हादसा एक बार फिर बताता है कि बारिश के दौरान उफनते नालों और पुलियाओं को पार करने का प्रयास कितना खतरनाक हो सकता है। ऐसे स्थानों पर प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
Rajasthan Weather Alert के तहत आने वाले दिनों में भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 13-14 अगस्त के दौरान बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी 13 से 15 अगस्त के दौरान गरज-चमक की संभावना है।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखना जरूरी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले से जलभराव या तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- तेज बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- उफनते नाले, नदी और पुलिया पार करने की कोशिश न करें।
- बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों से दूरी रखें।
- जलभराव वाले रास्तों में वाहन लेकर जाने से बचें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।




