Sikkim Landslide: लगातार बारिश के बीच पश्चिम सिक्किम के रिंबी क्षेत्र में एक बार फिर पहाड़ी ढलान खिसकने से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। रिंबी से केंचुपेरी और युक्सोम की ओर जाने वाले मार्ग पर मिट्टी, पत्थर और भारी मलबा आने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों की परेशानी बढ़ गई है। इलाके में पहले से सक्रिय landslide zones के कारण आसपास की बस्तियों और मकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
रिंबी और सिंगलितम इलाके पिछले कई हफ्तों से लगातार landslide activity झेल रहे हैं। सिक्किम सरकार ने अगस्त में भी यहां सक्रिय भूस्खलन के कारण दर्जनों परिवारों को जोखिम वाले क्षेत्र में बताया था और कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया था।
Sikkim Landslide: मलबे से सड़क संपर्क प्रभावित
Sikkim Landslide के ताजा दौर में रिंबी क्षेत्र की पहाड़ी से मिट्टी, चट्टानें और debris नीचे आने से महत्वपूर्ण सड़क प्रभावित हुई।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक landslide ने रिंबी को युक्सोम और केंचुपेरी से जोड़ने वाले हिस्से को बाधित किया। कुछ जगह सड़क पर इतना मलबा जमा हुआ कि पैदल आवाजाही भी जोखिम भरी बताई गई।
यह मार्ग स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों के लिए भी अहम है, क्योंकि केंचुपेरी झील और युक्सोम पश्चिम सिक्किम के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल हैं।
भारी बारिश जारी रहने पर सड़क से debris हटाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि ऊपर की ढलान पूरी तरह स्थिर न होने पर दोबारा landslide का खतरा बना रहता है।
Sikkim Landslide: आसपास के मकानों को लेकर बढ़ी चिंता
रिंबी और सिंगलितम इलाके में सबसे बड़ी चिंता केवल सड़क बंद होने तक सीमित नहीं है।
सितंबर की शुरुआत में प्रकाशित स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार recurring landslides के कारण रिंबी और सिंगलितम के आसपास कई बस्तियां vulnerable बनी हुई हैं। रिंबी बाजार के पास रहने वाले दो परिवारों को पहले ही एहतियातन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया था।
अगस्त में हुए बड़े landslide के बाद प्रशासन ने सिंगलितम में आठ और रिंबी में चार मकानों को high-risk category में पहचाना था। कई प्रभावित परिवारों को राहत शिविर या रिश्तेदारों के घर भेजा गया।
इसलिए ताजा भूस्खलन के बाद आसपास के मकानों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता स्वाभाविक रूप से और बढ़ गई है।
Sikkim Landslide: बारिश से कमजोर हो रही पहाड़ी
लगातार बारिश पहाड़ी इलाकों में landslide risk बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में से एक है।
जब पानी लंबे समय तक मिट्टी और चट्टानों के बीच प्रवेश करता रहता है तो slope की stability कमजोर हो सकती है। इससे पहाड़ का हिस्सा अचानक नीचे खिसक सकता है।
रिंबी-सिंगलितम इलाके में समस्या इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यहां अगस्त से लगातार landslide activity दर्ज की जा रही है। सिक्किम सरकार के मुताबिक एक समय 30 households रिंबी और 8 households सिंगलितम में प्रभावित क्षेत्र के भीतर आ गए थे।
यही वजह है कि प्रशासन को सिर्फ debris हटाने के साथ slope stability की भी लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।
2 सितंबर को भी टूटा था सड़क संपर्क
Sikkim Landslide की यह समस्या कोई एक दिन की घटना नहीं है।
2 सितंबर को रिंबी में एक बड़े landslide के साथ Siksa Khola से भारी पानी और मलबा आने के कारण Geyzing-Pelling-Yuksom route यानी State Highway-27 का एक हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
सिक्किम सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उस घटना के बाद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई थी और 72nd Battalion SSB headquarters का सड़क संपर्क भी कट गया था।
उस समय किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं थी, लेकिन सड़क की मरम्मत और debris clearance के लिए प्रशासन को कई एजेंसियों को मौके पर लगाना पड़ा था।
बार-बार हो रहे Landslide से स्थानीय लोग चिंतित
रिंबी-सिंगलितम इलाके में अगस्त से लगातार landslide की घटनाएं सामने आने के कारण स्थानीय निवासी long-term solution की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि हर बार केवल मलबा हटाकर सड़क खोलना स्थायी समाधान नहीं है। पहाड़ी ढलानों की strengthening, drainage management और retaining structures जैसे measures जरूरी हैं।
स्थानीय लोगों की चिंता यह भी है कि एक ही slope बार-बार खिसकने पर आसपास की जमीन, खेती और residential structures को धीरे-धीरे ज्यादा नुकसान हो सकता है।
High Court ने भी सड़क सुरक्षा पर जताई चिंता
सिक्किम में लगातार landslides और sinking roads की समस्या अब न्यायिक स्तर तक पहुंच गई है।
Sikkim High Court ने 8 सितंबर को राज्य सरकार को fragile Himalayan terrain के लिए climate-resilient road construction framework तैयार करने की दिशा में काम करने को कहा है।
अदालत ने Chief Secretary को BRO, NHIDCL, state road agencies और geological तथा geotechnical experts के साथ high-level meeting करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में बारिश के दौरान सड़कें बार-बार landslide और slope failure की चपेट में आ रही हैं।
Sikkim Landslide की बड़ी बातें
- रिंबी क्षेत्र में हालिया बारिश के बीच फिर landslide activity सामने आई।
- रिंबी-केंचुपेरी/युक्सोम route के हिस्से में मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ।
- इलाके में कई मकान पहले से landslide risk zone में हैं।
- रिंबी बाजार के पास दो परिवारों को हाल में सुरक्षित स्थान पर shift किया गया था।
- अगस्त में रिंबी और सिंगलितम में कई परिवारों को relocate करना पड़ा था।
- सिंगलितम में 8 और रिंबी में 4 houses high risk में चिन्हित किए गए थे।
- 2 सितंबर को State Highway-27 भी बड़े landslide से बंद हुआ था।
- लगातार बारिश से slope stability को लेकर चिंता बनी हुई है।
- Sikkim High Court ने climate-resilient road framework तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क बहाली के साथ सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
फिलहाल Sikkim Landslide के बाद प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। पहली, प्रभावित सड़क से सुरक्षित तरीके से मिट्टी और चट्टानों को हटाकर connectivity बनाए रखना। दूसरी, आसपास की अस्थिर पहाड़ी और residential areas का लगातार assessment करना।
बारिश जारी रहने पर किसी भी जल्दबाजी में debris clearance करना भी जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ऊपर की ढलान से फिर मलबा गिर सकता है।
रिंबी और सिंगलितम में पिछले एक महीने की घटनाओं से साफ है कि यहां समस्या केवल एक सड़क बंद होने की नहीं, बल्कि पूरे slope zone की stability से जुड़ी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम, प्रशासनिक निरीक्षण और slope protection measures पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी।
आधिकारिक अपडेट के लिए Sikkim Government और राज्य के disaster-related updates के लिए सरकार के Information & Public Relations Department को देखा जा सकता है।
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