Sugar Price: दशहरा-दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले आम लोगों और मिठाई कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। देश में चीनी की थोक कीमतों में हाल के उच्च स्तर से तेज गिरावट देखने को मिली है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मुताबिक पूरे देश में चीनी का औसत एक्स-मिल भाव अब करीब ₹4,450 प्रति क्विंटल पर आ गया है। यह हाल के पीक स्तर से करीब 30 प्रतिशत कम है।
गिरावट का असर खुदरा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। उद्योग संगठनों के मुताबिक देशभर में औसत रिटेल चीनी की कीमत करीब 11-12 प्रतिशत घटकर ₹57.5 प्रति किलो के आसपास आ गई है। हालांकि मिल स्तर पर आई पूरी गिरावट अभी दुकानों तक नहीं पहुंची है। आने वाले हफ्तों में पुराने महंगे स्टॉक के खत्म होने और कम कीमत वाला नया माल बाजार में पहुंचने के साथ खुदरा कीमतों में और नरमी संभव है।
Sugar Price में करीब 30% की गिरावट
हाल के दिनों में Sugar Price में सबसे बड़ी राहत एक्स-मिल स्तर पर देखने को मिली है। अगस्त में चीनी के भाव तेजी से बढ़े थे और कुछ जगह मिल स्तर की कीमत ₹6,500 प्रति क्विंटल से भी ऊपर पहुंच गई थी। सितंबर की शुरुआत तक औसत एक्स-मिल भाव करीब ₹4,800 पर आ गया और अब उद्योग संगठनों के मुताबिक यह करीब ₹4,450 प्रति क्विंटल है।
ISMA और NFCSF ने कहा कि अगस्त में ऊंची कीमतों वाला दौर ज्यादा लंबा नहीं चला। 17 से 31 अगस्त के बीच मिलों ने करीब 7.22 लाख टन चीनी औसतन ₹4,996.98 प्रति क्विंटल की दर से बेची थी। यह मात्रा देश की सालाना घरेलू खपत के 2.5 प्रतिशत से भी कम बताई गई है।
इसका मतलब है कि हाल की ऊंची कीमतों पर चीनी की कुल सालाना सप्लाई का बहुत छोटा हिस्सा ही बाजार में गया।
Sugar Price: खुदरा बाजार में कितनी सस्ती हुई चीनी?
Sugar Price में गिरावट अब धीरे-धीरे ग्राहकों तक भी पहुंच रही है।
21 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख राज्यों में औसत खुदरा कीमतें इस प्रकार थीं:
- उत्तर प्रदेश में करीब ₹55.09 प्रति किलो
- दिल्ली में करीब ₹55 प्रति किलो
- महाराष्ट्र में करीब ₹56.74 प्रति किलो
- कर्नाटक में करीब ₹56.19 प्रति किलो
- तमिलनाडु में करीब ₹57.45 प्रति किलो
- देश का औसत खुदरा भाव करीब ₹57.5 प्रति किलो
उद्योग संगठनों के अनुसार खुदरा स्तर पर कीमतें करीब 11-12 प्रतिशत नीचे आ चुकी हैं।
थोक भाव गिरा तो दुकान पर तुरंत सस्ती क्यों नहीं होती चीनी?
कई ग्राहकों के मन में सवाल होता है कि जब चीनी का एक्स-मिल भाव इतनी तेजी से गिर गया है तो किराना दुकान पर उसकी कीमत उसी अनुपात में तुरंत कम क्यों नहीं होती।
इसकी एक बड़ी वजह supply chain है।
मिल से निकलने के बाद चीनी wholesalers, distributors और retailers के जरिए ग्राहक तक पहुंचती है। इनके पास पहले से खरीदा हुआ महंगा stock मौजूद हो सकता है। जब पुराना stock खत्म होता है और नई कम कीमत वाली चीनी बाजार में पहुंचती है, तब retail prices में पूरी गिरावट दिखाई देने लगती है।
इसी वजह से ex-mill और retail price movement के बीच कुछ समय का अंतर रह सकता है। सितंबर की शुरुआत में भी मिल स्तर पर कीमतें 23 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुकी थीं, जबकि उस समय खुदरा गिरावट करीब 4 प्रतिशत थी। बाद में retail correction बढ़कर करीब 11-12 प्रतिशत हो गया।
Sugar Price नियंत्रित करने के लिए सरकार ने उठाए कदम
त्योहारी सीजन में चीनी की कमी या अचानक बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने भी कई कदम उठाए हैं।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मुताबिक सरकार ने sugar dealers पर stockholding limits लगाईं और bulk consumers के लिए भी चीनी के stock पर सीमाएं लागू कीं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त टीमें मिलों में चीनी stocks का physical verification भी कर रही हैं, ताकि hoarding और artificial shortage को रोका जा सके।
सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन raw sugar के duty-free import की भी अनुमति देने का फैसला किया।
Sugar Price: 15 अक्टूबर से crushing शुरू करने की सलाह
त्योहारी सीजन में supply बढ़ाने के लिए राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर 2026 से sugarcane crushing शुरू करने की सलाह दी गई है।
सरकार का अनुमान है कि इससे अक्टूबर में चीनी उत्पादन आम तौर पर होने वाले 3-4 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा हो सकता है। इससे festive season के दौरान बाजार में उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने व्यापारियों से ग्राहकों तक राहत पहुंचाने को कहा
18 सितंबर को केंद्र सरकार ने कहा कि खुदरा चीनी के दाम करीब 10 प्रतिशत नीचे आए हैं। साथ ही traders, wholesalers और retailers से lower ex-mill prices का फायदा consumers तक पहुंचाने को कहा गया।
सरकार ने bulk consumers की stockholding व्यवस्था में भी कुछ राहत दी है। निर्धारित शर्तों के तहत stockholding limit 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन की गई, लेकिन अतिरिक्त 15 दिन का stock निर्धारित imported sugar sources से ही लेने की शर्त रखी गई है।
Sugar Price: त्योहारों में चीनी की सप्लाई पर क्या स्थिति?
Sugar Price में गिरावट के साथ industry bodies का कहना है कि festive season के दौरान affordable और uninterrupted sugar supply बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
ISMA और NFCSF ने कहा कि उद्योग चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के साथ किसानों के cane dues का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दे रहा है।
Sugar Season 2025-26 में मिलों द्वारा करीब ₹1.12 लाख करोड़ के cane dues का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल देय राशि का लगभग 97 प्रतिशत से ज्यादा है।
Sugar Price: क्या दिवाली तक और सस्ती हो सकती है चीनी?
मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि मिल स्तर पर चीनी की कीमत में तेज correction हो चुका है, लेकिन खुदरा बाजार में इसका पूरा असर अभी धीरे-धीरे पहुंच रहा है।
अगर supply सामान्य रहती है, imported raw sugar बाजार में आती है और crushing season समय पर शुरू होता है, तो आने वाले हफ्तों में retail prices में और नरमी देखने को मिल सकती है। हालांकि किसी निश्चित खुदरा कीमत की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि अलग-अलग शहरों में transportation, local supply, demand और retailer margins की वजह से भाव अलग हो सकते हैं।
यानी ग्राहकों के लिए राहत शुरू हो चुकी है, लेकिन ₹4,450 प्रति क्विंटल का आंकड़ा ex-mill average price है, इसे सीधे दुकान पर मिलने वाली ₹44.50 प्रति किलो कीमत नहीं समझना चाहिए।
Sugar Price की बड़ी बातें
- देश में औसत ex-mill चीनी का भाव करीब ₹4,450 प्रति क्विंटल रह गया है।
- यह हाल के peak से लगभग 30 प्रतिशत नीचे है।
- Retail sugar prices करीब 11-12 प्रतिशत घटे हैं।
- औसत retail price करीब ₹57.5 प्रति किलो बताई गई है।
- सरकार ने 10 लाख MT raw sugar के duty-free import की अनुमति देने का फैसला किया है।
- Sugar stocks पर सरकार निगरानी कर रही है।
- 15 अक्टूबर से mills को crushing शुरू करने की सलाह दी गई है।
- सरकार ने traders और retailers से कम ex-mill कीमत का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने को कहा है।
Sugar Price: आने वाले हफ्तों में कीमतों पर रहेगी नजर
कुल मिलाकर Sugar Price के मोर्चे पर त्योहारी सीजन से पहले ग्राहकों को राहत मिलनी शुरू हो गई है। अगस्त में तेजी के बाद अब औसत ex-mill price करीब ₹4,450 प्रति क्विंटल पर आ गया है और retail prices में भी करीब 11-12 प्रतिशत की correction दिखाई दे रही है।
सरकार के stock-control measures, raw sugar imports और अक्टूबर से बढ़ने वाले घरेलू उत्पादन के चलते festive season में supply बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि mill स्तर पर आई बड़ी गिरावट का कितना फायदा और कितनी जल्दी आम ग्राहक तक पहुंचता है।
आधिकारिक sugar policy और supply से जुड़ी जानकारी के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग देखा जा सकता है।
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